• Hindi News
  • National
  • an encounter broke out between security forces and militants in Jammu and Kashmir Pulwama

पुुलवामा / हमले के बाद अब तक 18 आतंकी मारे, इनमें मास्टरमाइंड मुदासिर-कामरान भी शामिल: सेना



मुदासिर खान 2017 में आतंकी संगठन जैश से जुड़ा था। -फाइल मुदासिर खान 2017 में आतंकी संगठन जैश से जुड़ा था। -फाइल
आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है। आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है।
सुरक्षाबलों को त्राल के पिंगलिश इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सुरक्षाबलों को त्राल के पिंगलिश इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
X
मुदासिर खान 2017 में आतंकी संगठन जैश से जुड़ा था। -फाइलमुदासिर खान 2017 में आतंकी संगठन जैश से जुड़ा था। -फाइल
आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है।आतंकियों के पास भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है।
सुरक्षाबलों को त्राल के पिंगलिश इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी।सुरक्षाबलों को त्राल के पिंगलिश इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी।

  • सुरक्षाबलों ने त्राल में जैश कमांडर मुदासिर और दो आतंकियों को मार गिराया 
  • सेना ने कहा- जनवरी से अब तक 70 दिन में 44 आतंकी मारे गए, ज्यादातर जैश के
  • 'पाकिस्तान ने पिछले साल 1629 और 2019 में अब तक 478 बार सीजफायर तोड़ा'

Dainik Bhaskar

Mar 11, 2019, 05:35 PM IST

श्रीनगर. पुलवामा में सीआरपीएफ पर फिदायीन हमले के बाद सुरक्षाबलों ने 21 दिन में कश्मीर घाटी के 18 आतंकियों को मार गिराया। त्राल में हुई मुठभेड़ में रविवार को जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी मारे गए। इनमें हमले का मास्टरमाइंड मुदासिर अहमद खान (23) और कामरान शामिल हैं। एक आतंकी खादिल पाकिस्तानी था। मुदासिर ने जवानों पर हमले के लिए गाड़ी और विस्फोटक जुटाया था।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने बताया कि मारे गए 18 आतंकियों में 14 जैश-ए-मोहम्मद से ताल्लुक रखते थे। इनमें से 8 पाकिस्तानी थे। जनवरी से अब तक 70 दिन में 44 आतंकियों को मारा गया। सीआरपीएफ के आईजी जुल्फिकार हसन ने कहा कि हम घाटी में जैश के खात्मे के करीब हैं, लेकिन अभी काम पूरा नहीं हुआ है। आतंकियों की भर्ती में कमी आई है, उनके मददगारों को भी पकड़ा जा रहा है।

 

सुरक्षाबलों ने घर को विस्फोट से उड़ाया

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्राल इलाके के पिंगलिश गांव में आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने रविवार को तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान एक घर में छिपे आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग की। सुरक्षाबलों ने देर रात घर को विस्फोट से उड़ा दिया। सोमवार सुबह तीनों आतंकियों के शव मिले। उनके पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद हुआ।

 

इलेक्ट्रीशियन था आतंकी मुदासिर

एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि 14 फरवरी को सीआरपीएफ पर हमले से पहले मुदासिर लगातार फिदायीन आदिल अहमद डार के संपर्क में था। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। मुदासिर ग्रेजुएशन और इलेक्ट्रीशियन का डिप्लोमा कर चुका था। वह 2017 में अजहर मसूद के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था। फिलहाल, आतंकी संगठन का कमांडर था। मुदासिर फरवरी 2018 में आर्मी कैंप पर हुए हमले में भी शामिल रहा था।

 

हमले में इस्तेमाल हुई थी मारूति ईको
एनआईए के मुताबिक, सीआरपीएफ पर हमले के लिए आतंकियों ने एक मारूति ईको कार का इस्तेमाल किया था। जैश के आतंकी सज्जाद भट ने हमले से 10 दिन पहले ही यह कार खरीदी थी। सज्जाद हमले के बाद से फरार है। एनआईए की टीम ने पिछले महीने सज्जाद और मुदासिर के घर पर छापेमारी की थी।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना