अयोध्या / धार्मिक संगठनों ने फैसले को सहर्ष स्वीकार करने की अपील की, बोले- निर्णय जो हो, जीतेगा सौहार्द ही



तस्वीर अहमदाबाद शहर की है। यहां मुस्लिम संगठनों ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अमन के लिए दुआ मांगी। तस्वीर अहमदाबाद शहर की है। यहां मुस्लिम संगठनों ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अमन के लिए दुआ मांगी।
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तस्वीर अहमदाबाद शहर की है। यहां मुस्लिम संगठनों ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अमन के लिए दुआ मांगी।तस्वीर अहमदाबाद शहर की है। यहां मुस्लिम संगठनों ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अमन के लिए दुआ मांगी।

  • अयोध्या विवाद पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा, हर बार की तरह अयोध्या फिर तैयार
  • उत्तर प्रदेश में 15 दिसंबर तक पुलिस के सभी अधिकारियों की छुट्‌टी निरस्त, स्कूलों में छुट्‌टी
  • 75 जिलों में 24 घंटे का एक कंट्रोल रूम बना, अयोध्या और लखनऊ में हेलीकॉप्टर की व्यवस्था

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 04:45 AM IST

लखनऊ/अयोध्या. अयोध्या विवाद पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा। हर बार की तरह एक बार फिर फैसले का स्वागत करने के लिए अयोध्या तैयार है। देर रात तक अयोध्या और यूपी के अन्य शहरों में धार्मिक संस्थाएं, संगठन और आम लोग फैसले को सहर्ष स्वीकार करने की लोगों से अपील करते नजर आए। धार्मिक संगठनों ने कहा है कि यह शहर अमन का है, यहां हमेशा से शांति रही है और अयोध्या एक बार फिर शांति-सौहार्द-सद्भाव के लिए तैयार है।

 

पुलिस अफसरों की छुटि्टयां निरस्त

प्रशासन ने 15 दिसंबर तक पुलिस के सभी आला अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। साथ ही सभी 75 जिलों में अस्थायी जेलें बनाने का निर्देश भी दिया गया है। अयोध्या में सुरक्षबलों की कम से कम 50 कंपनियां तैनात हैं। जबकि अन्य जिलों में सुरक्षाबलों की 70 कंपनियां तैनात हैं। प्रदेश स्तर पर एक कंट्रोल रूम और सभी 75 जिलों में एक-एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। ये कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेंगे। किसी भी आपात स्थिति के लिए लखनऊ और अयोध्या में एक-एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई है। अयोध्या में राम जन्मभूमि जाने वाले सभी मार्गों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। यात्री और श्रद्धालु राम नगरी की तरफ पैदल ही प्रवेश कर पा रहे हैं।

 

सीएम योगी ने बैठक बुलाई, अयोध्या और लखनऊ के बीच हाॅटलाइन

लखनऊ (विजय उपाध्याय). अयोध्या विवाद पर फैसले के मद्देनजर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। जैसे ही इसकी सूचना मिली तो गृह विभाग में हलचल तेज हो गई। पुलिस हेडक्वार्टर की सिग्नेचर बिल्डिंग के फोन घनघनाने लगे। अधिकारियों की गाड़ी घर से वापस लोक भवन स्थित कार्यालय की तरफ दौड़ पड़ी। सीएम के आवास 5 कालिदास पर भी हलचल बढ़ गई। मुख्यमंत्री के ओएसडी और उनके सचिवालय के सभी अफसर भी पहुंच गए थे। सीएम ने एक अपील जारी की जिसमें कहा गया कि प्रदेशवासी फैसले को शांति से सुने और अमन कायम रखें। डीजीपी ओपी सिंह ने यूपी के सभी स्कूलों को सोमवार तक 11 नवंबर तक बंद करने का ऐलान कर दिया।

 

संवेदनशील इलाकों में पुलिस टीम का फ्लैग मार्च

वाराणसी (अमित मुखर्जी). अयोध्या मामले पर फैसला आने की खबर मिलेत ही पुलिस टीम ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया। वहीं जिला प्रशासन, पुलिस के आला अधिकारियों और शांति कमेटियों ने विभिन्न स्थानों पर बैठक की। प्रशासन द्वारा 11 नवंबर तक स्कूल-कॉलेजों में छुट्‌टी कर दी गई है। काशी विश्वनाथ समेत कई मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। बैठकों के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक बृजभूषण ने लोगों को समझाइश दी कि सोशल मीडिया पर युवा कुछ भी मैसेज डाल देते हैं, उन्हें बताएं कि वे कोई आपत्तिजनक तथ्य न लिखें और न ही ऐसे मैसेज फॉरवर्ड करें।

 

सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग: उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि दो-चार ही स्वार्थी तत्व माहौल बिगाड़कर सबके लिए परेशानी खड़ी करते हैं। अच्छे लोगों की यह जिम्मेदारी है कि वह उन्हें जागरूक करें, मोहल्ले गांव में जाकर लोगों को समझाएं। जिससे अमन-चैन बना रहे और पुलिस की जरूरत ही न पड़े। पुलिस महानिरीक्षक विजय सिंह मीणा ने कहा कि किसी शहर का माहौल बनने में बरसों लग जाते हैं, पर बिगड़ने में समय नहीं लगता। उन्होंने कहा कि समाज के सम्मानित लोगों की नाम से पुलिस के साथ ड्यूटी लगाई गई है, वे भी मोहल्लों चौराहों पर साथ रहेंगे।

 

रामायण के "राम' अरुण गोविल बोले- देश से बड़ा कुछ नहीं

रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुणल गोविल ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो भारतीयता के हक़ में होगा। उन्होंने ये अपील भी की, निर्णय चाहे जिसके पक्ष मेें आए, सबको जाति, धर्म, भाषा और प्रदेश के खांचों से ऊपर हटकर स्वागत करना चाहिए। इस समस्या की वजह से देश में क्या-क्या नहीं हुआ! अशांति रही, दंगे-फसाद हुए, वैचारिक वैमनस्य बढ़ा, धार्मिक सद्भाव की नींव कमज़ोर हो गई। चूंकि एक समाधान निकलने जा रहा है तो मैं सबसे अपील करना चाहता हूं कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला जिसके भी पक्ष में आए, मुकदमे के पक्षकारों के साथ सभी लोग इसका एक भारतीय के रूप में स्वागत करें। (जैसा चंडीदत्त शुक्ल को बताया)

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