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मप्र / भाजपा: हर लोकसभा सीट पर 8 लोगों की टीम बनाई, कांग्रेस: एक मंत्री के साथ 4 विधायक रहेंगे

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 07:45 AM IST


BJP Congress prepares for Lok Sabha elections
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BJP Congress prepares for Lok Sabha elections

  • भाजपा ने लोकसभा की 29 सीटों को 10 क्लस्टर में बांटा, हर क्लस्टर में दो से तीन सीटें
  • कांग्रेस की धार, खरगोन, मंडला, शहडोल, रतलाम और बैतूल पर नजर, यहां की 47 विधानसभा सीटों में से पार्टी को 31 मिलीं

भोपाल.  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर जीत के लिए टीमों का गठन कर दिया है। हर टीम में लोकसभा प्रभारी और संयोजक के साथ आठ लोगों को रखा गया है। भोपाल में पूर्व विधायक जसवंत सिंह हाड़ा प्रभारी और उमाशंकर गुप्ता संयोजक रहेंगे। 

 

उधर, कांग्रेस हर सीट पर एक मंत्री के साथ 4 विधायकों की टीम तैनात करेगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पिछले दो दिनों में दिल्ली में इस बारे में दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रभारी महासचिव दीपक बावरिया से चर्चा की। अब रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिसे राहुल गांधी की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

 

भाजपा: 2014 के नतीजे दोहराने का लक्ष्य 

 

  • मध्यप्रदेश को 2014 के नतीजे (29 में से 27 सीटों पर जीत हुई थी) दोहराने का लक्ष्य मिला है। शाह ने इसके साथ ही आम चुनाव तक का कार्यक्रम भी प्रदेश संगठन को सौंप दिया है।
  • इंदौर का चुनाव संचालन अरविंद कोठेकर और रमेश मेंदोला के हाथ में होगा। राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अलग-अलग राज्यों के साथ शाह और उनकी टीम ने चुनावी रणनीति पर चर्चा भी कर ली।

 

29 सीटों को 10 क्लस्टर में बांटा 

 

  • गणतंत्र दिवस के बाद से यह बड़े स्तर पर शुरू हो जाएंगे। भाजपा ने 29 लोकसभा सीटों को दस क्लस्टर में भी बांट दिया है। हर क्लस्टर में दो से तीन संसदीय सीटों को रखा गया है।
  • इसी आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह के दौरे होंगे। यह भी बताया जा रहा है कि संभावित प्रत्याशियों लेकर भी शाह ने अलग से प्रदेश संगठन का फीडबैक मांगा है, जिसे फरवरी तक देना है। पार्टी को ऐसी उम्मीद है कि 4 मार्च के आसपास चुनावी कार्यक्रम का ऐलान हो सकता है। 

 

किस सीट का चुनाव संचालन कौन करेगा (प्रभारी, संयोजक) 

 

