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  • 7 Years Ago, On This Day, Narendra Modi Became The 15th Prime Minister Of The Country, After 30 Years, A Party Had Got A Majority.

आज का इतिहास:7 साल पहले आज ही के दिन देश के 15वें प्रधानमंत्री बने थे नरेंद्र मोदी, 30 साल बाद किसी पार्टी को मिला था बहुमत

4 महीने पहले
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“मैं...नरेंद्र दामोदर दास मोदी…” आज ही के दिन साल 2014 में नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन से ये शब्द पूरे देश ने सुने थे। मौका था नई-नवेली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का। समारोह में देश-विदेश के करीब 4 हजार चुनिंदा लोग मौजूद थे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्टेज पर सबसे पहले नरेंद्र मोदी को शपथ के लिए बुलाया। मोदी ने शपथ ली और इसी के साथ देश को आज ही के दिन अपना 15वां प्रधानमंत्री मिला।

2014 का आम चुनाव इसलिए खास था क्योंकि 30 साल बाद किसी पार्टी को बहुमत मिला था। राष्ट्रवाद की लहर पर सवार होकर आई भाजपा ने कांग्रेस को 44 सीटों पर समेट कर 282 सीटें जीतीं। 1984 के आम चुनावों में कांग्रेस ने 414 सीटें जीतीं थीं। उसके बाद किसी एक पार्टी द्वारा जीती गईं ये सबसे ज्यादा सीटें थीं। पिछले चुनावों के मुकाबले कांग्रेस को 162 सीटों का घाटा तो भाजपा को 166 सीटों का फायदा हुआ।

2004 में इंडिया शाइनिंग की चमक को दूर करते हुए केंद्र में UPA की सरकार आई थी। एक चौंकाने वाले फैसले के बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनें। अगले चुनावों में भी सत्ता UPA के पास रही और प्रधानमंत्री की कुर्सी मनमोहन सिंह के पास, लेकिन इस बार मनमोहन सिंह के लिए चुनौतियां ज्यादा थीं। भ्रष्टाचार, महंगाई और कालेधन पर विपक्ष सरकार को लगातार घेर रहा था। निर्भया कांड के बाद लोगों में भी गुस्सा था। अन्ना हजारे लोकपाल के लिए आंदोलन कर रहे थे। यूं समझिए कि सरकार के खिलाफ आए दिन लोग सड़कों पर उतर रहे थे।

एक तरफ कांग्रेस के लिए चुनौतियां बढ़ रही थीं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी अपनी तैयारी में कहीं कोई कमी नहीं छोड़ रही थी। 2013 में देश के 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। 2014 चुनावों का ये सेमीफाइनल था। इनमें राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्यों में बीजेपी या तो जीती या सत्ता बचाने में कामयाब रही।

इसके बाद एक तरफ कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी का आत्मविश्वास। बीजेपी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम पर मुहर लगा दी थी। उस समय मोदी लगातार तीसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल चला रहे थे। गुजरात 2 वजहों से लोगों की जुबान पर था- पहला, 2002 दंगे और दूसरा, गुजरात मॉडल। इन दोनों वजहों से नरेंद्र मोदी डेवलपमेंट और बहुसंख्यक आबादी के मसीहा के तौर पर प्रोजेक्ट किए गए। 7 अप्रैल से 12 मई के दौरान 9 चरणों में चुनाव हुए। विकास और ध्रुवीकरण की ऐसी आंधी चली कि कांग्रेस को मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिलने लायक सीटें भी नहीं मिलीं। कांग्रेस के 178 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।

1984 के आम चुनाव में कांग्रेस ने 404 सीटें जीतीं थीं, उसमें बीजेपी को 2 सीटें मिली थीं। केवल 30 सालों में ही पार्टी ने 2 सीटों से 282 सीटों का सफर तय किया। 2019 में ये आंकड़ा और ज्यादा बढ़कर 303 सीटों पर पहुंच गया और नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने।

1926: आदमखोर तेंदुए के आतंक का अंत

आदमखोर तेंदुए के शव के साथ जिम कॉर्बेट।
आदमखोर तेंदुए के शव के साथ जिम कॉर्बेट।

आज ही के दिन गढ़वाल में एक आदमखोर तेंदुए को जिम कॉर्बेट ने मार गिराया था। तेंदुए का इलाके में कई सालों से आतंक था। इस दौरान तेंदुए ने करीब 125 लोगों को अपना शिकार बनाया था। 9 जून 1918 के दिन इस तेंदुए ने पहली बार किसी इंसान को अपना शिकार बनाया था। गढ़वाल इलाके में तेंदुए के डर से लोगों ने घर से बाहर निकलना छोड़ दिया था। ब्रिटिश सरकार ने तेंदुए को पकड़ने की कई कोशिश की, लेकिन हर बार नाकाम रही। आखिरकार थक-हारकर जिम कॉर्बेट को तेंदुए को मारने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिम कॉर्बेट प्रसिद्ध शिकारी थे। 1907 में उन्होंने चंपावत बाघिन का शिकार किया था। कहा जाता है कि इस आदमखोर बाघिन ने 400 से भी ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाया था। जिम कॉर्बेट करीब डेढ़ साल तक तेंदुए को खोजते रहे। आखिरकार आज ही के दिन साल 1926 में कॉर्बेट ने इस आदमखोर तेंदुए का शिकार किया।

1999: इसरो ने पहली बार एक साथ लॉन्च की थी 3 सैटेलाइट

श्रीहरिकोटा में वैज्ञानिकों के साथ मौजूद अटल बिहारी वाजपेयी।
श्रीहरिकोटा में वैज्ञानिकों के साथ मौजूद अटल बिहारी वाजपेयी।

इसरो के लिए भी आज का दिन खास है। 1999 में आज ही के दिन इस भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने पहली बार एक साथ 3 सैटेलाइट लॉन्च किए थे। इनमें भारत, कोरिया और जर्मनी के एक-एक सैटेलाइट थे।

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के लॉन्च स्टेशन से सुबह 11 बजकर 52 मिनट पर 294 टन वजनी PSLV ने उड़ान भरी थी। इस दौरान प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी खुद श्रीहरिकोटा लॉन्च स्टेशन पर मौजूद थे। इसरो ने पहली बार कॉमर्शियल एग्रीमेंट के तहत किसी दूसरे देश के सैटेलाइट को लॉन्च किया था। इस लिहाज से भारत के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि थी। साल 2017 में भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। इसरो ने एक साथ 104 सैटेलाइट को लॉन्च कर इतिहास रच दिया।

26 मई को इतिहास में और किन बड़ी घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2014: उत्तर प्रदेश के चुरेब रेलवे स्टेशन पर गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। हादसे में 29 यात्रियों की मौत हुई।

2010: सुप्रीम कोर्ट ने शादी किए बगैर एक साथ रहने वाले प्रेमी युगलों की संतानों को भी अपने मां-बाप की ओर से अर्जित सम्पत्ति में हिस्सा पाने का अधिकार दिया।

2007: भारत और जर्मनी के बीच रक्षा समझौता हुआ।

2002: चीन का एक यात्री विमान समुद्र में गिरा, 225 लोगों की मौत हुई।

1998: ऑस्ट्रेलिया में पहली बार नेशनल सॉरी डे मनाया गया।

1950: ब्रिटेन में पेट्रोल खरीदने पर लगी लिमिट को खत्म कर दिया गया। इससे पहले हर व्यक्ति को पेट्रोल खरीदने के लिए राशन कार्ड दिया जाता था।