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पहली बार डल लेक के ऊपर एयर शो:करतब दिखाएंगे मिग-21 और सुखोई-30, एयरफोर्स में युवाओं की रुचि जगाने के लिए घाटी में 26 को होगा एयर शो

14 दिन पहलेलेखक: मुदस्सिर कुल्लू
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40 आदिवासी युवाओं को दी जाएगी मुफ्त पायलट ट्रेनिंग। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
40 आदिवासी युवाओं को दी जाएगी मुफ्त पायलट ट्रेनिंग। (फाइल फोटो)

कभी आतंक के खौफ से सन्नाटे सी ठहरी दिखने वाली श्रीनगर की ख्यात डल झील अब 26 सितंबर को एक अलग ही नजारा पेश करेगी। संघ शासित प्रदेश की सरकार श्रीनगर में अपनी तरह का पहला एयर शो आयोजित करने जा रही है। 26 सितंबर को होने वाले शो का उद्देश्य राज्य के युवाओं की एविएशन सेक्टर और एयर फोर्स में रुचि जगाना है।

एयर शो को ‘आजादी का महोत्सव’ नाम दिया गया है। इसमें डल लेक के ऊपर आसमान में सूर्यकिरण विमानों की अठखेलियों के साथ ही मिग-21 बायसन और सुखोई-30 लड़ाकू विमानों का फ्लाईपास्ट भी होगा। इसके अलावा पैरामोटर, पावर्ड हैंड-ग्लाइडर और आकाशगंगा स्काई डाइविंग टीम का प्रदर्शन भी इस शो के आकर्षण रहेंगे।

कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर पांडुरंग के. पोले ने बताया कि इस इवेंट के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ट्राइबल अफेयर्स विभाग 30 से 40 युवाओं को शॉर्टलिस्ट करेगा। चुने हुए युवाओं को मुफ्त पायलट ट्रेनिंग दी जाएगी। 25 सितंबर को फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की जाएगी।

अशांति और सरकारों की अनदेखी से कभी नहीं हुए ऐसे शो
इस शो में संघ शासित प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के साथ ही वेस्टर्न एयर कमांड के एओसी-इन-सी एयर मार्शल बीआर कृष्णा समेत 4000 से ज्यादा लोग भाग लेंगे। इसके अलावा श्रीनगर व आस-पास के इलाकों से 3000 स्कूली बच्चे भी एयर शो में आएंगे।

इसके पहले 2008 में भारतीय वायुसेना ने एक शो का आयोजन किया था। मगर इसके बाद 2010 से 2016 तक घाटी में लगातार अशांत हालात के चलते ऐसा कोई शो आयोजित नहीं हुआ। हालांकि राज्य सरकारों ने भी युवाओं को एविएशन सेक्टर से जोड़ने का ऐसा कोई प्रयास नहीं किया।

विकसित किए जाने वाले गांवों में ऊधमपुर के निकट बसा मनवाल गांव भी है जो अपने प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। काला डेरा मंदिर (तस्वीर में) और देवी भगवती मंदिर एएसआई के संरक्षित स्मारक हैं।
विकसित किए जाने वाले गांवों में ऊधमपुर के निकट बसा मनवाल गांव भी है जो अपने प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। काला डेरा मंदिर (तस्वीर में) और देवी भगवती मंदिर एएसआई के संरक्षित स्मारक हैं।

75 अनछुए गांवों को टूरिस्ट स्पॉट बनाएगी जम्मू-कश्मीर सरकार
मिशन यूथ के तहत जम्मू-कश्मीर के 75 अनछुए गांवों को अब पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। संघशासित राज्य के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने हाल ही में इस योजना का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत ऐसे गांव चुने गए हैं जो अपने ऐतिहासिक महत्व या प्राकृतिक नजारों के लिए अलग स्थान रखते हैं। योजना के तहत इन गांवों में गानों व फिल्मों की शूटिंग के लिए 8 से 10 लाख रुपए की विशेष मदद दी जाएगी।

साथ ही स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने के लिए 2-2 लाख रुपए की मदद दी जाएगी। इसके साथ ही ट्रेकिंग और पैरा ग्लाइडिंग जैसे एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए यूथ ग्रुप्स व सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के माध्यम से युवाओं को जोड़ा जाएगा। कोरोना की वजह से लगा लॉकडाउन खुलने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जुलाई में राज्य में कुल 10.5 लाख पर्यटक आए थे जो अगस्त में 11.2 लाख हो गए।

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