--Advertisement--

1984 दंगा केस / उम्रकैद काट रहे सज्जन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 12:19 PM IST


कोर्ट ने सज्जन कुमार को दंगा भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया था। कोर्ट ने सज्जन कुमार को दंगा भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया था।
X
कोर्ट ने सज्जन कुमार को दंगा भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया था।कोर्ट ने सज्जन कुमार को दंगा भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया था।

  • सज्जन कुमार ने 31 दिसंबर को कड़कड़डूमा कोर्ट में सरेंडर किया था
  • सज्जन कुमार पूर्व सांसद और कांग्रेस के नेता रह चुके हैं, फिलहाल मंडोली जेल में

नई दिल्ली. 1984 के सिख विरोधी दंगा केस में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार (73) ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन की याचिका पर सोमवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसके कौल की बेंच ने सुनवाई की। अदालत ने इस मामले में नोटिस जारी कर सीबीआई से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद होगी।

 

सज्जन कुमार को निचली अदालत ने 30 अप्रैल 2013 को बरी कर दिया था। लेकिन पिछले महीने हाईकोर्ट ने उन्हें दंगा भड़काने, हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी करार दिया था। उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद अदालत ने सज्जन को निचली अदालत के सामने सरेंडर के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था। फिलहाल, सज्जन मंडोली जेल में सजा काट रहे हैं।

 

5 सिखों की हत्या के मामले में हुई थी सजा

1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में सिख विरोधी दंगे फैले थे। इस दौरान दिल्ली कैंट के राजनगर में पांच सिखों- केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुविंदर सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या हुई थी। इस मामले में केहर सिंह की विधवा और गुरप्रीत सिंह की मां जगदीश कौर ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित परिवार की शिकायत और न्यायमूर्ति जीटी नानावटी आयोग की सिफारिश के आधार पर सीबीआई ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ 2005 में एफआईआर दर्ज की थी। 13 जनवरी 2010 को आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

Astrology
Click to listen..