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आज का इतिहास:115 साल पहले राइट बंधुओं की फ्लाइंग मशीन को पेटेंट मिला; 11 साल पहले मैंगलोर में भारत का सबसे भीषण हवाई हादसा

25 दिन पहले
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22 मई और हवाई जहाज का बहुत करीब का नाता है। 1906 में 22 मई को ही अमेरिका के राइट बंधुओं ने अपनी फ्लाइंग मशीन का पेटेंट हासिल किया था। पर भारत में 11 साल पहले 22 मई को कर्नाटक के मैंगलोर हवाई अड्डे पर एक भीषण हादसा हुआ था। इसमें 158 लोग मारे गए थे।

सबसे पहले बात, भारत में हुए हादसे की। एअर इंडिया ने 15 जनवरी 2008 को बोइंग 737-800 विमान खरीदे थे। उस समय विदेशी पायलट भी रखे गए थे। साइबेरिया के कैप्टन ग्लाटको ग्लूसिका के पास 10 हजार घंटे का फ्लाइंग अनुभव था। इस वजह से उन्हें बोइंग 737-800 चलाने की जिम्मेदारी मिली थी। 22 मई 2010 को एअर इंडिया का यह विमान दुबई से मैंगलोर आ रहा था। लैंडिंग के दौरान वह चट्टान से टकराया और आग के गोले में बदल गया। विमान जलकर खाक हो गया। उस समय फ्लाइट में चालक दल के सदस्यों को मिलाकर 166 यात्री थे। एक झटके में 158 लोगों की मौत हो गई। हादसे में आठ यात्री आर्श्चयजनक रूप से बच गए थे। मैंगलोर का यह हवाई अड्डा 2006 में ही सेवा में आया था।

जांच में पायलट ही दोषी निकला

हादसे की जांच का जिम्मा डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (DCGA) के ऊपर था। जांच में हादसे के लिए पायलट को दोषी ठहराया। डायरेक्टरेट और बोइंग कंपनी के अधिकारियों ने 6 सदस्यीय जांच टीम को विमान के डेटा रिकॉर्ड के हवाले से बताया कि विमान उड़ा रहे ग्लूसिका ने गलत हवाई मार्ग से लैंडिंग की। इस वजह से ही हादसा हुआ। को-पायलट एचएस अहलूवालिया ने ग्लूसिका को विमान के गलत मार्ग पर जाने के बारे में आगाह भी किया, लेकिन उन्होंने इसे नजरंदाज कर दिया। हादसे से कुछ सेकेंड पहले की रिकॉर्डिंग से पता चला कि अहलूवालिया ने आखिरी वाक्य बोला, ‘अब हम रनवे पर नहीं है।’ अगले ही पल जोरदार धमाका हो गया।

राइट बंधुओं को मिले पेटेंट की कॉपी। इसमें उनकी बनाई फ्लाइंग मशीन का डिजाइन भी है।
राइट बंधुओं को मिले पेटेंट की कॉपी। इसमें उनकी बनाई फ्लाइंग मशीन का डिजाइन भी है।

1906ः राइट बंधुओं की फ्लाइंग मशीन को मिला पेटेंट

अमेरिका के ऑरविल राइट और विलबर राइट के बनाए हवाई जहाज ने 17 दिसंबर 1903 को पहली सफल उड़ान भरी। राइट बंधुओं के दावे को फ्रांस की एक कंपनी ने चुनौती दी थी। तब अमेरिकी मिलिट्री भी विमान बनाने की दिशा में काम कर रही थी। इस वजह से 1903 में राइट बंधुओं के पेटेंट के दावे को खारिज कर दिया गया। पर ऑरविल लगातार कोशिश करते रहे और 1906 में 22 मई को उन्हें यह पेटेंट मिला। कुछ इतिहासकार बताते हैं कि राइट ब्रदर्स से आठ साल पहले 1895 में शिवकर बापूजी तलपड़े नाम के भारतीय नागरिक ने मुंबई की चौपाटी के पास सार्वजनिक तौर पर हवाई जहाज को उड़ाया था। तलपड़े मुम्बई स्कूल ऑफ आर्ट्स के अध्यापक और वैदिक विद्वान थे। उन्होंने जो जहाज बनाया, उसका नाम मरुतसखा रखा था। इसका प्रदर्शन तत्कालीन बड़ौदा महाराजा सर शिवाजी राव गायकवाड़ और लालजी नारायण के सामने किया गया था। हवाई जहाज पन्द्रह सौ फुट ऊंचाई तक गया था, जबकि राइट बंधुओं के हवाई जहाज ने केवल 120 फुट ऊंची उड़ान भरी थी।

