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कहीं आफत-कहीं राहत:असम-मेघालय में बाढ़ से 81 लोगों की मौत, राजस्थान में प्री-मानसून से लोग परेशान; दिल्ली में आज से होगी तेज बारिश

नई दिल्ली5 महीने पहले

देश में बारिश के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं बाढ़ है, कहीं हल्की बारिश है तो कई राज्य अभी भी बारिश के इंतजार में हैं। असम और मेघालय में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 81 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं। दिल्ली की बात करें तो आज मौसम विभाग ने तेज बारिश की संभावना जताई है। आइए जानते हैं अलग-अलग राज्यों में बारिश की स्थिति...

असम-मेघालय में भारी बारिश से हालात खराब
असम और मेघालय में भारी बारिश से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। बाढ़ और लैंडस्लाइड से असम में अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को असम के डिब्रूगढ़ में नाव पलटने से 4 लोग लापता हो गए। दरअसल, NDRF के जवान बाढ़ में फंसे लोगों को नाव की मदद से सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे थे। रास्ते में ही यह हादसा हो गया।

वहीं, मेघालय में 19 लोगों की मौत हो गई है। दोनों राज्यों में कम से कम 40 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। असम के 28 जिलों में स्थिति बेहद ही खराब है। हालांकि, सेना राहत और बचाव अभियान चला रही है।

असम में शनिवार को SDRF की टीम ने बाढ़ में फंसे 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा।
असम में शनिवार को SDRF की टीम ने बाढ़ में फंसे 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा।

4 करीब हजार गांव बाढ़ से प्रभावित
असम में 32 जिलों में 31 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 1.56 लाख लोग 514 राहत शिविरों में हैं। बाढ़ के कारण कई हजार हेक्टेयर खेत बर्बाद हो गए हैं। कई सड़कें टूट गई हैं। ब्रह्मपुत्र, गौरांग, कोपिली, मानस और पगलाड़िया नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर है।

असम के कामपुर में शनिवार को बाढ़ के कारण लोग घर छोड़ने पर मजबूर हो गए।
असम के कामपुर में शनिवार को बाढ़ के कारण लोग घर छोड़ने पर मजबूर हो गए।

पड़ोसी राज्यों में भी बाढ़ का खतरा
राज्य सरकार ने बाढ़ और भूस्खलन में फंसे लोगों के लिए गुवाहाटी और सिलचर के बीच उड़ानों की भी व्यवस्था की है। दक्षिण असम त्रिपुरा और मिजोरम को जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा लैंडस्लाइड से बह गया। इसलिए सड़क का एक किनारा परिवहन के लिए बंद कर दिया गया है। उधर, पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश में सुबनसिरी नदी के पानी ने एक बांध को जलमग्न कर दिया है। मणिपुर के कई जिलों में भी बाढ़ जैसे हालात हैं, यहां अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है।

मैप में महाराष्ट्र तक मानसून की सक्रियता वाला क्षेत्र दिखाया गया है। सफेद क्षेत्र में अभी भी मानसून का इंतजार है।
मैप में महाराष्ट्र तक मानसून की सक्रियता वाला क्षेत्र दिखाया गया है। सफेद क्षेत्र में अभी भी मानसून का इंतजार है।

दिल्ली में रविवार को तेज बारिश का अनुमान
दिल्ली में बीते दिनों हुई झमाझम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में 21 जून तक बादल छाए रहने और तेज बारिश होगी। इसके अलावा दिल्ली में मानसून के 27 जून या एक-दो दिन पहले पहुंचने की उम्मीद है।

MP में भी बारिश ने जोर पकड़ा
मध्यप्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भोपाल, जबलपुर, सागर संभागों के अधिकांश इलाकों में बीते 3 दिन से बारिश हो रही है। अब अगले 48 घंटों में इन इलाकों में मानसून की भी बारिश शुरू हो जाएगी। भोपाल में तो रविवार सुबह भी रुक-रुककर बौछारें पड़ने लगी। इंदौर के भी अधिकांश इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे राज्य में 28 जून तक मानसून की रंगत दिखने लगेगी। पढ़ें पूरी खबर...

केदारनाथ धाम में बारिश के बीच भक्तों ने बाबा के दर्शन किए।
केदारनाथ धाम में बारिश के बीच भक्तों ने बाबा के दर्शन किए।

राजस्थान में 15 जिलों में अलर्ट
राजस्थान में प्री मानसून की बारिश के कारण नदियां-नाले उफान पर हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जयपुर सहित कई जिलों में शनिवार देर रात से बारिश पड़ रही है। वहीं, मौसम केंद्र जयपुर ने टोंक, करौली, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जयपुर शहर, जोधपुर, अलवर सहित 15 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून की बात करें तो इसका दो दिन बाद सिरोही और उदयपुर के रास्ते आने का अनुमान है। पढ़ें पूरी खबर...

राजस्थान के टोंक जिले में भारी बारिश से सड़क पर खड़ा ट्रैक्टर पीछे लगी ट्राली सहित बह गया।
राजस्थान के टोंक जिले में भारी बारिश से सड़क पर खड़ा ट्रैक्टर पीछे लगी ट्राली सहित बह गया।

बिहार में आज इन जिलों में अलर्ट
बिहार के कई जिलों में आज मौसम विभाग ने तेज बारिश की संभावना जताई है। इसमें बक्सर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया शामिल है।

यूपी में देरी से आएगा मानसून
यूपी में मानसून इस साल एक हफ्ते की देरी से आएगा। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि 21 से 22 जून तक मानसून आएगा। हालांकि, बीते दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश भी हुई। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत भी मिली। मौसम विभाग ने आज मेरठ, सहारनपुर सहित कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। पढ़ें पूरी खबर...

शनिवार को मुंबई के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। यह तस्वीर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे की है। 20 जून से मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
शनिवार को मुंबई के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। यह तस्वीर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे की है। 20 जून से मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

छत्तीसगढ़ में अब तक दुर्ग में ही अटका मानसून
छत्तीसगढ़ पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून दुर्ग में ही अटका पड़ा है। वहीं घने काले बादलों ने पूरे प्रदेश में डेरा जमा लिया है। चांपा, जांजगीर और मरवाही में शनिवार को भारी बरसात दर्ज हुई। वहीं, बस्तर से लेकर दुर्ग तक के इलाके करीब-करीब सूखे ही रहे। मौसम विभाग के अनुसार आज कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर...

इस बार सामान्य रहेगा मानसून
मौसम विभाग और वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा। बारिश के बीच अगर बड़ा अंतर नहीं आता है तो जुलाई-अगस्त में अच्छी बरसात होगी। देश में पूर्वी महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ ऐसे प्रदेश हैं जहां बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों मानसून सक्रिय होते हैं।

21 साल में 14 बार सामान्य रहा मानसून
2001 से अब तक 21 सालों में मानसून 14 बार सामान्य रहा है। वहीं 2 बार 2002 और 2009 में सामान्य से कम रहा। 2002 में राजस्थान में महज 233 MM और 2009 में 378 MM बरसात हुई थी। वहीं पांच बार सामान्य से ज्यादा मानसून रहा। इनमें 2006 में 670 MM, 2011 में 736 MM, 2013 में 691 MM, 2016 में 678 और 2019 में 747 MM बरसात हुई है।