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अमरनाथ यात्रा का पहला दिन:हर 5 कदम पर पुलिस का जवान तैनात, मुफ्त खाना बांट रहे लंगरों में लग्जरी होटलों जैसे इंतजाम

जम्मू/बालटाल5 महीने पहलेलेखक: यात्रा से अक्षय बाजपेयी और वैभव पलनीटकर
अमरनाथ गुफा में सबसे पहले दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी की यह तस्वीर भास्कर को उपलब्ध कराई है। फोटो- समीर शर्मा

वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव जयकारे के साथ अमरनाथ यात्रा गुरुवार सुबह बालटाल और पहलगाम से शुरू हो गई। पहले जत्थे में 4,890 श्रद्धालु हैं। ये सभी बुधवार सुबह जम्मू बेस कैंप से यहां के लिए रवाना हुए थे और देर रात पहुंचे।​​

श्रद्धालुओं के लिए यहां खास इंतजाम किए गए हैं। लंगर समितियां सबसे व्यस्त हैं। उनके वर्कर्स बर्फीले पानी में सब्जियां साफ कर रहे हैं और दूसरी तरफ रसोइया इसे तैयार कर श्रद्धालुओं को परोस रहे हैं। मुफ्त खाना परोस रहे लंगरों में व्यवस्थाएं किसी लग्जरी होटल की तरह हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए गए हैं। हर 5 कदम पर पुलिस का जवान तैनात है। लोग पहलगाम के लंबे रास्ते से जाने को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जबकि बालटाल का रास्ता छोटा है, पर यहां भीड़ कम नजर आ रही है।

अमरनाथ यात्रा के दौरान सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन कर लौटे श्रद्धालु विजय गर्ग और विवेक सिंघल। फोटो- समीर शर्मा
अमरनाथ यात्रा के दौरान सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन कर लौटे श्रद्धालु विजय गर्ग और विवेक सिंघल। फोटो- समीर शर्मा

हर रोज एक लाख लोगों का भोजन
ये सभी लंगर हर रोज एक लाख लोगों का भोजन बनाएंगे। श्रद्धालुओं, सुरक्षाबलों के जवानों के साथ प्रशासन के कर्मचारी भी इन लंगरों में भोजन करते हैं। इस तरह यह यात्रा मार्ग देश के सबसे बड़े सामूहिक किचन में तब्दील हो जाता है। 24 घंटे चूल्हा चालू रखने के लिए बड़े पैमाने पर राशन और LPG सिलेंडर बेस कैंप पर स्टोर कर लिए गए हैं।

इस बार लंगर में नहीं मिलेगा फास्ट फूड और तला हुआ खाना
जालंधर से आकर लंगर लगाने वाले राजकुमार कवि ने बताया कि भीड़ बुधवार शाम से ही शुरू हो गई है और यह हर गुजरते दिन के साथ बढ़ेगी। उन्होंने कहा- 'मैं 23 साल से यहां लंगर लगा रहा हूं। दो साल के बाद यहां फिर आकर उत्साहित हूं और खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं। हम यहां 16 जून को आए थे और तीन दिनों तक तेज बारिश हुई। ऐसे में लंगर के बुनियादी ढांचे को खड़ा करने में बहुत मेहनत करनी पड़ी।'

राजकुमार अपने भंडारा को अगले डेढ़ माह तक चलाने के लिए जरूरी वस्तुओं के 7 ट्रक लेकर आए हैं। उनके साथ 50 लोगों की टीम है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सख्त दिशा-निर्देशों के बारे में राजकुमार ने कहा कि इस साल उन्हें सब कुछ बदलना पड़ा। पहले हम बहुत सारे व्यंजन परोसते थे, लेकिन इस साल सभी तली हुई चीजों और फास्ट फूड पर पाबंदी है। हालांकि, हमें निराशा हुई है, लेकिन यह तीर्थयात्रियों के लिए अच्छा है। हम दाल-चावल, दाल-रोटी, रुमाली-रोटी, तंदूरी-रोटी, दाल के व्यंजन और हरी सब्जियां बना रहे हैं।

बालटाल कैंप में लंगर की कतारें व भोजन करते हुए श्रद्धालु।
बालटाल कैंप में लंगर की कतारें व भोजन करते हुए श्रद्धालु।

शिव-पार्वती सेवा दल (चंडीगढ़) के राजेंद्रर सिंह सामंत ने 16वें साल यहां डोमेल में लंगर लगाया है। वे कहते हैं- ‘इस बार यहां सुविधाएं काफी बेहतर हैं। पानी, बिजली और मोबाइल सिग्नल चल रहे हैं। नई सड़कें भी बनी हैं, उन्हें चौड़ा भी किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं।’

नीचे दिए फोटोज में देखें यात्रा मार्ग से गुजरते श्रद्धालुओं की तस्वीर..

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने का निर्देश देता सुरक्षाबल का जवान। यात्रा में पहली बार केंद्र की 350 कंपनियां तैनात की गई हैं। इनमें सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज यानी CAPF के 40 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने का निर्देश देता सुरक्षाबल का जवान। यात्रा में पहली बार केंद्र की 350 कंपनियां तैनात की गई हैं। इनमें सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज यानी CAPF के 40 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।
3880 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए एक पुलिया से गुजरते श्रद्धालु। इनमें से कई श्रद्धालु घोड़ों पर सवार दिखाई दिए।
3880 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए एक पुलिया से गुजरते श्रद्धालु। इनमें से कई श्रद्धालु घोड़ों पर सवार दिखाई दिए।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ते तीर्थयात्री। उंची चढ़ाई के दौरान लोग लाठियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ते तीर्थयात्री। उंची चढ़ाई के दौरान लोग लाठियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी में तीर्थयात्रियों के यात्रा मार्ग पर निगरानी करते सुरक्षाबल के जवान। यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी में तीर्थयात्रियों के यात्रा मार्ग पर निगरानी करते सुरक्षाबल के जवान। यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
यात्रा मार्ग से गुजरता श्रद्धालुओं का कारवां, यात्रा के लिए अब तक रिकॉर्ड 3 लाख से अधिक श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
यात्रा मार्ग से गुजरता श्रद्धालुओं का कारवां, यात्रा के लिए अब तक रिकॉर्ड 3 लाख से अधिक श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

तीन शिफ्ट में सफाई कर्मचारी यात्रा मार्ग पर काम करेंगे
कुछ लंगर समितियां इस बार तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोरिक्शा भी साथ लाई हैं। पर्यावरण की दृष्टि से इस संवेदनशील क्षेत्र काे बचाना श्राइन बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती है। बालटाल बेस कैप के निदेशक एनएस जामवाल बताते हैं कि तीन शिफ्ट में सफाई कर्मचारी यात्रा मार्ग पर काम करते रहेंगे। मार्ग पर 21 स्थिर और 700 मोबाइल शौचालय बनाए गए हैं। बालटाल और डोमेल के बीच 200 डस्टबिन रखी गई हैं। ठोस और गीले कचरे का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए 350 कर्मचारियों को तैनात किया गया है।