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अग्निपथ पर फेक लेटर वायरल:रक्षा मंत्रालय ने कहा- स्कीम में कोई बदलाव नहीं; गलत सूचना फैलाने वाले 35 वॉट्सऐप ग्रुप बैन

नई दिल्ली2 महीने पहले

देश में अग्निपथ विवाद के बीच रक्षा मंत्रालय का एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि वैसे कैंडिडेट जो 2019 में भर्ती हुए और सैनिक नायक पद पर नहीं पहुंच सके, वे अग्निपथ स्कीम में आएंगे। केंद्र सरकार ने सोमवार को साफ किया कि रक्षा मंत्रालय के नाम से सर्कुलेट हो रहा लेटर फेक है। स्कीम में कोई संशोधन नहीं किया गया है।

अग्निपथ स्कीम पर फैलाई जा रही फेक न्यूज को लेकर केंद्र सरकार ने रविवार को 35 वॉट्सएप ग्रुप को बैन कर दिया था। इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। ये सभी वॉट्सएप ग्रुप के एडमिन बताए जा रहे हैं।

अग्निपथ योजना के विरोध में कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
अग्निपथ योजना के विरोध में कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।

लेटर में क्या लिखा गया था?
वायरल हो रहे लेटर में दावा किया गया था कि 1 जनवरी, 2019 में वेरिफाइड किए गए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ORs) के तहत जो सैनिक 1 जुलाई, 2022 तक नायक या उसके समकक्ष रैंक पर प्रमोट नहीं हो सके हैं, उन्हें अग्निपथ योजना के तहत रखा जाएगा।

लेटर में यह भी कहा गया है कि कैंडिडेट को पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद एक नई सेलेक्शन प्रोसेस से गुजरना होगा। केवल 25% कैंडिडेट को नए पायलट प्रोग्राम टेंडर के लिए रजिस्टर्ड किया जाएगा। शेष 75% को मौजूदा डिस्चार्ज सर्विस फंड के तहत रिटारयर कर दिया जाएगा।

35 वॉट्सऐप ग्रुप बैन किए गए
गृह मंत्रालय ने कहा है कि यह या इसके जैसी किसी भी सूचना के बारे में संदेह होने पर PIB का फैक्ट चेक देखा जाना चाहिए। अग्निपथ स्कीम पर फैलाई जा रही फेक न्यूज को लेकर केंद्र सरकार ने रविवार को 35 वॉट्सएप ग्रुप को बैन कर दिया था। इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। ये सभी वॉट्सएप ग्रुप के एडमिन बताए जा रहे हैं। हालांकि सरकार ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि इन ग्रुप्स के एडमिन पर क्या एक्शन लिया गया।

अग्निपथ पर सरकार का स्टैंड कायम
रविवार को भारतीय सेना के तीनों अंगों अग्निपथ स्कीम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें तीनों सेना के अधिकारियों ने युवाओं से अपील की थी कि वे किसी तरह के बहकावे में न आएं। सेना की ओर से कहा गया था कि अगर किसी युवा पर कोई अपराधिक मामला दर्ज होता है वे किसी भी कीमत पर अग्निवीर नहीं बन पाएंगे।