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असम CM बोले- जिहादी गतिविधियों का अड्डा बना राज्य:मदरसों में युवाओं को दी जा रही ट्रेनिंग, बाहरी इमामों से सावधान रहें

नई दिल्ली4 महीने पहले
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का कहना है कि राज्य जिहादी गतिविधियों का अड्डा बन रहा है। हाल के कुछ महीनों में यहां बांग्लादेश के आतंकी संगठन अंसारुल इस्लाम के 5 मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है। इस संगठन के 6 सदस्य असम आए और यहां के युवाओं को बरगलाने की कोशिश कर रहे थे।

मार्च में राज्य से इस संगठन के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया था। सीएम ने कहा कि असम के बाहर के इमाम राज्य के मुस्लिम युवकों को निजी मदरसों में पढ़ाई के नाम पर जिहादी बना रहे हैं, यह चिंताजनक है।

असम में मदरसे पर चला बुलडोजर
राज्य के मोरीगांव जिले के मोइराबारी इलाके में स्थित जमीउल हुडा मदरसे पर गुरुवार को बुलडोजर चला दिया गया। आरोप है कि यहां जिहादी गतिविधियां होती थीं। मदरसे का संस्थापक मुफ्ती मुस्तफा 28 जुलाई को गिरफ्तार हो चुका है। मुफ्ती मुस्तफा के आतंकी संगठन अलकायदा और बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसारुल इस्लाम से जुड़ा हुआ है।

अभी सिर्फ एक गिरफ्तार हुआ, 5 आजाद है
मुख्यमंत्री ने कहा कि एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठन के 6 सदस्य राज्य में आए थे, जिनमें से सिर्फ एक को गिरफ्तार किया गया है, अन्य पांच लोग आपके बीच हैं। ऐसे में आपको सावधान रहने की जरूरत है।

सीएम ने लोगों से की ये अपील
सीएम ने राज्य के लोगों से अपील की है कि अगर राज्य में कोई भी बाहरी इमाम आता है तो पुलिस को खबर दें। ऐसे इमाम के पास अपने बच्चों को पढ़ने कतई न भेजें, इससे आपके घर की खुशियां तबाही में बदल सकती हैं। मदरसों के संचालकों से भी मेरा अनुरोध है कि किसी बाहरी को मदरसे में बच्चों को पढ़ाने की अनुमति न दें।

कोरोना काल में चलाए गए जिहादी बनाने के शिविर
असम सीएम ने कहा जिहादी गतिविधि, आतंकवादी या उग्रवाद गतिविधियों से बहुत अलग है। किसी को जिहादी बनाने के लिए कई सालों तक उन्हें बरगलाया जाता है। उन्हें इस्लाम के प्रति इतना कट्टर बना दिया जाता है कि वे कोई भी कदम उठाने से पहले सोचते नहीं। 2016-17 में राज्य में कई बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से देश में दाखिल हुए। कोरोना महामारी के दौरान जब देश में बंदी थी तो इन लोगों ने कई प्रशिक्षण शिविर चलाए थे।