विवाद / 2002 में कांग्रेस और 2010 में भाजपा की मदद से राज्यसभा सदस्य बना था माल्या



bjp and congress support vijay mallya for become Rajya Sabha MP
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bjp and congress support vijay mallya for become Rajya Sabha MP

  • भाजपा, कांग्रेस और सीबीआई, तीनों पर माल्या के खिलाफ नरम रुख अपनाने का आरोप
  • नुकसान के बावजूद माल्या को मिलता रहा कर्ज, तब केंद्र में यूपीए की सरकार थी
  • केंद्र में 2014 से भाजपा, माल्या मार्च 2016 में लंदन भागा, अब उसे वापस लाने की कोशिशें
     

Dainik Bhaskar

Sep 20, 2018, 09:44 AM IST

नई दिल्ली.  भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के एक दावे ने सरकार और विपक्ष को आमने-सामने ला दिया। माल्या ने लंदन की अदालत में पिछली सुनवाई के बाद कहा था कि उसने देश छोड़ने के पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। हालांकि, जेटली ने इन दावों को गलत बताया था। अब कांग्रेस और भाजपा माल्या के देश छोड़कर भागने का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ रहे हैं, लेकिन दोनों ने ही उसे एक-एक बार राज्यसभा पहुंचने में मदद की थी। 


कांग्रेस और भाजपा : जिन्होंने माल्या को राज्यसभा सदस्य बनवाया
माल्या को राज्यसभा का सदस्य बनवाने में कांग्रेस और भाजपा, दोनों ने मदद की। 2002 में माल्या कांग्रेस और जेडीएस की मदद से निर्दलीय सदस्य के तौर पर राज्यसभा पहुंचा। 2010 में भी माल्या जेडीएस और भाजपा की मदद से राज्यसभा में निर्दलीय सदस्य बना। माल्या की जीत के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा था कि भाजपा कांग्रेस को हराना चाहती थी और माल्या निर्दलीय उम्मीदवार थे।

 

कांग्रेस : जिसके कार्यकाल के दौरान माल्या को लोन मिलते रहे
2005 में लॉन्च हुई किंगफिशर को शुरुआत से ही बड़े नुकसान हुए। इसके बावजूद माल्या की कंपनी 2009 तक विस्तार करती रही। पहले दिए गए लोन की रिकवरी किए बिना बैंक माल्या को और लोन देते रहे। कुछ रिपोर्ट्स में दावा भी किया गया कि माल्या को यह लोन सरकार की मदद से मिला। 17 बैंकों के कंजोर्शियम का माल्या की कंपनी पर 7 हजार करोड़ से ज्यादा का लोन है, जो ब्याज लगने के बाद बढ़कर 9 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका है। 

 

vijay mallya

 

भाजपा सरकार : जो माल्या को 2016 में भागने से रोक नहीं पाई
माल्या 2 मार्च 2016 को लंदन भाग गया। तब से अब तक केंद्र में भाजपा की सरकार है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का आरोप है कि माल्या देश छोड़कर जाने से दो दिन पहले अरुण जेटली से मिला था। राहुल के मुताबिक, एक मार्च को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में दोनों के बीच मुलाकात हुई थी और कांग्रेस नेता पीएल पुनिया इसके चश्मदीद हैं। हालांकि, भाजपा का कहना है कि एक मार्च 2016 को जेटली संसद ही नहीं गए थे। 

 

सीबीआई : जिसने तीन साल बाद गलती मानी 
माल्या के दावों के बाद उठे सवालों पर सीबीआई का कहना है कि माल्या के खिलाफ 2015 के लुकआउट सर्कुलर में बदलाव करना ‘एरर ऑफ जजमेंट' था। पहले सर्कुलर में कहा गया था कि माल्या को एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया जाए। बाद में सर्कुलर को बदलकर कहा गया कि माल्या के नजर आने पर एजेंसी को सूचित किया जाए। 

 

vijay mallya

 

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