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फोन रिकॉर्डिंग पर भड़कीं नवनीत राणा:लव जिहाद केस की फोन पर शिकायत की थी, थाने पहुंच कर बोलीं- रिकॉर्डिंग का हक किसने दिया

मुंबई3 महीने पहले
अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने राजपेठ थाने में कार्यकर्ताओं के साथ जाकर हंगामा किया।

महाराष्ट्र के अमरावती से सांसद नवनीत राणा ने बुधवार को राजपेठ पुलिस स्टेशन में पहुंचकर हंगामा किया। वे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ थाने में पहुंचीं। नवनीत का आरोप है कि लव जिहाद के मामले की शिकायत के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मी को फोन किया था और उसने उनका फोन रिकॉर्ड कर लिया। इसी बात से वे नाराज हो गईं। उन्होंने गुस्से में अफसर से पूछा- रिकॉर्डिंग का हक किसने दिया।

राणा ने कहा- 'लड़की के माता-पिता मेरे पास शिकायत लेकर आए थे कि लड़की को अंधेरे में रखकर उसकी शादी की गई है। इसको लेकर जब मैंने पुलिस स्टेशन फोन किया तो पुलिस ने मेरा फोन रिकॉर्ड कर लिया, किसने उन्हें मेरी कॉल रिकॉर्ड करने का अधिकार दिया। लड़की का अपहरण हुआ है। वे उसे ढूंढकर सामने लेकर आएं।" पुलिस ने राणा को जवाब दिया कि उन्होंने इस केस में सब्जी बेचने वाले एक युवक को हिरासत में लिया है।

राणा का कहना है कि लड़की कहां है, इसका जवाब कोई नहीं दे रहा।
राणा का कहना है कि लड़की कहां है, इसका जवाब कोई नहीं दे रहा।

लड़की कहां है कोई नहीं जवाब नहीं दे रहा- राणा
नवनीत राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि अमरावती को बदनाम क्यों किया जा रहा है। 19 साल की हिंदू लड़की। लड़के को पकड़ लिया गया है। वे रात से जांच कर रहे हैं, लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा है, लेकिन लड़की कहां है इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। राणा ने यह भी कहा कि लड़के के परिवार को पकड़कर यहां ले आओ, एक घंटे में सब कुछ सामने आ जाएगा।

लड़की के परिजन बोले- लड़के को नहीं जानते
मीडिया से बात करते हुए लड़की के माता-पिता ने कहा कि मेरी बेटी 12.30 बजे बैंक गई थी, लेकिन बाद में उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। लड़की के माता-पिता ने कहा कि लड़का हमारे घर कभी नहीं आया।

पुलिस पर आरोप- मामले को गंभीरता से नहीं ले रही
BJP सांसद अनिल बोंडे ने कहा कि धरनी और अमरावती के ऐसे दो मामले हैं। धरनी की बेटी को हैदराबाद ले गए हैं। उस लड़की ने भी मुझे फोन किया। वह अमरावती आना चाहती है। मैंने पुलिस से उन लड़कियों को ढूंढ़ने और छुड़ाने का अनुरोध किया, लेकिन इन मामलों को उतनी गंभीरता से नहीं लिया, जितना उन्हें होना चाहिए था। ऐसे ही बीस मामले धरनी में जबकि चार मामले अमरावती में सामने आए हैं। अगर इन बच्चियों के माता-पिता शिकायत लेकर जाते हैं तो उनकी शिकायत नहीं दर्ज की जाती है।