• Hindi News
  • National
  • Advani Said Shri Ram's Place Is At The Top Of Indian Civilization And Culture, Blessings Of Shri Ram To Everyone, Jai Shri Ram

राम मंदिर पर बोले भाजपा के सारथी:भूमि पूजन से 15 घंटे पहले आडवाणी ने कहा- जीवन के कुछ सपने पूरे होने में बहुत समय लेते हैं, लेकिन पूरे होते हैं तो लगता है कि प्रतीक्षा सार्थक हुई

अयोध्या2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
फोटो जन्मभूमि आंदोलन के दौरान राम रथ यात्रा का है। तब भाजपा ने लालकृष्ण आडवाणी को यात्रा की कमान सौंपी थी। उन्होंने 25 सितंबर 1990 को सोमनाथ से यात्रा शुरू की थी, जो 30 अक्टूबर 1990 को खत्म हुई थी।
  • भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी ने कहा कि मैं इस मौके पर मैं सभी संतों, नेताओं और जनमानस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं
  • उन्होंने कहा कि खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण का काम शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हो रहा है

भाजपा के रथ के सारथी रहे लालकृष्ण आडवाणी लंबे अरसे बाद मंगलवार शाम सामने आए। अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखे जाने में 15 घंटे बाकी थे और मंदिर आंदोलन की नींव रखने वाले आडवाणी अपनी बात रख रहे थे। 92 साल के आडवाणी करीब तीन मिनट बोले। उस रथ यात्रा का भी जिक्र किया, जो उन्होंने 1990 में निकाली थी। पीछे धनुर्धारी भगवान राम की तस्वीर थी।

पढ़ें, आडवाणी के मन की बात, उन्हीं के शब्दों में...

‘‘जीवन के कुछ सपने पूरा होने में बहुत समय लेते हैं। लेकिन, जब वे चरितार्थ होते हैं तो लगता है कि प्रतीक्षा सार्थक हुई। ऐसा ही एक सपना, जो मेरे हृदय के समीप है, अब पूरा हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीराम मंदिर का भूमिपूजन हो रहा है। निश्चय ही, केवल मेरे लिए ही नहीं, बल्कि समस्त भारतीय समुदाय के लिए यह क्षण ऐतिहासिक है और भावपूर्ण भी।

श्रीराम जन्मभूमि पर श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारतीय जनता पार्टी का एक स्वप्न रहा है और मिशन भी। मैं विनम्रता का अनुभव करता हूं कि नियति ने मुझे 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा का दायित्व दिया। इस यात्रा में असंख्य लोगों की आकांक्षा, ऊर्जा और अभिलाषा को प्रेरित किया।

इस शुभ अवसर पर मैं उन सभी संतों, नेताओं और देश-विदेश के जनमानस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान दिया। मुझे इस बात की भी प्रसन्नता है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण का काम शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हो रहा है।

श्रीराम का स्थान भारतीय सभ्यता और संस्कृति में सबसे ऊपर है। वे शिष्टाचार और मर्यादा के मूर्त रूप हैं। यह मंदिर हम सब भारतीयों को श्रीराम के इन गुणों को आत्मसात करने की प्रेरणा देगा। राम मंदिर शांतिपूर्ण भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। सबके लिए न्याय होगा और कोई भी बहिष्कृत नहीं होगा। श्रीराम का आशीर्वाद सबको मिले। जय श्रीराम।’’

अयोध्या से जुड़ी हुई ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं...

1. अयोध्या की आंखों देखी / राम नाम धुन की गूंज के साथ मंदिर-मंदिर और घर-घर गाए जा रहे हैं बधाई गीत, 4 किमी दूर हो रहे भूमिपूजन को टीवी पर देखेंगे अयोध्या के लोग

2. राम जन्मभूमि कार्यशाला से ग्राउंड रिपोर्ट / कहानी उसकी जिसने राममंदिर के पत्थरों के लिए 30 साल दिए, कहते हैं- जब तक मंदिर नहीं बन जाता, तब तक यहां से हटेंगे नहीं

3. अयोध्या से ग्राउंड रिपोर्ट / मोदी जिस राम मूर्ति का शिलान्यास करेंगे, उस गांव में अभी जमीन का अधिग्रहण भी नहीं हुआ; लोगों ने कहा- हमें उजाड़ने से भगवान राम खुश होंगे क्या?

4. अयोध्या से ग्राउंड रिपोर्ट / जहां मुस्लिम पक्ष को जमीन मिली है, वहां धान की फसल लगी है; लोग चाहते हैं कि मस्जिद के बजाए स्कूल या अस्पताल बने

खबरें और भी हैं...