अलविदा राकेश झुनझुनवाला:कार्डियक अरेस्ट से निधन के बाद अंतिम संस्कार, शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट से 37 साल में 46 हजार करोड़ का एम्पायर

मुंबईएक महीने पहले

इंडियन शेयर मार्केट के बिग बुल राकेश झुनझुनवाला का रविवार को 62 साल की उम्र में निधन हो गया। सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचने पर अथॉरिटीज ने झुनझुनवाला को मृत घोषित किया। अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि झुनझुनवाला की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई है।

वह क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थे और क्रोनिक डायलिसिस पर थे। वह अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे थे। उन्होंने बताया कि झुनझुनवाला को डायबिटीज भी थी और हाल ही में उनकी एंजियोप्लास्टी भी हुई थी। किडनी संबंधी समस्याओं के इलाज के बाद कुछ हफ्ते पहले उन्हें इसी अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। झुनझुनवाला के भाई के दुबई से आने के बाद रात में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

दिग्गज शेयर बाजार निवेशक राकेश झुनझुनवाला के अंतिम यात्रा की तस्वीर। उनका अंतिम संस्कार बाणगंगा क्रिमेटोरियम में किया गया।
दिग्गज शेयर बाजार निवेशक राकेश झुनझुनवाला के अंतिम यात्रा की तस्वीर। उनका अंतिम संस्कार बाणगंगा क्रिमेटोरियम में किया गया।

मौसम, मृत्यु और बाजार की भविष्यवाणी संभव नहीं
फरवरी में एक रियल एस्टेट कॉन्फ्लुएंस में झुनझुनवाला ने कहा था, 'शेयर बाजार का कोई किंग नहीं है। बाजार ही किंग है। और आप जानते हैं, बाजार महिलाओं की तरह हैं - हमेशा कमांडिंग, हमेशा अनिश्चित, हमेशा अस्थिर। और आप वास्तव में कभी भी एक महिला पर हावी नहीं हो सकते हैं, है ना? तो, आप बाजार पर हावी नहीं हो सकते। मौसम, मृत्यु और बाजार की आप भविष्यवाणी नहीं कर सकते।'

37 साल में 46 हजार करोड़ का एम्पायर
राकेश झुनझुनवाला ने 1985 में 5 हजार रुपए से कारोबार की शुरुआत की थी। अगले 37 साल यानी 2022 तक उनका एम्पायर 5.8 अरब डॉलर (करीब 46.18 हजार करोड़ रुपए) पर पहुंच गया। पिछले हफ्ते ही उन्होंने 'अकासा' एयरलाइन के साथ एविएशन सेक्टर में एंट्री ली थी। झुनझुनवाला एक समय में स्टॉक मार्केट में बियर थे यानी मंदड़िए। उन्होंने 1992 में हर्षद मेहता घोटाले का खुलासा होने पर शॉर्ट सेलिंग से बड़ा मुनाफा कमाया था।

पीएम मोदी ने जताया दुख
झुनझुनवाला के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया। उसमें लिखा- राकेश झुनझुनवाला जिंदादिल, मजाकिया और दूरदृष्टि वाले इंसान थे। वे भारत की प्रगति को लेकर बेहद उत्साहित रहते थे। उनका जाना बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। वहीं, अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने लिखा- झुनझुनवाला ने लोगों का निवेश में विश्वास बढ़ाया था। पूरा देश उन्हें याद करेगा, लेकिन कोई उन्हें भूल नहीं पाएगा।

ग्राफिक्स के जरिए जानिए, झुनझुनवाला के निवेश के सफर से लेकर उनसे मिलने वाली सीख और उनसे जुड़े इंटरेस्टिंग फैक्ट्स...

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