विश्व स्वास्थ्य दिवस / बागवानी, संगीत और इस टापू की दो परंपराएं यहां के लोगों को मरना भुला देती हैं, 90% लोग सौ साल जीते हैं

Dainik Bhaskar

Apr 07, 2019, 08:18 AM IST

दुनिया में सेहत के लिए सबसे चर्चित द्वीप से भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट...

Bhaskar's ground report from Japan's Okinawa on World Health Day
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Bhaskar's ground report from Japan's Okinawa on World Health Day

  • जापान का ओकिनावा : यूएन ने इसे दुनिया का सबसे सेहतमंद इलाका घोषित किया है
  • भारत में 11,082 लोगों पर सिर्फ एक ही सरकारी डॉक्टर मौजूद 

हेल्थडेस्क. ओकिनावा के लोगों के सौ साल जीने का रहस्य जानने हर साल दुनियाभर से करीब 6 लाख लोग यहां पहुंचते हैं। इस रहस्य का सबसे बड़ा कारण पुरखों की दो परंपराएं हैं। स्थानीय भाषा में इन्हें इकिगाई और मोआई कहते हैं। इकिगाई एक तरह का मंत्र है, जिसे परिवार के बुजुर्ग हर बच्चे को सिखाते हैं। यह मंत्र सुबह जल्दी उठकर काम करने का सबक देता है।

 

इसका सार है कि आप जब सुबह उठें तो आपके सामने तीन चीजें साफ होनी चाहिए- जीवन मूल्य, आज आप क्या करना चाहते हैं और आप किस चीज में सबसे अच्छे हैं। यहां के सौ फीसदी लोग सुबह उठकर पहला काम अपनी पसंद का करते हैं। लोग बागवानी और मछली मारते हुए बड़े होते हैं। दूसरी परंपरा मोआई सामाजिक तानाबाना है। जब बच्चा पांच साल का होता है, तब उसे हमउम्र बच्चों से इस वादे के साथ मिलवाया जाता है कि वे ताउम्र एक-दूसरे का साथ देंगे।

 

ये लोग जीवनभर आपस में हर दूसरे-तीसरे दिन मिलते हैं। आर्थिक और भावनात्मक मदद करते हैं। लंबे जीवन का रहस्य यहां की खानपान की आदतों में भी छिपा है। यहां के खाने में 67% हिस्सा शकरकंद का है। इसमें कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट कम होता है। ओकिनावा के हेल्थ रिपोर्टर डेव आर्नुएल बताते हैं कि यहां लोगों के भोजन में 12% हिस्सा चावल, 9% अन्य सब्जियां, 6% हिस्सा फली वाली सब्जियों का है। लोग खुद ही अपने लिए सब्जियां उगाते हैं।

 

यहां सब्जी खरीदने की प्रथा नहीं है। बगीचे में उगाई गई सब्जियों में बीमारी बढ़ाने वाले फाइटोएक्टिव कंपाउंड कम होते हैं। रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि नियमित रूप से बागवानी करने वाले लोगों में दूसरों के मुकाबले भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) का खतरा 36% तक कम होता है। भोजन में सिर्फ दो फीसदी हिस्सा ही मछली और मीट का होता है।

 

ये आदतें और परंपराएं यहां के लोगों को इतना सेहतमंद रखती हैं कि शौक से जीवनभर खूब काम करते हैं। इसीलिए स्थानीय भाषा में यहां रिटायरमेंट के लिए कोई शब्द नहीं है। यूएन की रिपोर्ट में ओकिनावा को बुजुर्गों के लिए सबसे सेहतमंद इलाका बताया गया है। यहां के बुजुर्ग बाकी दुनिया के बुजुर्गों की तुलना में 10 साल युवा हैं। इनपुट: न्यूयॉर्क टाइम्स 

 

...और भारत में हालात 
बिहार में हालत सबसे खराब, 28 हजार लोगों पर एक सरकारी डॉक्टर 

भारत में 11,082 लोगों पर सिर्फ एक सरकारी डॉक्टर है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एक हजार लोगों पर एक डॉक्टर होना चाहिए। इस लिहाज से यहां 10 गुना का अंतर है। अगर इसमें निजी डॉक्टरों को जोड़ दिया जाए तब भी 1565 लोगों पर सिर्फ एक एलोपैथिक डॉक्टर है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 1,53,513 डॉक्टर रजिस्टर्ड हैं और अरुणाचल में सबसे कम 792 डॉक्टर हैं। 

  • बिहार में 28391 लोगों पर 1 डॉक्टर 
  • सबसे अच्छी स्थिति दिल्ली में है, यहां 2203 लोगों पर एक डॉक्टर है।

 

हर सरकारी डॉक्टर पर कितने लोगों का बोझ

 

राज्य व्यक्ति प्रति डॉक्टर
बिहार 28391
उत्तरप्रदेश 19962
झारखंड 18518
मध्यप्रदेश 17192
महाराष्ट्र 16996
छत्तीसगढ़ 15916
कर्नाटक 13556
ओडिशा 12744
चंडीगढ़ 12624
गुजरात 11475
राजस्थान 10976
पश्चिम बंगाल 10411
हरियाणा 10189

 
  

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