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केजरीवाल के होस्ट ऑटो ड्राइवर के घर से रिपोर्ट:एक कमरे का घर, 6 लोग रहते हैं; पत्नी बोली- जो खाते हैं, वही उन्हें खिलाया

अहमदाबाद3 महीने पहलेलेखक: अनिरुद्ध सिंह मकवाना

दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल गुजरात दौरे पर हैं। उनके दौरे में सबसे ज्यादा चर्चा ऑटो ड्राइवर विक्रमभाई दंताणी की है, जिनके बुलावे पर केजरीवाल सोमवार को उनके घर डिनर करने पहुंचे थे। भास्कर ने विक्रम के घर पहुंचकर उनकी जिंदगी देखी। एक कमरा-किचन के मकान में 6 लोगों का परिवार रहता है। विक्रम की पत्नी निशा बेन ने बताया- हम जो रोज खाते हैं, वहीं अरविंद केजरीवाल को खिलाया।

भास्कर टीम अहमदाबाद के घाटलोदिया क्षेत्र के दंताणी कस्बे में रहने वाले ऑटो ड्राइवर विक्रमभाई दंताणी के घर पहुंची। यही सोमवार शाम केजरीवाल ने डिनर किया था। एक कमरे-किचन के इस घर के बाहर एक शेड है। इसी घर में विक्रम, उनकी पत्नी, एक साल की बेटी, मां और दो छोटे भाई रहते हैं।

दिल्ली के CM को दूधिया साग, दाल-चावल और रोटी खिलाई
कमरे में 6 बाई 4 की चारपाई रखी है। इसी चारपाई के एक पल्ले से साड़ी का झूला बनाकर उसमें अपने एक साल के बच्चे को झुला रहीं निशा बेन बैठी थीं। हमने सबसे पहले उनसे ही बात की। उन्होंने बताया- सोमवार दोपहर विक्रम घर आए तो उन्होंने बताया कि अरविंद केजरीवाल हमारे घर डिनर पर आ रहे हैं। पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। विक्रम ने जोर देकर कहा- हां, केजरीवाल आज रात में ही आ रहे हैं।

निशा कहती हैं- मैं डिनर की तैयारियों में जुट गई। समझ नहीं आ रहा था कि क्या बनाऊं। फिर मुझे लगा कि केजरीवाल जी को वही खिलाना चाहिए जो हम रोज खाते हैं। जब वो रात में आए तो मैंने उन्हें दूधिया साग, दाल-चावल और रोटी परोसी। दिल्ली के मुख्यमंत्री को अपने घर खाना खिलाकर मैं बहुत खुश हूं।

होटल से निकलते वक्त पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए केजरीवाल को ऑटो में बैठने से रोका था। इस पर केजरीवाल पुलिस से भिड़ गए और ऑटो से ही विक्रम के घर गए।
होटल से निकलते वक्त पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए केजरीवाल को ऑटो में बैठने से रोका था। इस पर केजरीवाल पुलिस से भिड़ गए और ऑटो से ही विक्रम के घर गए।

विक्रम बोले- पंजाब का वीडियो देखकर आमंत्रित किया
ऑटो ड्राइवर विक्रम भाई ने बताया- हमारे ऑटो रिक्शा चालक संघ की बैठक हुई थी और हमें अरविंद केजरीवाल के रिक्शा चालकों के साथ बातचीत में जाना था। पहले हमें नहीं पता था कि अरविंद केजरीवाल वहां आने वाले हैं, लेकिन जब मैं वहां गया तो अरविंद केजरीवाल वहां आ गए। मैंने पंजाब का एक वीडियो देखा था, जिसमें वे एक रिक्शा चालक के घर खाना खाने गए थे, तो मेरे मन में भी निमंत्रण देने का मन हुआ, इसलिए मैंने उन्हें आमंत्रित किया और उन्होंने मेरा निमंत्रण स्वीकार कर लिया और मेरे घर रात के खाने के लिए आ गए।

केजरीवाल के साथ गोपाल इटालिया, ईशुदान गढ़वी और इंद्रनील राज्यगुरु भी आए थे। मैंने अरविंद केजरीवाल को अपने घर पर डिनर करने को कहा। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि वे मेरे घर रात के खाने के लिए आएंगे। मैं उन्हें ताज होटल से ऑटो में अपने घर ले गया। मैं इससे बहुत खुश हूं।

विक्रम को यकीन नहीं हो रहा था कि केजरीवाल उनके घर आएंगे। जब केजरीवाल घर आए तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था।
विक्रम को यकीन नहीं हो रहा था कि केजरीवाल उनके घर आएंगे। जब केजरीवाल घर आए तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था।

होटल से घर तक कोई बात नहीं हुई
विक्रम बताते हैं- जब मैं ताज होटल पहुंचा तो ऑटो में पीछे अरविंद केजरीवाल बैठे थे, लेकिन उनसे कोई बातचीत नहीं हुई। डीसीपी बी.यू. जडेजा भी बैठे थे। होटल से ऑटो शुरू किया और बिना कहीं खड़े और बात किए सीधे घर ले आया। जब मैं घर आया तो वहां लोगों की भारी भीड़ थी। हम मुश्किल से घर पहुंचे थे।

केजरीवाल से मिलने विक्रम के घर के आसपास रहने वाले लोग भी आए थे।
केजरीवाल से मिलने विक्रम के घर के आसपास रहने वाले लोग भी आए थे।

खाने के समय केजरीवाल से बातचीत हुई
रात के खाने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने मेरे परिवार के बारे में मुझसे बातचीत की। उन्होंने पूछा कि मेरे घर में कौन है। मैंने कहा कि मैं अपने घर में अपने दो भाइयों, पत्नी, 1 साल की बेटी और मां के साथ रहता हूं।

5-10 हजार की नौकरी करते हैं दोनों छोटे भाई
विक्रम भाई के पिता का साल 2013 में निधन हो गया था और तब से वे ऑटो चला रहे हैं। उनके दोनों भाई पांच से दस हजार की सामान्य नौकरी कर रहे हैं।