कभी टेररिस्ट थे, अब इन 258 जवानों से थर्राते हैं आतंकवादी

3 वर्ष पहले
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  • टेरिटोरियल आर्मी की 162वीं बटालियन में कभी आतंकी रहे जवान अब अशोक चक्र और शौर्य चक्र विजेता
  • अब ये देश के लिए इतने समर्पित हैं कि कई जवान तो आतंकी गतिविधियों को रोकने में शहीद भी हो चुके

नई दिल्ली (मुकेश कौशिक). कभी कश्मीर घाटी में एक नाम हुआ करता था आतंकी समीर वानी (परिवर्तित नाम) का। घाटी में आतंक बढ़ रहा था तब समीर छोटे थे। इनकी उम्र और घाटी में आतंक एक साथ बढ़ा। हिजबुल के बहकावे में आकर ये भी आतंक की राह पर चल दिए। लेकिन आत्मसमर्पण के बाद अब ये सेना में शामिल हो चुके हैं। आतंकी इनके नाम से थर्राते हैं।