• Hindi News
  • National
  • Aryan Khan Drugs Case; Sameer Wankhede | NCB Investigating Officer Petition Filed In Bombay High Court

क्रूज ड्रग्स केस:समीर वानखेड़े को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तार करने से तीन दिन पहले मुंबई पुलिस देगी नोटिस

मुंबईएक महीने पहले

आर्यन खान मामले की जांच कर रहे NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर अंतरिम राहत दे दी है। हाईकोर्ट ने वानखेड़े को फिलहाल तत्काल गिरफ्तार करने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि मुंबई पुलिस को यदि उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है तो उसे तीन दिन पहले वानखेड़े को नोटिस देकर सूचित करना होगा। लेकिन हाईकोर्ट ने मामले की जांच मुंबई पुलिस को ही जारी रखने की छूट भी दी है।

इससे पहले वानखेड़े ने अपने खिलाफ मुंबई पुलिस की तरफ से प्रभाकर सैल की शिकायत पर शुरू की गई जांच के खिलाफ याचिका दायर की। वानखेड़े ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने की गुहार लगाई। साथ ही इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। इस सुनवाई के दौरान ही एक अन्य हाईकोर्ट बेंच में आर्यन खान की बेल पर भी सुनवाई चल रही थी।

सरकार बना रही है निजी निशाना
वानखेड़े की याचिका पर जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस एसवी कोटवाल की बेंच सुनवाई कर रही है। वानखेड़े के वकील ने बेंच से कहा कि मुझे (वानखेड़े को) महाराष्ट्र राज्य सरकार की तरफ से निजी निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए मुझे गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी जानी चाहिए।

मेरे अधिकारों का हनन होने तक इंतजार नहीं कर सकते
वानखेड़े के वकील ने कहा, जांच के लिए राज्य की तरफ से कोई सहमति नहीं ली गई है। यदि मुंबई पुलिस मुझे (वानखेड़े को) आज गिरफ्तार करती है, जिसकी मुझे आशंका भी है। मीलॉर्ड, राज्य की तरफ से मेरे अधिकारों का हनन होने तक इंतजार नहीं किया जा सकता।

वानखेड़े ने कहा, मीलॉर्ड, मेरे अधिकारों की रक्षा की जाए। मैं कोई पैडलर नहीं केवल एक डायरेक्टर हूं। मेरी रिक्वेस्ट है कि इसे (जांच को) CBI या NIA को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत भी इस तरह मेरी जांच करने पर रोक है। केंद्रीय जांच एजेंसी पर किसी तरह का आरोप नहीं है।

सरकार ने कहा- हमने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया
महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश सरकारी वकील ने वानखेड़े की याचिका का विरोध किया। सरकारी वकील ने हाईकोर्ट बेंच से कहा कि वानखेड़े के खिलाफ चार अलग-अलग शिकायत मिली हैं। इनकी जांच अभी शुरू की गई है, जिसे ACP लेवल का अफसर लीड कर रहा है। अभी तक वानखेड़े के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। ऐसे में उनकी तरफ से यह याचिका बेहद प्री-मैच्योर स्टेज पर दाखिल की गई है।

हाईकोर्ट ने कहा- गिरफ्तारी से पहले तीन दिन का नोटिस दें
वानखेड़े की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिलहाल जांच CBI को सौंपने का आदेश जारी करने की मांग को खारिज कर दिया, लेकिन हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है कि अगर मुंबई पुलिस वानखेड़े को गिरफ्तार करती है तो पहले उन्हें 3 दिन का नोटिस देना होगा।

हाईकोर्ट ने कहा, सरकारी वकील आश्वासन दें कि मुंबई पुलिस गिरफ्तारी से पहले 3 वर्किंग-डे का नोटिस वानखेड़े को सौंपेगी। इसी के साथ रिट पिटीशन निस्तारित की जा रही है। इस पर सरकारी वकील ने कहा, यदि हम प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत कोई मुकदमा वानखेड़े के खिलाफ दर्ज करेंगे तो हम उन्हें 72 घंटे पहले ही नोटिस देंगे।