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अयोध्या पर प्रतिक्रिया / गृह मंत्री शाह ने कहा- ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के प्रति प्रतिबद्ध रहें, संघ प्रमुख बोले- सभी मिलकर राम मंदिर बनाएं



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  • जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी: मैं पुर्नविचार याचिका दाखिल करने की बात से सहमत नहीं हूं
  • निर्मोही अखाड़ा: हम सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं, जो उन्होंने हमारी 150 सालों की लड़ाई को पहचान दी
  • कांग्रेस: सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ चुका है, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण की पक्षधर
  • ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड: यदि कमेटी तैयार होती है तो हम पुर्नविचार याचिका दाखिल करेंगे

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 07:13 PM IST

नई दिल्ली. अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच ने शनिवार को फैसला सुनाया। पीठ ने कहा- विवादित जमीन पर राम मंदिर का निर्माण होगा। मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि अलग से दी जाएगी। फैसले पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- मैं सभी समुदायों और धर्मों के लोगों से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करने और शांति-सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं। मैं नागरिकों से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के प्रति प्रतिबद्ध रहने की अपील करता हूं।’’

 

संघ प्रमुख भागवत ने कहा- आरएसएस इस फैसले का स्वागत करता है। धैर्य से इस मामले की सुनवाई करने वाले सभी जजों का हम अभिनंदन करते हैं। फैसला स्वीकार करने की स्थिति और भाईचारा बनाए रखने के लिए सभी लोगों के प्रयासों का स्वागत करते हैं।

 

संघ आंदोलन करने वाला संगठन नहीं: भागवत

भागवत ने कहा- फैसले को जय पराजय की नजर से नहीं देखना चाहिए। देशवासियों से अनुरोध है कि संयमित तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त करें। अतीत की सभी बातों को भुलाकर राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण करें। भारत के नागरिक भारत के नागरिक हैं, किसी हिंदू या मुस्लिम के लिए हमारे अलग संदेश नहीं होते हैं। संघ आंदोलन करने वाला संगठन नहीं है।

 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नेताओं के बयान:  

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 

  • शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे- आज भारत के इतिहास में एक स्वर्णम दिन है। भगवान राम के जन्म को लेकर विवाद रहा है कि उनका जन्म कब हुआ, कहां हुआ, हुआ भी या नहीं हुआ। इस पर आज न्यायालय ने विराम लगा दिया है। अदालत के फैसले का हम स्वागत करते हैं। 24 तारीख को हम अयोध्या जा रहे हैं। वहां एक ऐसी शक्ति है, जिसे मैंने महसूस किया है। अब मैं बार-बार वहां जरूर जाऊंगा।

  • एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी- जब तक दुनिया कायम रहेगी, हम इस देश के शहरी बने रहेंगे। हम भले नहीं रहें लेकिन आने वाली पीढ़ियों को यह बताकर जाएंगे कि जिस स्थान पर 5000 साल से मस्जिद थी, उसे 6 दिसंबर 1992 को संघ परिवार ने ढहा दिया और सुप्रीम कोर्ट को गलत जानकारी दी गई। मस्जिद की जमीन का सौदा नहीं किया जा सकता। मैं अपने घर का सौदा कर सकता हूं लेकिन मस्जिद की जमीन का सौदा नहीं किया जा सकता।

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह- यह एक ऐतिहासिक फैसला है। जनता से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें। 

  • भाजपा नेता उमा भारती- कोर्ट ने एक निष्पक्ष किंतु दिव्य निर्णय दिया है। मैं आडवाणी जी के घर में उनको माथा टेकने आई हूं। आडवाणी जी ही वे व्यक्ति हैं जिन्होंने छद्म-धर्मनिरपेक्षता को चेलैंज किया। उन्हीं की बदौलत आज हम यहां तक पहुंचे हैं। 

  • ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जफरयाब जिलानी- यदि हमारी समिति तैयार होती है तो हम पुर्नविचार याचिका दाखिल करेंगे। यह हमारा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट के नियमों में भी यह है। 

  • दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी- हमने हमेशा से यही कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी निर्णय होगा, वह हमें मंजूर होगा। मैं उम्मीद करता हूं कि देश अब विकास की ओर अग्रसर होगा। जहां तक सवाल है पुर्नविचार याचिका के दाखिल करने का तो मैं इस बात से सहमत नहीं हूं।

  • बाबा रामदेव- यह ऐतिहासिक फैसला है। भव्य राम मंदिर बनना चाहिए। मुझे भरोसा है कि हिंदू भाई मस्जिद बनने में भी मदद करेंगे।

  • कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ चुका है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण की पक्षधर है। 

  • मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी- सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुझे मान्य है। हम पूरे देशवासियों से अमन-चैन और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हैं। माननीय न्यायालय का फैसला सभी लोगों को स्वीकार करना चाहिए।

  • निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा- हम सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं। उन्होंने हमारी 150 सालों की लड़ाई को पहचान दी। केंद्र सरकार द्वारा बनाए जाने वाले उस ट्रस्ट में समुचित स्थान दिया, जो राम मंदिर निर्माण और प्रबंधन का कार्य संभालेगा।
  • एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे: मैं आज खुश हूं। सभी कारसेवकों ने पूरे संघर्ष के दौरान जो त्याग किया, वह व्यर्थ नहीं गया। जल्द से जल्द राम मंदिर बनना चाहिए। राम मंदिर के साथ ही देश में राम राज्य भी आना चाहिए। यह मेरी इच्छा है। 
  • अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान सैयद जैनुल अबेदिन: यह किसी की हार या जीत की बात नहीं है। हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। जो कुछ भी हुआ, वह राष्ट्रहित में हुआ। हमें इस विवाद को यही खत्म करना चाहिए। 

अयोध्या विवाद पर फैसला आने से पहले की गई अपील: 

  • कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी- न्यायालय का जो भी निर्णय हो, देश की एकता, सामाजिक सद्भाव, और आपसी प्रेम की हजारों साल पुरानी परम्परा को बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है।

  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार- सुप्रीम कोर्ट का फैसला हर किसी को स्वीकार करना चाहिए। इस पर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। हम हर किसी से अपील करते हैं कि नकारात्मक माहौल न बनाएं। आत्मीयता बनाए रखें।
  • लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी- “हम शांति के पक्ष में शुरू से हैं। मैं बराबर शांति का पुजारी हूं। हम सभी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानना चाहिए। 
  • ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक- मैं सभी से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करें। शांति और सौहार्द बनाए रखें। भाईचारा हमारी धर्मनिरपेक्षता की पहचान है।
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी- हमें न्यायालय में पूरा भरोसा है। मैं सभी से अपील करता हूं कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला हो, उसे स्वीकार करें। शांति बनाए रखें।
  • अस्थाई राम मंदिर के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास- मैं सभी से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने और शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। प्रधानमंत्री ने सही कहा कि अयोध्या का फैसला किसी की जीत या हार नहीं है। 

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