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कोरोना में 14 नहीं, 7 दिन का आइसोलेशन:इतने समय में वायरस का असर खत्म हो जाता है; लेकिन बुजुर्गों-गंभीर बीमारी वालों को डॉक्टरी सलाह जरूरी

नई दिल्ली10 दिन पहले

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों के होम आइसोलेशन की अवधि 14 दिन से घटाकर 7 दिन कर दी है। इस बदलाव के पीछे संक्रमण की गंभीरता में कमी को वजह बताया गया है। हाेम आइसाेलेशन सहित अन्य मुद्दों पर भास्कर संवाददाता पवन कुमार ने एनटागी के कोविड-19 वर्किंग ग्रुप के चेयरमैन प्रो. नरेंद्र अराेड़ा और नई दिल्ली AIIMS में मेडिसिन के एडिशनल प्रोफेसर नीरज निश्चल से बात की...

होम आइसोलेशन सात दिन क्यों किया गया?
दो साल की क्लिनिकल समझ और अनुभव के बाद सामने आया कि बिना लक्षण या हल्के लक्षण वाले मरीजों में 5 से 7 दिन के अंदर वायरस का प्रभाव खत्म हो जाता है। सातवें दिन RT-PCR जांच रिपोर्ट निगेटिव आती थी। बड़ी आबादी को नेचुरल इंफेक्शन हो चुका है। वैक्सीन की भी लगी है। ऐसे में होम आइसोलेशन का समय ज्यादा रखने की जरूरत नहीं है।

बदलाव ओमिक्रॉन वैरिएंट के लिए है या सभी कोरोना संक्रमितों के लिए‌?
यह हल्के और बिना लक्षण वाले सभी कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए है। वैरिएंट काेई भी हाे।

डेल्टा वैरिएंट से तो गंभीर होने का खतरा होता है?
कोई भी वैरिएंट हो, आमतौर पर 7 दिन में शरीर से वायरस खत्म हो जाता है। बीमारी खतरनाक होनी होगी, तो संक्रमण के पांचवें दिन स्थिति गंभीर हो जाएगी और अस्पताल में भर्ती होना होगा।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर आबादी को वैक्सीन लग चुकी है, लिहाजा हल्के लक्षणों वाले मरीजों के होम आइसोलेशन का समय घटाया जा सकता है
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर आबादी को वैक्सीन लग चुकी है, लिहाजा हल्के लक्षणों वाले मरीजों के होम आइसोलेशन का समय घटाया जा सकता है

7 दिन पूरे हाेने के बाद भी क्वारेंटाइन में रहना चाहिए?
यदि लक्षण और बुखार नहीं हैं, तो 7 दिन के बाद आइसोलेशन या क्वारैंटाइन जरूरी नहीं है। छठवें दिन भी यदि लक्षण खत्म हो जाएं, तब आप आठवें दिन घर से बाहर जा सकते हैं। हालांकि, मास्क और सामाजिक दूरी जैसा कोविड उपयुक्त व्यवहार जारी रहेगा।

ज्यादातर देशों में होम आइसोलेशन 5 दिन का है भारत में 7 दिन क्यों?
यह निर्णय भारत की स्थितियों को देख कर लिया गया है। यहां 7 दिन के बाद घर से बाहर आने के लिए RT-PCR निगेटिव होने का अनिवार्य नहीं किया गया है, लिहाजा 7 दिन का समय सुरक्षित माना गया है।

डॉक्टर्स का कहना है कि होम आइसोलेशन के दौरान मरीज को अपनी सेहत पर नजर रखनी चाहिए। ऑक्सीजन लेवल और तापमान की लगातार निगरानी जरूरी है।
डॉक्टर्स का कहना है कि होम आइसोलेशन के दौरान मरीज को अपनी सेहत पर नजर रखनी चाहिए। ऑक्सीजन लेवल और तापमान की लगातार निगरानी जरूरी है।

हर उम्र के हल्के लक्षण वालों को होम आइसोलेशन में रहना चाहिए?
60 से अधिक उम्र वाले या ऐसे लोग जिन्हें गंभीर बीमारी है, उन्हें यदि हल्का लक्षण भी होता है तो डॉक्टर की सलाह पर ही होम आइसोलेशन में रहना चाहिए।

होम आइसोलेशन में हल्के लक्षण वाले क्या करें?
डॅक्टर के संपर्क में रहें। और ऑक्सीजन स्तर की निगरानी रखें। यदि एक घंटे के अंतर में तीन बार जांचने के बाद भी ऑक्सीजन का स्तर 93 या इससे कम है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है और 3 दिन से बुखार लगातार 100 डिग्री से ज्यादा है तो तुरंत अस्पताल में भर्ती होना चाहिए।