2020 में बढ़ीं 5 लाख मौतें:यूपी में सबसे अधिक लोगों ने जान गंवाई, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नवजात बच्चे मरे

नई दिल्ली2 महीने पहले

देश में जनवरी 2020 में कोरोना जैसी घातक महामारी ने लाखों लोगों की जान ले ली थी। उस दौरान कोरोना से कितनी मौतें हुईं, इसके आंकड़े हमेशा सवालों में रहे। अब मंगलवार को सरकार ने आंकड़ें जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि 2019 के मुकाबले साल 2020 में 4.74 लाख मौतें बढ़ीं और जन्म लेने वालों की संख्या 5.98 लाख घटी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) 2020 में ये बातें सामने आई हैं। देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य यूपी में जन्म और मृत्यु भी सबसे ज्यादा हैं। हालांकि, नवजातों की मौत के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है। वहीं नगालैंड देश का इकलौता ऐसा राज्य है, जहां 2020 के दौरान किसी नवजात की मौत नहीं हुई है।

90% मौतें सिर्फ 11 राज्यों में
अगर पिछले 5 साल में जन्म के रजिस्ट्रेशन के आंकड़े देखें तो इनमें उतार-चढ़ाव रहा है। साल 2016 में 2.22 करोड़, 2017 में 2.21, 2018 में 2.32, 2019 में 2.48 और 2020 में 2.42 करोड़ बर्थ रजिस्ट्रेशन हुए। वहीं, डेथ रजिस्ट्रेशन में लगातार बढ़ोतरी हुई। 2016 में यह 63.49 लाख पर था, जो 2020 में 81.15 लाख तक पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक 90% से ज्यादा बर्थ रजिस्ट्रेशन वाले 15 और डेथ रजिस्ट्रेशन वाले 11 राज्य हैं।

2.42 करोड़ बच्चे पैदा हुए, 81.1 लाख लोगों की मौत हुई
2019 से 2020 तक दर्ज मौतों की बढ़ी संख्या में महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम और हरियाणा जैसे राज्यों का बड़ा योगदान है। 2020 में कुल 2.42 करोड़ बच्चे पैदा हुए और कुल 81.1 लाख लोगों की मौत हुई।

गांवों के मुकाबले शहरों में नवजातों की मौतें ज्यादा हो रहीं
साल 2020 में 14,3379 नवजातों की मौत हुई थी, जिनमें 33,582 गांवों में और 10,9797 शहरों के रहने वाले थे। हालांकि, कुल मौतें देखें तो गांवों में ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। लिंग के आधार पर हुई मौतों पर नजर डालें तो 2020 में दम तोड़ने वाले नवजातों में 83,313 लड़के और 60,028 लड़कियां थीं।

मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में पंजाब आगे
पंजाब में 98.8% मौतों का रजिस्ट्रेशन 21 दिन में ही करा लिया जाता है। इस फेहरिस्त में चंडीगढ़ 97.5% दूसरे नंबर पर आता है। गुजरात में 99.8% बच्चों के जन्म का रजिस्ट्रेशन 21 दिन में करा लिया जाता है। इस सूची में मध्यप्रदेश 17वें, राजस्थान 19वें और बिहार 22वें नंबर पर है।

31 साल में ऐसे बढ़ा है जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन
साल 1989 में 31 लाख मौतों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जो 2020 में 81 लाख तक पहुंच गया। वहीं, 1989 में ही 1.10 करोड़ जन्म का पंजीकरण हुआ, जो 2020 में 2.42 करोड़ तक पहुंच गया। 2020 में जन्मे 2.42 करोड़ बच्चों में 1.25 करोड़ (52%) लड़के और 1.16 करोड़ (48%) लड़कियां थीं। इसी दौरान मरने वाले 81.15 लाख लोगों में 48.82 लाख (60%) पुरुष और 32.33 लाख (40%) महिलाएं हैं।