विधानसभा चुनाव / दिल्ली में कुल 1.46 करोड़ वोटर, भाजपा का दावा- इनमें से 42.4% उसके सदस्य; यानी अगर सभी ने पार्टी को वोट दिया तो सत्ता मिलनी तय

भाजपा का दावा और जीत का हिसाब: भाजपा कहती है कि दिल्ली में अभी उसके 62 लाख 28 हजार 172 सदस्य हैं, 2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 48 लाख 78 हजार 397 वोट पाकर 67 सीटें हासिल की थीं। यानी भाजपा के सदस्य ही उसे वोट दे दें तो वह सभी 70 सीट हासिल कर सकती है।

BJP's position in Delhi assembly elections
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BJP's position in Delhi assembly elections

  • भाजपा अपने सदस्यों के ही वोट हासिल कर ले तो दिल्ली में पूर्ण बहुमत से सरकार बना लेगी
  • पार्टी के मुताबिक, 2015 में भाजपा के 44 लाख 45 हजार 172 सदस्य थे, तब विधानसभा चुनाव में उसे 28 लाख 90 हजार 485 (32.19%) वोट मिले
  • दिल्ली में 70 विधासभा सीटों के लिए 8 फरवरी को वोटिंग और 11 फरवरी को नतीजे आएंगे

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2020, 03:03 PM IST

नई दिल्ली. करीब 30 साल से देश की राजधानी की सत्ता से दूर भाजपा के लिए इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव उसके सदस्यता अभियान और उनके आंकड़ों की भी कसौटी होगा। इसका आंकड़ा बड़ा दिलचस्प है। दिल्ली में अभी एक करोड़ 46 लाख वोटर हैं। भाजपा का दावा है कि राजधानी में सदस्यता अभियान खत्म होने के बाद अभी उसके 62 लाख 28 हजार 172 सदस्य हैं। यानी कुल वोटरों के 42.4% भाजपा सदस्य हैं। 2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 48 लाख 78 हजार 397 वोट पाकर 67 सीटें जीत ली थीं। इस लिहाज से देखा जाए तो भाजपा के सदस्य ही उसे वोट दे दें तो वह सभी 70 सीटें हासिल कर सकती है। हालांकि, 2015 में भी ऐसा नहीं हुआ था।

2015 के चुनाव में भी भाजपा के सभी सदस्यों ने पार्टी को वोट नहीं किया था। भाजपा ने 2015 में 44 लाख 45 हजार 172 सदस्य बनाए थे। लेकिन उसे विधानसभा के चुनाव में महज 28 लाख 90 हजार 485 (32.19%) वोट ही मिल पाए थे। इसके बूते सिर्फ 3 सीट जीत पाई थी। जबकि आम आदमी पार्टी को 48,78,397 (54.34%) वोट मिले थे और उसे 67 सीटें हासिल हुई थीं। पर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने वापसी की और 49 लाख 85 हजार 541 (56.86%) वोट हासिल कर सभी 7 लोकसभा सीटें जीत ली थीं। हालांकि दिल्ली कम वोटिंग प्रतिशत के लिए भी जानी जाती है। दिल्ली में 2019 के लोकसभा चुनाव में 60.59% वोट पड़े थे, जबकि 2015 के विधानसभा चुनाव में 67.12% वोटिंग हुई थी।

कांग्रेस के 2017 के हिसाब से 7 लाख सदस्य

दिल्ली कांग्रेस हर तीन साल में संगठन चुनाव के पहले सदस्यता अभियान चलाती है। उसमें पुराने सदस्यों को भी फिर से सदस्यता पर्ची कटानी होती है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय सचिव प्रमोद कुमार के मुताबिक दिल्ली में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 7 लाख है।

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