सीटिंग अरेंजमेंट का फॉर्मूला / लोकसभा में पहली पंक्ति में 20 सीटें, 13 सीटों पर एनडीए के नेता बैठे; कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं



17th Lok Sabha Seating Arrangement; Know Who Will Be and Who Will Not
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17th Lok Sabha Seating Arrangement; Know Who Will Be and Who Will Not

  • 17वीं लोकसभा का पहला सत्र 26 जुलाई तक चलेगा, आज और कल सदस्यों का शपथ ग्रहण होगा
  • इस बार लोकसभा की पहली पंक्ति का नजारा बदला, 5 बड़े चेहरों की जगह नए चेहरे दिखे
  • लोकसभा 6 ब्लॉक में बंटी हुई हैं, इनमें 4 पर एनडीए का कब्जा; विपक्ष दो ब्लॉक तक सीमित

Dainik Bhaskar

Jun 20, 2019, 07:25 PM IST

नई दिल्ली. लोकसभा की पहली पंक्ति इस बार बदली हुई नजर आई। लालकृष्ण आडवाणी और एचडी देवेगौड़ा समेत 5 बड़े नेता जो सालों से पहली पंक्ति में दिखाई देते थे, उनकी जगह इस बार नए चेहरे नजर आए। आडवाणी की जगह थावरचंद गहलोत बैठे, तो सुषमा स्वराज की जगह अमित शाह ने ली। उधर, विपक्ष में सोनिया गांधी के बगल में देवेगौड़ा की जगह फारुक अब्दुल्ला नजर आए। लोकसभा के सिटिंग फॉर्मूले के मुताबिक, पहली पंक्ति की 20 में से 11 सीटें भाजपा को मिलीं, जबकि कांग्रेस के हिस्से 2 सीटें आईं।

 

पहली पंक्ति में 13 सीटें एनडीए को
स्पीकर के दायीं ओर सरकार में शामिल दल बैठते हैं। पहले ब्लॉक में प्रधानमंत्री मोदी बैठे हैं। उनके साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बैठे हैं। पिछली लोकसभा में भी वे पीएम मोदी के साथ ही बैठते थे। पहली पंक्ति में नया चेहरा अमित शाह का है, जो सुषमा स्वराज की जगह बैठे हैं। उनके साथ थावरचंद गहलोत और नितिन गडकरी और सदानंद गौड़ा बैठे हैं। इनके अलावा भाजपा नेताओं में पहली पंक्ति में रविशंकर प्रसाद, नरेन्द्र सिंह तोमर, शाहनवाज हुसैन और अर्जुन मुंडा बैठे हैं। भाजपा के सहयोगी दलों में से अकाली दल और लोजपा को फ्रंट सीट मिली हैं। अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर और लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पास पहली पंक्ति में बैठे हैं। इस तरह दायीं ओर से शुरुआती चार ब्लॉक की पहली पंक्ति में एनडीए नेता बैठे हुए हैं। पीछे की पंक्तियां भी इसी तरह बांटी गई हैं। 6 में से 4 ब्लॉक पर भाजपा और उनके सहयोगी दल बैठे हुए हैं। चौथे ब्लॉक की केवल 10 के करीब सीटें अन्य दलों को मिलीं हैं।

 

बायीं ओर के दो ब्लॉक में सिमटा विपक्ष
विपक्षी दलों को बाकी बचे दो ब्लॉक में सीटें मिलीं हैं। इनकी पहली पंक्ति की 7 सीटों में से एक पर लोकसभा के डिप्टी स्पीकर बैठेंगे। फिलहाल यह सीट खाली है। बाकी बची 6 में 3 यूपीए और 3 अन्य दलों को मिली हैं। पहली पंक्ति में सोनिया गांधी, फारुक अब्दुल्ला के साथ बैठी हैं।

 

लोकसभा : ब्लॉक और पहली पंक्ति में सीटों की व्यवस्था
मौजूदा लोकसभा में 550 सांसदों के बैठने की व्यवस्था है। ये 550 सीटें 6 ब्लॉक में बंटी हुई हैं। हर एक ब्लॉक में 11 पंक्तियां हैं। स्पीकर के दायीं ओर पहला ब्लॉक और बायीं ओर छठा ब्लॉक होता है। इन दोनों ब्लॉक में 97-97 सीटें होती हैं। बाकी बीच के चार ब्लॉक में 89-89 सीटें होती है। इन 6 ब्लॉक में पहली पंक्ति में कुल 20 सीटें होती हैं।

 

सिटिंग अरेंजमेंट का फॉर्मूला
सदन की प्रक्रिया और कामकाज से जुड़े नियम नंबर चार के मुताबिक लोकसभा सदस्य, स्पीकर की बनाई हुई व्यवस्था के तहत बैठते हैं। स्पीकर यह व्यवस्था सदन के निर्देश नंबर 122 (ए) के अनुसार करते हैं। इसके मुताबिक राजनीतिक दलों को ब्लॉक और इनकी पहली पंक्ति में सीटें, सदन में उनकी संख्या के अनुपात पर मिलती हैं। जैसे किसी एक लाइन में एक दल के कितने सदस्य बैठेंगे, यह उस दल को चुनाव में मिली सीटों की संख्या और उस पंक्ति में सीटों की संख्या के गुना को सदन की कुल सीटों से भाग देकर निकालते हैं।

 

पहली पंक्ति में एनडीए को 13 सीटें क्यों?
किसी भी दल या गठबंधन को पहली पंक्ति में सीटें उनकी लोकसभा में सदस्यों की संख्या के मुताबिक मिलती हैं। लोकसभा में एनडीए सांसदों की संख्या 352 है और पहली पंक्ति में 20 सीटें हैं। इनका गुना कर कुल सीटों (550) से भाग दें तो 13 आता है। इसलिए एनडीए को पहली पंक्ति में 13 सीटें मिलीं हैं। इसमें 11 सीटें भाजपा को और अन्य 2 सीटें उसके सहयोगी दलों को मिलीं। इसी तरह हर दल को पहली पंक्ति में जगह मिली है। वैसे तो पहली पंक्ति में उसी दल के सदस्य बैठते हैं, जिनकी 5 से ज्यादा सीटें आईं हों, लेकिन स्पीकर और दलों के नेता आपसी सहमति से भी 5 से कम सीटें लाने वाले दल के किसी वरिष्ठ नेता की सीट पहली पंक्ति में तय कर सकते हैं।

 

पांच चेहरे जो पहली पंक्ति से नदारद हैं 
भाजपा ने इस बार अपने 75+ फॉर्मूले के तहत कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं दिया। इसमें लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी शामिल हैं। ये ऐसे नेता थे जो लोकसभा में पहली पंक्ति में बैठते आए हैं। ये दोनों ही चेहरे इस बार नहीं दिखेंगे। इनके अलावा सुषमा स्वराज भी स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनाव नहीं लड़ीं। वे भी पहली पंक्ति में बैठती रही थीं। भाजपा के इन तीन बड़े चेहरों की जगह अब अमित शाह, नितिन गडकरी और रविशंकर प्रसाद पहली पंक्ति में देखे जा सकते हैं। विपक्षी दलों में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जेडीएस नेता एचडी देवेगौड़ा भी पहली पंक्ति से नदारद रहेंगे। पिछली लोकसभा में दोनों ही नेता पहली पंक्ति में कांग्रेस चेयरपर्सन सोनिया गांधी के साथ बैठते थे। इस बार दोनों ही दिग्गज अपने-अपने संसद क्षेत्रों में हार गए।

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