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मनमोहन सिंह के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ, भाजपा प्रत्याशी नहीं उतारेगी

एक वर्ष पहले
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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह
  • संख्या बल भी कांग्रेस के पक्ष में, भाजपा और सहयोगी को मिलाकर 74 विधायक ही
  • विधायकों के इस मसले पर एक राय नहीं होने पर हाईकमान ने तय किया
  • भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर 26 अगस्त को उपचुनाव होगा
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जयपुर (राजस्थान).  राज्यसभा उपचुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि भाजपा इस चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। राज्यसभा चुनावों में प्रत्याशी उतारे जाने का फैसला करने के लिए मंगलवार दोपहर प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई। विधायकों के इस मसले पर एक राय नहीं होने पर प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व पर इसका फैसला छोड़ दिया।  केंद्रीय संगठन ने प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला लिया है।
 
मंगलवार को हुई बैठक में कुछ विधायक प्रत्याशी उतारने तो कुछ विधायक प्रत्याशी नहीं उतारने के पक्ष मे थे। इस असमंजस से निकलने के लिए भाजपा प्रदेश ईकाई ने इसका फैसला केंद्रीय हाईकमान के हवाले कर दिया था। 
 

सात विधायक चाहते थे कि फैसला जल्दबाजी में न लें  
 
सूत्रों के मुताबिक, विधायक वासुदेव देवनानी, किरण माहेश्वरी, रामलाल शर्मा, संजय शर्मा, धर्मनारायण जोशी, मदन दिलावर प्रत्याशी घोषित किए जाने के पक्ष में थे। चुनाव लड़ने के पीछे इनका तर्क यह था कि कांग्रेस को वाकओवर नहीं दिया जाना चाहिए और चुनाव लड़ने से लोगों के बीच मैसेज भी जाएगा। उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, अशोक लाहौटी, अभिनेष महर्षि, नारायण सिंह, धर्मेंद्र मोची, बिहारी लाल विश्नोई, कालीचरण सराफ का कहना था कि पार्टी के पास चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है, इसलिए फैसला जल्दबाजी में नहीं होना चाहिए।
 

कटारिया ने दी केंद्रीय संगठन को जानकारी
बैठक होने के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता राजेंद्र राठौड़ व प्रदेश प्रवक्ता सतीश पूनिया अलग से चर्चा की। कटारिया ने दिल्ली फोन पर केंद्रीय संगठन को जानकारी दी। केंद्रीय पदाधिकारियों से बातचीत के बाद कटारिया प्रेस ब्रीफिंग करने पहुंचे। उन्होंने बताया विधायक दल में चर्चा के बाद प्रत्याशी का निर्णय केंद्रीय संगठन पर छोड़ दिया है। कटारिया का केंद्र का निर्णय आने तक विधायकों को जयपुर ही रोक लिया है। बैठक के 2 घंटे बाद केंद्रीय संगठन ने प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला लिया। प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटाें में 9 भाजपा के पास है। एक सीट मदन लाल सैनी के निधन के बाद खाली हुई है। विधानसभा सभा में अभी 200 में से 198 विधायक हैं। इनमें से बहुमत फिलहाल कांग्रेस के पक्ष में है। भाजपा औैर इसके सहयाेगी आरएलपी के पास मिलकर कुल 74 विधायक ही हैं।

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