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15-17 साल के बच्चों ने वैक्सीनेशन से बनाई दूरी:1.19 करोड़ दूसरी डोज लगवाने नहीं पहुंचे, 1.80 करोड़ ने पहला डोज भी नहीं लगवाया

नई दिल्ली5 महीने पहले

बुधवार से 12 से 14 साल उम्र के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। लेकिन तीसरी लहर के बाद संक्रमण की रफ्तार घटने से वैक्सीनेशन को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। देश में 3 जनवरी से 15 से 17 साल उम्र वाले बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू किया गया।

लेकिन इस उम्र के 1.19 करोड़ से अधिक बच्चों ने पहला डोज लगवाने के 45 दिन पूरे हो जाने के बाद भी दूसरी डोज नहीं लगवाया है। इनमें बिहार के बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। वहीं, राजस्थान के बच्चों की संख्या सबसे कम है।

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45 दिन बीत जाने के बाद भी डोज लगवाने नहीं पहुंचे
देश में 31 जनवरी 2022 तक 4.66 करोड़ बच्चों ने पहला डोज लगवाया था। 45 दिन पूरे होने के बाद 15 मार्च तक इतनी संख्या में दूसरा डोज लग जाना चाहिए था, लेकिन यह संख्या 3.47 करोड़ ही है। यानी 1.19 करोड़ (25.5%) बच्चों के दूसरा डोज लगवाने का समय निकल चुका है।

देश में 15 से 17 उम्र वाले 7.40 करोड़ बच्चे हैं। इनमें से 15 मार्च तक 5.60 करोड़ बच्चो ने ही पहला डोज लगवाया है। करीब 1.80 करोड़ बच्चों ने पहला डोज भी नहीं लगवाया है।

नए वैरिएंट की आशंका
नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन के अध्यक्ष (NTAGI) डॉ. एन. के अरोड़ा का कहना है कि चीन में केस बढ़ रहे हैं। ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट से नया वैरिएंट बन सकता है। इस वजह से बच्चों को वैक्सीन जरुर लगवाना चाहिए।

पहले ही दिन 12 से 14 साल के 2.5 लाख बच्चों ने वैक्सीन लगवाई
केंद्र सरकार के मुताबिक, बुधवार को 12 से 14 साल के 2.5 लाख से अधिक बच्चों ने डोज लगवाया। देश में 12 से 14 साल उम्र के बच्चों की संख्या 4.7 करोड़ है। इन्हें बायोलॉजिकल-ई के कोर्बेवैक्स वैक्सीन के दो डोज 28 दिन के गैप पर दिए जाएंगे। बुधवार से ही 60 साल से अधिक उम्र वाले सभी बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगना भी शुरू हो गया है।