हरियाणा / अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन: रफाल के लिए दोबारा शुरू की 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन, प्रतीक चिन्ह सौंपा



गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के म्यूजियम का उद्घाटन करते धनोआ। गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के म्यूजियम का उद्घाटन करते धनोआ।
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गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के म्यूजियम का उद्घाटन करते धनोआ।गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के म्यूजियम का उद्घाटन करते धनोआ।

  • चौथी प्लस पीढ़ी के रफाल विमानों को हासिल करने के बाद इन्हें गोल्डन एरो स्क्वाड्रन सबसे पहले उड़ाएगी
  • स्क्वाड्रन के करीब 24 पायलट अभी फ्रांस में विमानों का प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2019, 07:34 AM IST

अम्बाला. अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन में भंग हो चुकी नंबर 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को मंगलवार फिर से शुरू किया गया है। चौथी प्लस पीढ़ी के रफाल विमानों को हासिल करने के बाद इन्हें गोल्डन एरो स्क्वाड्रन सबसे पहले उड़ाएगी। इसके लिए स्क्वाड्रन के करीब 24 पायलट अभी फ्रांस में विमानों का प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। पहले 20 सितंबर को अम्बाला में रफाल विमानों का आगमन तय था, मगर कुछ कारणों से अब एयरफोर्स दिवस के दिन 8 अक्तूबर को राफेल विमान इंडियन एयरफोर्स को सौंपे जाएंगे। 

 

एयरफोर्स स्टेशन पर मंगलवार को एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने गोल्डन एरो स्क्वाड्रन का प्रतीक चिन्ह स्क्वाड्रन के नामित कमांडिंग आफिसर ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह को सौंपा। धनोआ ने कहा कि उन्हें बहुत प्रसन्नता है कि स्क्वाड्रन आज वापस अपने घर लौट आई है। एयर चीफ ने एयरफोर्स स्टेशन के भीतर ही स्थापित गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के म्यूजियम का भी उद्घाटन किया। मौके पर वेस्टर्न कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल आर नामबियार, अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन के एओसी डी जोशी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 

 

रफाल में हेल्मेट माउंटेड डिस्पले, राडार वार्निंग रिसिवर, लो बैंड जैम्मर, दस घंटे तक फ्लाइट डाटा रिकार्डिंग, इंफ्रा रेड सर्च, ट्रेकिंग सिस्टम, परमाणु हथियार ले जाने क्षमता एवं अन्य कई फीचर हैं। रफाल पर देश के वेस्टर्न फ्रंट की सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी होगी। फ्रांस सरकार से 36 राफेल विमान इंडियन एयरफोर्स द्वारा खरीदे जा रहे हैं। 18 विमानों की एक स्क्वाड्रन अम्बाला और दूसरी स्क्वाड्रन पश्चिम बंगाल के हाशीमारा में होगी।

 

58 बरस पहले अम्बाला में हुआ था गोल्डन एरो स्क्वाड्रन का गठन
इंडियन एयरफोर्स में सन् पहली अक्टूबर 1951 में अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन में ही गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को गठित किया गया था। तब इस स्क्वाड्रन की कमांड फ्लाइट लेफ्टिनेंट डीएल स्प्रिंगेट के हाथों में थी। उस समय हारवार्ड-टू बी स्क्वाड्रन उड़ाती थी। इसके उपरांत 1955 में डी हैवीलैंड वेम्पायर विमान, फिर 1957 में हंटर विमान और 1975 में स्क्वाड्रन को मिग-21 विमानों का संचालन दिया गया।

 

स्क्वाड्रन के पायलटों ने विभिन्न मोर्चों पर अपनी उच्च किस्म के सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया है। गोवा लिब्रेशन में 1961 से 1965 तक स्क्वाड्रन ने कई आॅपरेशन किए। 1971 में भारत-पाक युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाई। 1988 में स्क्वाड्रन को प्रेजिडेंट कलर से सम्मानित किया गया। 1999 कारगिल युद्ध में स्क्वाड्रन ने तब विंग कमांडर रहे बीएस धनोआ के नेतृत्व में कई ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

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