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अयोध्या विवाद / मध्यस्थता अर्जी में सद्भावना संस्थान, अन्य मस्जिदें सुधारने का प्रस्ताव था



Ayodhya dispute: Settlement application was filed by arbitration committee on the last day of hearing
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Ayodhya dispute: Settlement application was filed by arbitration committee on the last day of hearing

  • अयोध्या विवाद पर सुनवाई के आखिरी दिन मध्यस्थता समिति ने सेटलमेंट अर्जी दाखिल की थी
  • सूत्रों की मानें ततो रिपोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित जमीन पर हक छोड़ने की बात कही थी

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 04:53 AM IST

नई दिल्ली. अयाेध्या विवाद पर सुप्रीम काेर्ट में 40 दिन चली मैराथन सुनवाई के आखिरी दिन मामले में तब दिलचस्प माेड़ आया, जब मध्यस्थता समिति ने विवाद खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सेटलमेंट रिपोर्ट दायर की। सूत्रों के मुताबिक सेटलमेंट अर्जी में इन महत्वपूर्ण बिंदुओं की बात कही गई थी। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित जमीन पर हक छोड़ने की बात कही थी।

 

साथ ही कहा है- अयोध्या की कुछ मस्जिदों की मरम्मत होनी चाहिए। साथ ही आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा संरक्षित स्मारकाें में इबादत की मंजूरी दी जानी चाहिए। इन स्मारकाें की पहचान सुप्रीम कोर्ट द्वारा कमेटी करे। 
भाईचारा कायम रखने के लिए अयोध्या में सद् भावना संस्थान भी बनाना चाहिए। देश के धार्मिक स्थलों पर 1947 से पहले वाली स्थिति बरकरार रखने का कानून लागू किया जाना चाहिए। इससे जुड़ा कानून 1991 में नरसिंह राव सरकार ने पारित किया था।


रिपोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्वाणी अखाड़ा (निर्मोही अखाड़ा का संरक्षक संगठन), हिंदू महासभा और राम जन्मभूमि पुनरुद्धार के प्रतिनिधियों के ही हस्ताक्षर हैं। जबकि, कुल 20 पक्षकार हैं। मध्यस्थता समिति ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से सुन्नी वक्फ बाेर्ड के अध्यक्ष जफर अहमद फारूकी को सुरक्षा दिए जाने की मांग की थी। हालांकि, उन्हाेंने इसका कारणों का खुलासा नहीं किया था।

 

धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ी

अयोध्या पर फैसले के चलते दिल्ली पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाके में चौकसी के साथ गश्त भी बढ़ा दी गई है। दिल्ली के सभी थाना प्रमुखों और जिला पुलिस उपायुक्तों को इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस के एडिशनल पीआरओ व एसीपी अनिल मित्तल ने बताया कि दिल्ली पुलिस के अलावा संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में अर्द्धसैनिक बल के साथ-साथ केंद्रीय आर्म्ड पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है।

 

अमन कमेटी का गठन

एक अमन कमेटी बनाई गई है, जिसमें सभी धर्म और समुदाय के लोगों को शामिल किया गया है। इस कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक भी की गई है और उन्हें आसपास के इलाकों में शांति बनाए रखने में सहयोग करने की अपील भी की गई है। सुप्रीम कोर्ट की इनर मोस्ट जोन की सुरक्षा भी दिल्ली पुलिस की सिक्युरिटी यूनिट के हवाले रहती है। इसलिए यह जिम्मेदारी सिक्योरिटी यूनिट देखेगी। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। कोर्ट की तरफ जाने वाली सभी सड़कों की निगरानी बढ़ा दी गई है। तिलक मार्ग, भगवानदास रोड, मथुरा रोड, महादेव रोड और इंडिया गेट सर्कल की सुरक्षा न्यू दिल्ली डिस्ट्रिक्ट पुलिस देखेगी। - धर्मेंद्र डागर

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