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मप्र / बेटी की शादी से एक दिन पहले 25 साल से लिव इन में रह रहे माता-पिता ने 7 फेरे लिए, ताकि कन्यादान कर सकें



25 year living parents the married a day before daughter's marriage in Ashoknagar, Madhya Pradesh
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25 year living parents the married a day before daughter's marriage in Ashoknagar, Madhya Pradesh
25 year living parents the married a day before daughter's marriage in Ashoknagar, Madhya Pradesh

  • मुंगावली के परमाल सिंह लोधी और सुनीता 1994 से लिव इन रिलेशन में रह रहे थे
  • परिजन और गांववालों ने कन्यादान के लिए परंपराओं का हवाला दिया तब जाकर फेरे लिए

Dainik Bhaskar

Jun 16, 2019, 03:26 PM IST

मुंगावली (अशोकनगर). मध्यप्रदेश के अशोकनगर में शुक्रवार को 55 साल के पिता ने बेटी की शादी से एक दिन पहले 50 साल की लिव इन पार्टनर के साथ शादी कर ली। ताकि वह अपनी बेटी का कन्यादान सामाजिक संस्कृति से कर सकें। 


दरअसल, मुंगावली के रुहाना गांव में रहने वाले परमाल सिंह लोधी की बारात शुक्रवार को अपने ही घर पहुंची। दुल्हन बनीं 50 साल की सुनीता बाई लोधी। यह दंपति पिछले 25 साल से लिव इन में था। दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ तो रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने मंडप के नीचे सात फेरे नहीं लिए थे। दोनों के चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटियां और दो बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी कल्लो 18 साल की है, जबकि सबसे छोटा बेटा दीपक 10 साल का है। पिता की शादी के बाद शनिवार को बेटी कल्लो की शादी हुई, जिसमें अपनी बेटी का कन्यादान पिता परमाल ने किया।

 

 

पंडित ने कहा था- बिना शादी किए कन्यादान नहीं ले सकते

 

  • बेटी की शादी से एक दिन पहले पंडित और रिश्तेदारों ने कहा कि पिता अपनी बेटी का कन्यादान नहीं कर सकते। पंडित ने बताया था कि पिता परमाल ने लड़की की मां सुनीता बाई के साथ सात फेरे नहीं लिए हैं। इसलिए सनातन संस्कृति के अनुसार वे कन्यादान के हकदार नहीं हैं।
  • सुनीता का कन्यादान गांव के हलका सेन ने किया। परमाल की शादी भी 14 जून को रीति-रिवाज से हुई। बारात के लिए घोड़ा नहीं मिला तो साइकिल पर बैठकर दुल्हन के दरवाजे तक पहुंचे। घर के 25-30 सदस्य बाराती बने । शनिवार को दंपति ने अपनी बेटी की शादी रीति-रिवाज से की। माता-पिता ने अपनी बेटी का कन्यादान भी किया। 


चार बच्चे बाराती बने, बैंड के बजाए तसले बजाए 
पिता की शादी में जब बारात निकली तो गांव के लोगों सहित परिजन, रिश्तेदारों के अलावा बेटा, बेटी भी बारात में शामिल हुए। पिता की शादी में दो बेटे और बेटियों ने बाराती बनकर डांस किया। शादी सादगी के साथ हुई। बारात में बैंड की बजाय तसले बजाए गए, जिनकी धुनों पर बारातियों ने डांस किया।

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