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आज का इतिहास:8 साल पहले आज ही के दिन हुआ था झीरम घाटी हमला, छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की गई थी जान

4 महीने पहले
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साल 2013। छत्तीसगढ़ में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने थे। पिछले 2 चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी और रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। 10 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस इस बार जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही थी। इसी कड़ी में कांग्रेस ने पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा निकालने की तैयारी की। 25 मई के दिन कांग्रेस ने सुकमा में परिवर्तन रैली आयोजित की।

रैली खत्म होने के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। काफिले में करीब 25 गाड़ियां थीं जिनमें 200 नेता सवार थे। सबसे आगे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कवासी लखमा अपने-अपने सुरक्षा गार्ड्स के साथ थे। इनके पीछे महेन्द्र कर्मा और मलकीत सिंह गैदू की गाड़ी थी। इस गाड़ी के पीछे बस्तर के तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी उदय मुदलियार कुछ अन्य नेताओं के साथ चल रहे थे। देखा जाए तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सभी टॉप नेता इस काफिले में शामिल थे।

शाम करीब 4 बजे काफिला झीरम घाटी से गुजर रहा था। यहीं पर नक्सलियों ने पेड़ों को गिराकर रास्ता बंद कर दिया। गाड़ियां रुकीं और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, पेड़ों के पीछे छिपे 200 से ज्यादा नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों ने सभी गाड़ियों को निशाना बनाया। नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही।

शाम के करीब साढ़े 5 बजे नक्सली पहाड़ों से उतर आए और एक-एक गाड़ी चेक करने लगे। जो लोग गोलीबारी में मारे जा चुके थे उन्हें फिर से गोली और चाकू मारे गए ताकि कोई भी जिंदा न बचे। जो लोग जिंदा थे उन्हें बंधक बनाया जा रहा था। इसी बीच एक गाड़ी से महेन्द्र कर्मा नीचे उतरे और कहा कि ‘मुझे बंधक बना लो, बाकियों को छोड़ दो’। नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा की थोड़ी दूर ले जाकर बेरहमी से हत्या कर दी। हमले में 30 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसमें अजीत जोगी को छोड़कर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के उस वक्त के अधिकांश बड़े नेता और सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए।

इस हमले का मुख्य टारगेट बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा थे। ‘सलवा जुडूम’ का नेतृत्व करने की वजह से नक्सली उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते थे। नक्सलियों ने उनके शरीर पर करीब 100 गोलियां दागीं और चाकू से 50 से ज्यादा वार किए। हत्या के बाद नक्सलियों ने उनके शव पर चढ़कर डांस भी किया था।

नासा का फीनिक्स लैंडर
नासा का फीनिक्स लैंडर

2008: मंगल पर लैंड हुआ था नासा का फीनिक्स लैंडर

मंगल ग्रह पर पानी और जीवन की संभावना तलाशने के उद्देश्य से नासा द्वारा भेजा गया फीनिक्स मार्स लैंडर आज ही के दिन मंगल की सतह पर उतरा था। इसे 4 अगस्त 2007 को लॉन्च किया गया था। सोलर पॉवर से चलने वाले इस लैंडर ने अपना 3 महीने का मिशन पूरा किया। उसके बाद मंगल पर सूरज की रोशनी पहुंच नहीं पाई और लैंडर ने काम करना बंद कर दिया। इस लैंडर के द्वारा मंगल की मिट्टी के परीक्षण के आधार पर नासा ने ग्रह पर पानी मौजूद होने की घोषणा की थी। मई 2010 में नासा ने इस मिशन को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया।

साबरमती आश्रम में स्थित गांधी जी की प्रतिमा।
साबरमती आश्रम में स्थित गांधी जी की प्रतिमा।

1915: साबरमती आश्रम की स्थापना

साल 1915 में महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। लौटने के बाद गांधीजी की इच्छा अपने परिवार के साथ रहने की थी। इसके लिए उन्होंने अहमदाबाद को कोचराब में अपने एक मित्र के बंगले को आश्रम का रूप दे दिया था। 25 मई 1915 के दिन गांधीजी ने इस आश्रम की स्थापना की और इसे सत्याग्रह आश्रम नाम दिया गया। 2 साल बाद ही जुलाई 1917 में इस आश्रम को साबरमती नदी के किनारे बसाया गया। साबरमती नदी के तट पर स्थित होने के कारण इस आश्रम को ‘साबरमती आश्रम’ नाम दिया गया। साल 1930 को गांधीजी ने साबरमती आश्रम से ही दांडी यात्रा की शुरुआत की थी।

नवंबर 2013 में व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ओप्रा विन्फ्रे को प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित करते हुए।
नवंबर 2013 में व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ओप्रा विन्फ्रे को प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित करते हुए।

2011: दि ओप्रा विन्फ्रे शो के आखिरी प्रोग्राम का टेलीकास्ट

आज ही के दिन 2011 में दि ओप्रा विन्फ्रे शो के आखिरी प्रोग्राम का टेलीकास्ट हुआ था। इस शो में टॉम क्रूज, स्टीवी वंडर, बेयोन्से, टॉम हैंक्स, विल स्मिथ और मेडोना जैसे फेमस स्टार्स ने हिस्सा लिया था। इस शो को अमेरिका के टेलीविजन इतिहास में बेहद सफल शो माना जाता है। शो की होस्ट ओप्रा विन्फ्रे टीवी जगत का एक चर्चित नाम हैं।

ओप्रा ने अपने टीवी करियर की शुरुआत बतौर न्यूज एंकर की थी। उसके बाद शिकागो में उन्होंने एक मॉर्निंग टॉक शो को होस्ट करना शुरू किया। धीरे-धीरे इस शो की रेटिंग बढ़ने लगी और इसी के साथ ओप्रा भी फेमस होने लगीं। 8 सितंबर 1986 के दिन दि ओप्रा विन्फ्रे शो को पहली बार नेशनल टीवी पर ब्रॉडकास्ट किया गया।

2008 आते-आते इस शो को दुनियाभर में हर हफ्ते 13 करोड़ से भी ज्यादा लोग देखने लगे। आज ओप्रा सबसे पावरफुल टीवी सेलिब्रिटी के तौर पर जानी जाती हैं। हाल ही में प्रिंस हैरी और मेगन मार्केल के साथ उनका इंटरव्यू भी काफी चर्चा में रहा था।

25 मई के दिन को इतिहास में और किन महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए याद किया जाता है…

2020: अमेरिकी पुलिसकर्मी ने जॉर्ज फ्लॉयड नाम के शख्स की हत्या कर दी। इसके बाद पूरी दुनिया में ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट शुरू हो गया।

2017: फेसबुक CEO मार्क जकरबर्ग ने 2004 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। 2017 में आज ही के दिन यूनिवर्सिटी ने जकरबर्ग को ऑनररी डिग्री दी।

2008: कर्नाटक विधानसभा के 224 सीटों में से 110 सीट जीत कर भाजपा दक्षिण के किसी राज्य में पहली बार सरकार बनाने में सफल रही।

2005: बॉलीवुड एक्टर और नेता सुनील दत्त का 75 साल की उम्र में निधन।

2003: चिली ने पहली बार विश्व कप टेनिस खिताब जीता।

1995: अमेरिकी वैज्ञानिकों को पहली बार जीवित जीव के डीएनए को डीकोड करने में सफलता मिली।

1985: बांग्लादेश में आए चक्रवाती तूफान से करीब 10 हजार लोगों की मौत हुई।

1919: जावा में केलट ज्वालामुखी फटने से 16 हजार से भी अधिक लोगों की मौत हुई।