आज का इतिहास:आज जयप्रकाश नारायण जयंती; कभी कांग्रेस के सदस्य रहे जेपी ने इंदिरा गांधी के खिलाफ पूरे देश को एकजुट कर दिया था

17 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

जयप्रकाश नारायण यानी जेपी का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार में सारन के सिताबदियारा में हुआ था। पटना से शुरुआती पढ़ाई के बाद अमेरिका में पढ़ाई की। 1929 में स्वदेश लौटे और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हुए। तब वे मार्क्सवादी थे। सशस्त्र क्रांति से अंग्रेजों को भगाना चाहते थे। हालांकि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू से मिलने के बाद उनका नजरिया बदल गया।

नेहरू की सलाह पर कांग्रेस से जुड़े, लेकिन आजादी के बाद वे आचार्य विनोबा भावे के सर्वोदय आंदोलन से जुड़ गए। ग्रामीण भारत में आंदोलन को आगे बढ़ाया और भूदान को सपोर्ट किया। जेपी ने 1950 के दशक में राज्य व्यवस्था की पुनर्रचना नाम से किताब लिखी। इसके बाद ही नेहरू ने मेहता आयोग बनाया और विकेंद्रीकरण पर काम किया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जेपी ने कभी सत्ता का मोह नहीं पाला। नेहरू चाहते थे, लेकिन कैबिनेट से जेपी दूर ही रहे।

1975 में निचली अदालत में इंदिरा गांधी पर चुनावों में भ्रष्टाचार का आरोप सही साबित हुआ तो जेपी ने उनसे इस्तीफा मांगा। उन्होंने इंदिरा के खिलाफ एक आंदोलन खड़ा किया, जिसे जेपी आंदोलन भी कहते हैं। उन्होंने इसे संपूर्ण क्रांति नाम दिया था। इस पर इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी और जेपी के साथ ही अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

2001 में जयप्रकाश नारायण को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया था।
2001 में जयप्रकाश नारायण को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया था।

जेपी की गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में एक लाख से अधिक लोगों ने हुंकार भरी थी। उस समय रामधारी सिंह “दिनकर” ने कहा था “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है। जनवरी-1977 में इमरजेंसी हटी। लोकनायक के “संपूर्ण क्रांति आंदोलन” के चलते देश में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनी। जेपी को 1999 में भारत सरकार ने भारत रत्न से सम्मानित किया। उन्हें समाजसेवा के लिए 1965 में मैग्सेसे पुरस्कार प्रदान किया गया था।

2000: नासा के स्पेस शटल प्रोग्राम का 100वां मिशन

इस प्रोग्राम को स्पेस ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम या एसटीएस के तौर पर भी जाना जाता है। यह दुनिया का पहला प्रोग्राम था, जिसमें लोगों को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए दोबारा इस्तेमाल होने वाले स्पेसक्राफ्ट को शामिल किया गया। स्पेस शटल बेड़े की पहली फ्लाइट ने 12 अप्रैल 1981 को उड़ान भरी।

डिस्कवरी की लॉन्चिंग के दौरान का दृश्य।
डिस्कवरी की लॉन्चिंग के दौरान का दृश्य।

इसमें कोलंबिया, चैलेंजर, डिस्कवरी, एटलांटिस और एंडीवर शामिल थे। 100वीं फ्लाइट डिस्कवरी की थी और इस मिशन को STS-92 नाम दिया गया था। 30वीं बार डिस्कवरी को अंतरिक्ष भेजा गया था।

11 अक्टूबर के दिन को इतिहास में इन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से भी याद किया जाता है...

2008ः प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नौगांव स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर कश्मीर में चलने वाली पहली ट्रेन को रवाना किया।

2007ः ब्रिटेन के उपन्यासकार डोरिस लैसिंग को वर्ष 2007 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया।

2005ः तीसरे अंतरिक्ष पर्यटक ग्रेगोरी ओल्सन पृथ्वी पर लौटे।

2002ः नेपाल नरेश ज्ञानेन्द्र ने लोकेन्द्र बहादुर को प्रधानमंत्री नियुक्त किया।

2001ः त्रिनिदाद में जन्मे भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक विद्याधर सूरज प्रसाद नॉयपाल को वर्ष 2001 के नोबेल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा।

2000ः दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेट बोर्ड द्वारा हैन्सी क्रोन्ये पर आजीवन प्रतिबंध।

1994ः अमेरिका में कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में समलैंगिक विरोधी अधिकारों को असंवैधानिक घोषित कर दिया।

1984ः अमेरिकी अंतरिक्ष वैज्ञानिक कैथरीन डी सुलिवन अंतरिक्ष में सैर करने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनी। वह अंतरिक्ष शटल चैलेंजर पर सवार थीं।

1968ः अमेरिका का पहला मानवयुक्त ओपोलो मिशन ‘अपोलो 7’ के प्रक्षेपण का कक्षा से पहली बार टेलीविजन प्रसारण किया गया।

1942ः फिल्म एक्टर अमिताभ बच्चन का जन्म।

1932ः न्यूयॉर्क में राजनीतिक अभियान के लिए पहला प्रसारण किया गया।

1916ः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे समाज सेवी नानाजी देशमुख का जन्म।

1881ः अमेरिकी आविष्कारक डेविड हेंडरसन हॉस्टन ने कैमरों के पहले रोल फिल्म का पेटेंट कराया।

खबरें और भी हैं...