विडंबना / 18 वर्ष तक के बच्चे 50 सीसी की गाड़ी ही चला सकते हैं, पर देश में बनती ही नहीं



प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
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  • 16 से 18 आयु वर्ग वाले किशोरों को ‘विदाउट गियर’ दोपहिया चलाने की अनुमति दी जाती है
  • देश में नौ साल पहले यानी 2010 में ही 50 सीसी के वाहनों का बनना बंद हो चुके हैं

Dainik Bhaskar

Aug 18, 2019, 03:11 PM IST

सोलापुर/मुंबई (प्रसाद कानडे). देश में दोपहिया वाहनों का लाइसेंस दो स्तर पर दिया जाता है। पहला- 16 से 18 आयु वर्ग तक के लिए। दूसरा- 18 से अधिक उम्र वालों के लिए। 16 से 18 आयु वर्ग वाले किशोरों को ‘विदाउट गियर’ दोपहिया चलाने की अनुमति दी जाती है। इसमें भी शर्त यह है कि वाहन 50 सीसी से कम का होना चाहिए।

 

हैरानी यह है कि देश में नौ साल पहले यानी 2010 में ही 50 सीसी के वाहनों का बनना बंद हो चुका है। कोई भी वाहन निर्माता कंपनी 50 सीसी के वाहन नहीं बना रही है। ऐसे में 18 से कम आयु के किशोर 50 सीसी के वाहनों का लाइसेंस लेकर 100 और उससे ज्यादा सीसी तक के वाहन चला रहे हैं। टीवीएस कम से कम 99.7 सीसी इंजन का ही वाहन बना रही है। वहीं हीरो मोटोकॉर्प और बजाज भी इतने कम सीसी के वाहन नहीं बना रहे।

 

देश में 50 सीसी के अंदर आखिरी दोपहिया काइनेटिक लूना टीएफआर ही थी। 35 सीसी की ये लूना 1972 में लॉन्च हुई और 2000 तक मार्केट में रही। इसके बाद लूना सुपर आई जो 60 सीसी की थी। सोलापुर के एआरटीओ संजय डोले कहते हैं- मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार 50 सीसी के वाहन चलाने का लाइसेंस दिया जाता है। लेकिन अब इस रेंज में गाड़ियां ही नहीं हैं तो नियम बदलने ही चाहिए।

 

गाड़ियों की क्षमता बढ़ी, नियम जस के तस
35 सीसी से शुरू हुआ दोपहिया वाहनों का सफर अब 1,000 सीसी को पार कर रहा है। देश में 500 से 600 सीसी के वाहन उपलब्ध हैं। लेकिन आरटीओ के नियमों में बदलाव नहीं हुआ। लाइसेंस को लेकर वही पुराने नियम चल रहे हैं। 

 

जैसी डिमांड, वैसे ही वाहन बनाते हैं : सियाम
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) के महानिदेशक विष्णु माथुर कहते हैं- बाजार में जैसी डिमांड होती है, वाहन उसी हिसाब से बनाए जाते हैं। यदि किसी चीज की डिमांड ही नहीं है, तो वह चीज कैसे बनेगी? यदि 50 सीसी के वाहनों का निर्माण नहीं हो रहा है, तो यह मैन्युफैक्चर्स से पूछा जाना चाहिए कि आखिर वे क्यों नहीं बना रहे हैं।


वाहन ही नहीं तो लाइसेंस कैसा?
महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त शेखर चन्ने ने कहा- 16 से 18 साल के किशोरों को 50 सीसी इंजन क्षमता वाले दोपहिया वाहन चलाने का ही लाइसेंस दिया जा सकता है। लेकिन यदि ऐसी गाड़ी बन ही नहीं रही है तो लाइसेंस भी नहीं मिल सकता।

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