• Hindi News
  • National
  • Citizenship Act Protest | BJP Leader Sanjeev Kumar Balyan On Citizenship Amendment Act CAA Protest

नागरिकता कानून / भाजपा नेताओं ने माना- विरोध की उम्मीद नहीं थी, पार्टी जनता का मिजाज नहीं भांप पाई

नागरिकता संशोधन कानून 12 दिसंबर को लागू हुआ। इसके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए। नागरिकता संशोधन कानून 12 दिसंबर को लागू हुआ। इसके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए।
X
नागरिकता संशोधन कानून 12 दिसंबर को लागू हुआ। इसके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए।नागरिकता संशोधन कानून 12 दिसंबर को लागू हुआ। इसके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए।

  • नागरिकता कानून में बांग्लादेश, पाकिस्तान अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान
  • लोकसभा-राज्यसभा में पास होने के बाद 12 दिसंबर को राष्ट्रपति ने नागरिकता संशोधन बिल को मंजूरी दी थी
  • मोदी और शाह दोनों ने कहा- नागरिकता संशोधन कानून पर विपक्षियों ने लोगों को भ्रम में डाला

Dainik Bhaskar

Dec 26, 2019, 08:31 PM IST

नई दिल्ली. भाजपा के कई नेताओं ने माना कि नागरिकता संशोधन कानून पर जनता का मिजाज भांपने में गलती हुई। पार्टी नेताओं ने कहा कि विरोध की उम्मीद नहीं थी। देशभर में हुए विरोध के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सार्वजनिक तौर पर यह कहना पड़ा कि यह किसी की नागरिकता लेने नहीं, बल्कि नागरिकता देने के लिए लाया गया कानून है।

लोकसभा में बिल पास होने के बाद से ही पूर्वोत्तर समेत देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए। इस दौरान 21 लोगों की जान गई। 2014 में मोदी के सत्ता संभालने के बाद से यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन है।

भाजपा नेताओं ने कहा- मुस्लिमों के थोड़े-बहुत विरोध की उम्मीद थी
भाजपा नेताओं ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा- हमें थोड़े-बहुत विरोध की उम्मीद थी, देशभर में विरोध को देखकर हम चौंक गए। हम मुस्लिम वर्ग के छिटपुट विरोध के लिए तैयार थे, लेकिन इसकी उम्मीद नहीं थी कि देशभर के बड़े शहरों में दो हफ्ते तक इस तरह विरोध किया जाएगा।

ज्यादातर मंत्रियों को इतने बड़े विरोध की उम्मीद नहीं थी- बालियान
केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा- हमने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह का प्रदर्शन होगा। अकेला मैं नहीं, ज्यादातर मंत्रियों को इस बात की उम्मीद नहीं थी। मुझे लगता है कि इस बिल को पारित कराने के पीछ जो राजनीतिक गणित लगाई जानी चाहिए थी, वो नहीं लगाई गई।

भाजपा, सहयोगी दलों ने अभियान शुरू किया
सूत्रों के मुताबिक, अब भाजपा सरकार अपने सहयोगी दलों के पास जा रही है ताकि कानून को लेकर खड़ी हुई मुश्किल को दूर करने में मदद हासिल की जा सके। एक मंत्री ने कहा- अब हम नुकसान की भरपाई करने में जुटे हैं। भाजपा और सहयोगी दलों ने अभियान शुरू किया है ताकि लोगों को यह बताया जा सके कि कानून भेदभाव करने वाला नहीं है।

कुछ ताकतों ने लोगों को गलत जानकारी दी- संघ
संघ ने भी पिछड़े इलाकों में कानून पर भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए अभियान शुरू किया है। संघ के वरिष्ठ नेता मनमोहन वैद्य ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर विरोध इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि लोगों को कानून के बारे में भलीभांति जानकारी नहीं दी गई थी। यह इसलिए हुआ, क्योंकि कुछ ताकतों ने अपने हित के लिए लोगों को गलत जानकारी दी।

मोदी-शाह ने लोगों से अपील की
नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून पर बुधवार को लखनऊ में लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्षी भ्रम फैला रहे हैं। लोगों को इस भ्रम में पड़कर हिंसा नहीं करनी चाहिए और सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उधर, एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा- नागरिकता संशोधन कानून में किसी की नागरिकता लेने का प्रावधान नहीं है, नागरिकता देने का प्रावधान है। देश के मुस्लिमों को डरने की जरूरत नहीं है। एनपीआर का नोटिफिकेशन 31-7-2019 को भेज दिया था। बहुत सारे राज्यों ने नोटिफाई किया था। सीएए के लिए जनता के मन में भय दूर हो गया है इसलिए कुछ लोग एनपीआर का भय खड़ा करना चाहते हैं।
 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना