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सिर्फ 8 परियोजनाएं समय पर:रेलवे-सड़क जैसे 58% सेंट्रल प्रोजेक्ट डेडलाइन से पिछड़े, लागत 3.20 लाख करोड़ रु. बढ़ गई

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: ​​​​​​​​​​​​​​अनिरुद्ध शर्मा
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केंद्र सरकार के 58% प्रोजेक्ट डेडलाइन से पिछड़ गए हैं। इस वजह से इनकी लागत 3.2 लाख करोड़ रु. बढ़ गई है। सांख्यिकी और कार्यान्वयन मंत्रालय के मुताबिक, देश में 150 करोड़ रु. से अधिक लागत के 1,438 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें से 835 यानी 58% देरी से चल रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश में सिर्फ 8 प्रोजेक्ट तय समय से पहले तैयार हो रहे हैं।

देरी से चल रहे 835 प्रोजेक्ट की वास्तविक लागत 10.88 लाख करोड़ रु. थी, जो अब 14.07 लाख करोड़ रु. हो चुकी है। लागत में सबसे अधिक इजाफा रेलवे प्रोजेक्ट में लेटलतीफी की वजह से हुआ है। रेलवे के 173 में से 117 प्रोजेक्ट देरी से चल रहे हैं।

इनकी वास्तविक लागत 1.74 लाख करोड़ रु. थी, जो अब 3.17 लाख करोड़ रु. हो चुकी है। चिंता की बात यह है कि आने वाले समय में लागत और बढ़ सकती है। नागर विमानन मंत्रालय के सबसे ज्यादा 92% प्रोजेक्ट डेडलाइन से पिछड़ चुके हैं।

देश में सड़कों के 428 प्रोजेक्ट डेडलाइन से पीछे

प्रोजेक्टलेट प्रोजेक्टमूल लागतबढ़ी लागत
सड़क724428 (59%)2.40 लाख2.57 लाख
रेलवे173117 (68%)1.74 लाख3.16 लाख
पेट्रोलियम15888 (56%)1.73 लाख1.88 लाख
कोयला12236 (30%)38.4 हजार40.3 हजार
बिजली8055 (69%)1.41 लाख1.95 लाख
पानी4127 (66%)18.2 हजार63.8 हजार
उड्‌डयन2624 (92%)15.5 हजार18.1 हजार
शहरी विकास2515 (60%)1.59 लाख1.76 लाख

(रकम करोड़ रु. में)

  • तेलंगाना में महबूबनगर-मुनीराबाद रेल प्रोजेक्ट अप्रैल 1997 में शुरू हुआ, मार्च 2000 में पूरा होना था। अब 26 साल होने को हैं, लेकिन काम अधूरा है। इसकी मूल लागत 1,723 करोड़ रु. थी। यह बढ़कर 3,381 करोड़ रु. हो गई है।
  • उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन मार्च 1995 में बननी शुरू हुई थी। नवंबर 2002 तक इसका काम काम पूरा होना था। इसकी मूल लागत 2500 करोड़ रु. थी, जो अब 1,380% बढ़कर 37 हजार करोड़ रु. पहुंच चुकी है। इसकी नई डेडलाइन जून 2023 तय की गई है।
  • देरी से चल रहे 835 प्रोजेक्ट में से 160 (19%) 1 महीने से 1 साल लेट हैं। 134 (16%) प्रोजेक्ट 13 महीने से 2 साल तक की देरी से चल रहे हैं। 405 (49%) प्रोजेक्ट 2-5 साल लेट हैं। 136 (16%) प्रोजेक्ट 5 साल से भी ज्यादा लेट हैं।
राज्यप्रोजेक्टलेट प्रोजेक्ट
पश्चिम बंगाल5617 (30%)

गुजरात

5313 (25%)
बिहार7317 (23%)
मध्य प्रदेश6515 (23%)
छत्तीसगढ़378 (22%)
झारखंड478 (17%)

हरियाणा

183 (17%)
महाराष्ट्र21421 (10%)
राजस्थान362 (6%)
जम्मू-कश्मीर261 (4%)