मुंबई / 3200 एकड़ में फैले जंगल को बचाने के लिए 3 लाख लोग एकजुट, सरकार घबराई

मुंबई में करीब 3200 एकड़ के जंगल को बचाने के लिए 3 लाख लोग एकजुट हुए हैं। मुंबई में करीब 3200 एकड़ के जंगल को बचाने के लिए 3 लाख लोग एकजुट हुए हैं।
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मुंबई में करीब 3200 एकड़ के जंगल को बचाने के लिए 3 लाख लोग एकजुट हुए हैं।मुंबई में करीब 3200 एकड़ के जंगल को बचाने के लिए 3 लाख लोग एकजुट हुए हैं।

  • मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 2700 पेड़ों को काटने की कोशिशों का विरोध में ‘सेव आरे फॉरेस्ट’ मुहिम
  • ऑनलाइन याचिका का समर्थन किया, कल इस मामले में सुनवाई होगी

दैनिक भास्कर

Sep 16, 2019, 09:31 AM IST

मुंबई, विनोद यादव. मुंबई में करीब 3200 एकड़ के जंगल को बचाने के लिए 3 लाख लोग एकजुट हुए हैं। कुछ साल पहले तक ये एक-दूसरे को जानते  तक नहीं थे। अब एक साथ ‘सेव आरे फॉरेस्ट’ मुहिम चला रहे हैं। आरे फॉरेस्ट संजय नेशनल पार्क का हिस्सा है। यह जंगल पश्चिम उपनगर के बीचों-बीच है। इसलिए इसे मुंबई का ग्रीन लंग भी कहते हैं। इसकी 1000 एकड़ जमीन पर पहले ही अतिक्रमण और निर्माण कार्य हो चुका है।

 

बाकी 2200 एकड़ जमीन में से 90 एकड़ पर कुलाबा-बांद्रा-सीप्ज मेट्रो-3 के लिए कारशेड बनाया जाएगा। दावा है कि यहां 3600 पेड़ हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए इसमें से 2700 पेड़ काटे जाएंगे। यह ओशिवरा नदी (अब नाला) और मीठी नदी  का इलाका भी है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे मुंबई को बाढ़ जैसे हालात में नहीं झोंकना चाहते। जंगल रहे तो बाढ़ रोकी जा सकती है।

 

बाॅलीवुड हस्तियों ने मुहिम का समर्थन किया : अभिनेत्री श्रद्धा कपूर और जॉन अब्राहम सहित बॉलीवुड की कई हस्तियों ने आरे फॉरेस्ट सेव मुहिम का समर्थन किया है। गायिका लता मंगेशकर ने भी कहा था कि मेट्रो के लिए पेड़ों को काटना हत्या के समान है। 

 

आंदोलनकारियों का आरोप - मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण जंगल में प्रदूषण बढ़ेगा : पर्यावरण कार्यकर्ता निराली वैद्य ने आरे फॉरेस्ट को बचाने के लिए ऑनलाइन याचिका दायर की है। इसका 3 लाख लोगों ने दस्तखत कर समर्थन किया है। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। निराली, मुहिम से जुड़े स्टॉलिन दयानंद और यश मारवाह  मानते हैं कि मेट्रो प्रोजेक्ट के कारण आरे फॉरेस्ट में प्रदूषण बढ़ेगा।

 

एमएमआरसी का दावा - मेट्रो के कारण मौजूदा प्रदूषण कम हो जाएगा : मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कहा कि आरे फॉरेस्ट में मेट्रो के लिए 2700 पेड़ काटे जाएंगे। इतने पेड़ सालभर में 64 टन कार्बन डाईऑक्साइड का अवशोषण करते हैं। जबकि 4 दिन में मेट्रो-3 लगभग 194 ट्रिप करेगी। इससे इन दिनों में 64 टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। यानी मौजूदा प्रदूषण कम हो जाएगा।

 

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