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सेना को मिलेंगे नए हथियार:रक्षा मंत्रालय से सेना को 2290 करोड़ रु. के हथियार खरीदने की मंजूरी मिली, अमेरिका से 72 हजार सिग सॉयर राइफल खरीदने का रास्ता साफ

नई दिल्ली10 महीने पहले
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72 हजार राइफलें सेना की नार्दन कमांड और दूसरे ऑपरेशन इलाकों में तैनात सैनिकों को मिल चुकी हैं।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
72 हजार राइफलें सेना की नार्दन कमांड और दूसरे ऑपरेशन इलाकों में तैनात सैनिकों को मिल चुकी हैं।- फाइल फोटो
  • रक्षा मंत्रालय ने देश में 970 करोड़ रु. के एंटी एयरफील्ड हथियार और 540 करोड़ की लागत से स्टेटिक एचएफ ट्रांस रिसीवर सेट खरीदने को मंजूरी दी
  • फरवरी 2019 में रक्षा मंत्रालय ने 72,400 अमेरिकी सिग सॉयर राइफल खरीदने का ऑर्डर दिया था, सेना को दूसरी बार इसे खरीदने की मंजूरी दी गई

रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे विवाद के बीच हथियारों को खरीदने से जुड़ा अहम फैसला लिया है। इसके तहत सेना को 2290 करोड़ रु.के हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने को मंजूरी दे दी गई है। इनमें देशी और विदेशी दोनों तरह के हथियार शामिल हैं।

देश में 970 करोड़ रु. के एंटी एयरफील्ड हथियार और 540 करोड़ की लागत से स्टेटिक एचएफ ट्रांस रिसीवर सेट खरीदे जाएंगे। वहीं, अमेरिका से 780 करोड़ रु. की लागत से 72 हजार सिग सॉयर असॉल्ट राइफल खरीदने को भी मंजूरी दी गई है। नए हथियारों की खरीद फास्ट-ट्रैक पर्चेज (एफटीपी) के तहत की जाएगी।

यह दूसरा मौका है जब सेना को सिग सॉयर राइफल खरीदने को मंजूरी दी गई है। फरवरी 2019 में रक्षा मंत्रालय ने 72,400 अमेरिकी सिग सॉयर राइफल्स का ऑर्डर दिया था। इन्हें खरीदने के लिए 647 करोड रु. का सौदा हुआ था। 7.62 x 51 एमएम कैलिबर के इस राइफल से 500 मीटर की दूरी तक आसानी से निशाना लगाया जा सकता है।

इजराइल से खरीदा जाएगा नेगेव एलएमजी

भारत ने इस साल मार्च में 16 हजार 479 इजराइली नेगेव 7.62x51 एमएम लाइट मशीनगन (एलएमजी) को खरीदने के लिए 880 करोड़ रु. का सौदा किया था। यह मशीनगन चीन और पाकिस्तान की सरहद पर तैनात भारतीय सैनिकों को दी जाएगी। हालांकि, सीमित संख्या में खरीदी गईं असॉल्ट राइफल्स और एलएमजी सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं होगी। ऐसे में रक्षा मंत्रालय दूसरे मॉडर्न राइफल खरीदने पर भी ध्यान दे रहा है।

सेना के जवानों को रूसी क्लाशनिकोव राइफल देने की तैयारी

सेना के ज्यादातर जवानों को 7.62x39 एमएम कैलिबर को रूस में तैयार एके-203 क्लाशनिकोव राइफल दी जाएगी। इस राइफल से 300 मीटर की रेंज तक निशाना लगाया जा सकता है। सरकार देश में मेक इन इंडिया योजना के तहत देश में 6.71 लाख एके-203 राइफल बनाने की योजना भी बना रही है। इसे उत्तरप्रदेश के अमेठी जिले स्थित कोरवा आर्डिनेंस फैक्ट्री में तैयार किया जाएगा।

भारत में नई डिफेंस एक्वीजिशन प्रोसिजर लागू होगा

भारत में नई डिफेंस एक्वीजिशन प्रोसिजर 1 अक्टूबर से लागू हो जाएंगी। इसका मकसद घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को मजबूती प्रदान करना है। यह प्रयास मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट का हिस्सा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि इन तमाम प्रयासों का उद्देश्य भारत को डिफेंस सेक्टर में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में पेश करना है।

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