भोपाल : जसवंत सिंह हाड़ा, उमाशंकर गुप्ता। 
इंदौर : अरविंद कोठेकर, रमेश मेंदोला। 
ग्वालियर : विजय दुबे, अभय चौधरी। 
गुना : महेंद्र यादव, सूर्यप्रकाश तिवारी। 
मुरैना : जयसिंह कुशवाह, शिवमंगल सिंह तोमर ।
भिंड : वेद प्रकाश शर्मा, नाथू सिंह गुर्जर ।
सतना : रामसिंह पटेल, प्रभाकर सिंह ।
रीवा : ब्रजबिहारी शर्मा, वीरेंद्र गुप्ता ।
सीधी : रमेश गर्ग, केके तिवारी ।
शहडोल : गिरीश द्विवेदी, अनिल गुप्ता ।
मंडला:प्रभारी तय नहीं, रोचीराम गुरवानी।
बालाघाट : प्रभारी तय नहीं,नरेश दिवाकर।
छिंदवाड़ा : कैलाश सोनी, शेषराय यादव। 
रतलाम : किशोर खंडेलवाल व महेंद्र सिंह चाचू बना, किशोर शाह ।
धार : बाबू सिंह रघुवंशी, दिलीप पाटोदिया ।
होशंगाबाद : अलकेश आर्य,सुरेश पटेल।
बैतूल : संतोष पारिख, कमल पटेल ।
खरगोन : प्रभारी तय नहीं, रणजीत डंडीर। 
खंडवा : अंबाराम कराड़ा, देवेंद्र वर्मा । 
उज्जैन : बहादुर मुकाती, सुल्तान सिंह शेखावत ।
देवास : पंकज जोशी, रायसिंह सेंधव ।
मंदसौर : अनिल जैन कालूहेड़ा, महेंद्र भटनागर ।
जबलपुर : राजेंद्र शुक्ला, नाम तय नहीं ।
खजुराहो : नंदकिशोर नापित, संजीत सरकार ।
विदिशा : सुरेश आर्य, सुरेंद्र तिवारी ।
राजगढ़ : भक्तपाल सिंह, नारायण सिंह पंवार। 
दमोह : उमेश शुक्ला, नाम तय नहीं ।
टीकमगढ़ : सुधीर अग्रवाल, अशोक गोयल। 
सागर : राजेंद्र गुरू, वीरेंद्र पाठक।

 

कांग्रेस : 20 से 22 सीटें मिलने की उम्मीद 

 

  • विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली सफलता के बाद नेताओं का मानना है कि उन्हें लोकसभा चुनाव में 20 से 22 सीटें मिल सकती हैं। इसमें, खासतौर पर आदिवासी अंचल की धार, खरगोन, मंडला, शहडोल, रतलाम-झाबुआ और बैतूल पर पार्टी का फोकस रहेगा।
  • यहां से उसे 47 विधानसभा सीटों में से 31 मिली हैं। छह लोकसभा सीटों में से कांग्रेस के पास केवल एक सीट रतलाम ही है।

 

इन सीटों को लेकर हुई चर्चा, जहां कांग्रेस को विधानसभा में मिली है सफलता 

छिंदवाड़ा - कांग्रेस की लोकसभा की अजेय सीटों में छिंदवाड़ा एक सीट है। इस सीट से मुख्यमंत्री कमलनाथ नौवीं बार के सांसद हैं। 
गुना- इस सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया पांचवीं बार के सांसद हैं। यह सीट कांग्रेस की परंपरागत सीटों में एक है। 
रतलाम  - यहां से कांतिलाल भूरिया पांचवीं बार के सांसद हैं। यह सीट 2014 में भाजपा ने जीती थी, उपचुनाव में कांग्रेस विजयी रही। हाल के विधानसभा चुनाव नतीजों के हिसाब से कांग्रेस ने इस संसदीय सीट के तहत आने वाली आठ में से पांच सीटें जीती हैं। 
धार - आठ में से छह विधानसभा सीट कांग्रेस ने जीती हैं। इसलिए इस सीट पर जीत की खास रणनीति तैयार की जा रही है। 
खरगोन - इसके तहत  आने वाली आठ विधानसभा में से सात सीटें कांग्रेस ने जीती हैं। 
बैतूल - आठ में से चार सीटें कांग्रेस और चार भाजपा ने जीती हैं। इस सीट पर भी पार्टी पूरी ताकत झोंकने जा रही है। 
मंडला - इस लोकसभा सीट की आठ में से छह सीटें कांग्रेस जीती है।
शहडोल - इस लोकसभा के तहत आने वाली  आठ विधानसभा  सीटों में से  चार कांग्रेस और चार भाजपा ने जीती हैं। इस सीट को जीतने पर पार्टी का फोकस है। 
बालाघाट -  आठ में से छह कांग्रेस ने जीती हैं। लोकसभा चुनाव में इस प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करेगी। 
मुरैना - कांग्रेस  विजयपुर हारी है, बाकी सात विधानसभा सीटें जीती है। 
भिंड - पांच विधानसभा सीट कांग्रेस जीती है। 
ग्वालियर - आठ में से सात विधानसभा कांग्रेस जीती है।

 

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