आज का इतिहास:द वॉल्ट डिज्नी कंपनी का जन्मदिन; चूहे की उछलकूद देखकर मिकी माउस का आइडिया आया, इसने डिज्नी को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का बादशाह बनाया

3 महीने पहले
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आपके बचपन की खूबसूरत यादों में मिकी माउस और डोनाल्ड डक तो जरूर होंगे। आज इन कार्टून कैरेक्टर को बनाने वाली कंपनी डिज्नी का जन्मदिन है। 16 अक्टूबर 1923 को बनी डिज्नी कंपनी आज 98 साल की हो गई है।

डिज्नी को वॉल्ट और रॉय नामक दो भाइयों ने बनाया था। कैलिफोर्निया में शुरू की गई इस कंपनी का शुरुआती नाम था - डिज्नी ब्रदर्स कार्टून स्टूडियो। जब कंपनी शुरू हुई तो वॉल्ट डिज्नी ने कई संकटों का सामना किया। खाने के लिए भी पैसे नहीं होते थे। कार्टून बिक नहीं पाते थे।

मई 1928 में डिज्नी की किस्मत बदली। डिज्नी ने अपनी पहली शॉर्ट फिल्म “प्लेन क्रेजी” की टेस्ट स्क्रीनिंग की। ये फिल्म चार्ल्स लिंडबर्ग की अटलांटिक के ऊपर से पहली उड़ान से प्रेरित थी। इस फिल्म में पहली बार मिकी हाउस लोगों के सामने आया।

फिल्म “प्लेन क्रेजी” में लोगों ने पहली बार मिकी माउस को देखा था।
फिल्म “प्लेन क्रेजी” में लोगों ने पहली बार मिकी माउस को देखा था।

ये फिल्म दो हफ्ते तक थिएटर में रही और डिज्नी को इससे 1 हजार डॉलर की कमाई हुई। इसके बाद डिज्नी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

डिज्नी को बेहद सफल बनाने वाले कैरेक्टर मिकी माउस की कहानी भी अजीब है। वॉल्ट अपने स्टूडियो में बैठे थे, तभी उनके टेबल पर एक चूहा चढ़ गया था। चूहे की उछलकूद देखकर ही वॉल्ट को मिकी माउस का आइडिया आया था।

मिकी माउस ने न केवल वॉल्ट डिज्नी को पहचान दिलाई, बल्कि ऐसी सक्सेस स्टोरी लिखी कि पूरी दुनिया आज भी देख रही है।

2020 में वॉल्ट डिज्नी का ग्लोबल रेवेन्यू 38.7 बिलियन डॉलर रहा। फोर्ब्स के मुताबिक इसकी ब्रांड वैल्यू 61.3 बिलियन डॉलर है। डिज्नी मीडिया बिजनेस नेटवर्क के पास डिज्नी चैनल, ईएसपीएन, हिस्ट्री, लाइफटाइम जैसे कई चैनल हैं।

1905: बंगाल का विभाजन हुआ

मुसलमानों और हिंदुओं को बांटने के लिए अंग्रेजों ने बंगाल के मुस्लिम-बहुल क्षेत्र को मिलाकर नया प्रांत बनाया। 16 अक्टूबर 1905 से यह बंटवारा लागू हुआ। इसके खिलाफ न केवल नेता, बल्कि बच्चे-बूढ़े, महिला-पुरुष सब सड़कों पर आ गए। पूरे बंगाल में इसे शोक पर्व के रूप में मनाया गया।

रवीन्द्रनाथ टैगोर तथा अन्य प्रबुद्ध लोगों ने आग्रह किया कि इस दिन सब लोग एक-दूसरे के हाथ में राखी बांधें। संकल्प लें कि जब तक यह काला आदेश वापस नहीं लिया जाता, वे चैन से नहीं बैठेंगे। छह साल तक आंदोलन चला। लाल, बाल, पाल की तिकड़ी ने पूरे देश में इसे पहुंचाया। ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम ने 11 दिसम्बर 1912 को दिल्ली में दरबार लगाकर यह आदेश वापस लिया। इतना ही नहीं उन्होंने वायसराय लार्ड कर्जन को वापस बुलाकर उसके बदले लार्ड हार्डिंग को भारत भेजा।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बंग-भंग आंदोलन का बहुत महत्व है। सही मायनों में इसने ही देश में राष्ट्रवाद के बीज बोए।

बंगाल विभाजन के फैसले के बाद स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ और पूरे देश में चरखा इस आंदोलन का प्रतीक बन गया।
बंगाल विभाजन के फैसले के बाद स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ और पूरे देश में चरखा इस आंदोलन का प्रतीक बन गया।

76 साल का हुआ यूएन एफएओ

यूनाइटेड नेशंस (यूएन) फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (एफएओ) की स्थापना 16 अक्टूबर 1945 को हुई थी। 1979 में रोम में एफएओ के इवेंट में तय हुआ कि 1981 से हर साल 16 अक्टूबर को वर्ल्ड फूड डे के तौर पर मनाया जाएगा। हर साल एक अलग थीम तय की जाती है। यह दिन फूड सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करना है।

इस साल यूएन का फोकस है फूड हीरोज- किसान और फूड सिस्टम से जुड़े सभी कर्मचारियों के योगदान का महत्व हर एक को समझाने पर। कोविड-19 महामारी के इस दौर में वंचित तबका और गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं और ऐसे में उन्हें आवश्यक मदद देना बहुत जरूरी है।

दुनियाभर में इस दिन अलग-अलग कार्यक्रम होते हैं। अगर आप भी एफएओ की तरफ से हो रही पोस्टर कॉम्पिटीशन में हिस्सा लेना चाहते हैं तो नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें। शर्त ये है कि आपकी उम्र 5 से 19 साल तक होना चाहिए। 5 नवंबर से पहले आप अपने पोस्टर लिंक पर अपलोड कर सकते हैं।

https://www.fao.org/world-food-day/youth/contest/en/

16 अक्टूबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

16 अक्टूबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2012ः सौरमंडल के बाहर एक नए ग्रह ‘अल्फा सेंचुरी बीबी’ का पता चला।

2011ः भारतीय मूल के धावक 100 वर्षीय फौजा सिंह ने सबसे अधिक उम्र में टोरंटो वाटर फ्रंट मैराथन पूरी की।

2004ः अमेरिका ने इराकी अबू मुसार जल जरकावी के संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित किया।

2003ः मलयाली फिल्मकार अडूर गोपाकृष्णन को फ्रांस के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘कमांडर ऑफ द आर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लैटर्स’ से सम्मानित किया गया।

1999ः अमेरिका ने सैन्य शासन के विरोध में पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाया।

1984ः दक्षिण अफ्रीका के सामाजिक कार्यकर्ता डेसमंड टुटु को शांति के लिये नोबेल पुरस्कार दिया गया।

1968ः हरगोविंद खुराना को चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

1964ः चीन ने अपना पहला परमाणु विस्फोट किया।

1959ः राष्ट्रीय महिला शिक्षा परिषद की स्थापना।

1951ः पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की रावलपिंडी में गोली मारकर हत्या।

1939: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने ब्रिटिश क्षेत्र पर पहला हमला किया।