यह है वह फ्लाइंग मशीन जो राइट बंधुओं ने बनाई थी और उड़ाकर दिखाई थी।
यह है वह फ्लाइंग मशीन जो राइट बंधुओं ने बनाई थी और उड़ाकर दिखाई थी।

1980ः मशहूर आर्केड गेम पेक-मेन लॉन्च हुआ

आज से करीब 41 साल पहले 22 मई को ही पेक-मेन लॉन्च हुआ था। कोविड-19 के दौरान इसका एक मीम खूब वायरल हुआ, जो सबको घर में बने रहने और बाहर वायरस के होने का संदेश देता है। पेक-मेन नाम के इस वीडियो गेम को 1980 में तोरू इवतानी ने प्लान किया। कुल तीन लोगों ने ही इस आइकॉनिक गेम को बनाया था। अमेरिका में रिलीज होने के 15 महीनों के भीतर इसे विकसित करने वाली कंपनी नैमको/बंदई ने 1 लाख से अधिक आर्केड गेम यूनिट्स बेच दिए थे। इस गेम में चार घोस्ट हैं और उनके जापानी और इंग्लिश नाम भी हैं। जापानी में फिकल, चेजर, अम्बुशर और स्टुपिड कहते हैं। अंग्रेजी में इंकी, ब्लिंकी, पिंकी और क्लाइड कहते हैं। इस गेम की सफलता के बाद पेक-मेन शब्द का इस्तेमाल इकोनॉमी में भी होने लगा। जब कोई कंपनी उसे खरीदने की पेशकश करने वाली कंपनी को ही खरीद लेती है तो उसे पेक-मेन डिफेंस कहा जाने लगा।

41 साल पहले आज ही लॉन्च हुआ यह पेक-मेन बेहद खास है। कई दार्शनिकों ने इसे वास्तविक जिंदगी से भी जोड़ा है। वे कहते हैं कि पीले रंग का प्लेयर जिंदगी है और चार घोस्ट उसमें आने वाली समस्याएं।
41 साल पहले आज ही लॉन्च हुआ यह पेक-मेन बेहद खास है। कई दार्शनिकों ने इसे वास्तविक जिंदगी से भी जोड़ा है। वे कहते हैं कि पीले रंग का प्लेयर जिंदगी है और चार घोस्ट उसमें आने वाली समस्याएं।

देश-दुनिया के इतिहास में 22 मई को दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार हैं...

  • 2003: अल्जीरिया में आए विनाशकारी भूकम्प में दो हज़ार से अधिक लोग मारे गए।
  • 1988: भारत ने स्वदेश में विकसित अन्तरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि का सफल परीक्षण किया।
  • 1972: अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड एम निक्सन मॉस्को पहुंचे। यह अमेरिकी राष्ट्रपति की सोवियत संघ की पहली यात्रा थी।
  • 1963: भारत के पहले ग्लाइडर रोहिणी ने उड़ान भरी।
  • 1960: चिली के दक्षिणी तट पर आए सबसे बड़े भूकंपों में से एक में 5,700 लोगों की मौत हो गई।
1936 में 22 मई को ही लॉर्ड ब्रेबॉर्न ने बम्बई (अब मुंबई) में ब्रेबॉर्न स्टेडियम की नींव रखी। यह देश का पहला स्टेडियम था।
1936 में 22 मई को ही लॉर्ड ब्रेबॉर्न ने बम्बई (अब मुंबई) में ब्रेबॉर्न स्टेडियम की नींव रखी। यह देश का पहला स्टेडियम था।
  • 1915: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इटली ने ऑस्ट्रिया, हंगरी और जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।