पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Blood Group Coronavirus Risk CSIR's Report Update; People With AB And B Blood Type Higher Chances Of COVID Positive

महामारी पर चौंकाने वाली रिसर्च:AB, B ब्लड ग्रुपवालों और मांसाहारियों को कोरोना से ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत, O ब्लड ग्रुप पर असर कम

नई दिल्ली4 महीने पहले

काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) ने एक रिसर्च पेपर जारी किया है, इनमें महामारी से जुड़े कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस रिसर्च के मुताबिक AB और B ब्लड ग्रुप के लोगों को कोविड-19 से ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है। O ब्लड ग्रुप के लोगों पर इस बीमारी का सबसे कम असर हुआ है। इस ब्लड ग्रुप के ज्यादातर मरीज या तो एसिम्प्टोमैटिक हैं या फिर उनमें बेहद हल्के लक्षण देखे गए हैं।

सीरो पॉजिटिव सर्वे के डेटा के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें देश के 10 हजार लोगों से डेटा लिया गया है और इसका 140 डॉक्टर्स की टीम ने विश्लेषण किया है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि शाकाहारी लोगों की तुलना में मांसाहारियों को कोरोना वायरस संक्रमण होने की आशंका ज्यादा है।

सर्वे पर 3 एक्सपर्ट कमेंट

  1. इस सर्वे पर एक न्यूज चैनल से बातचीत में आगरा के पैथालॉजिस्ट डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि सब कुछ किसी व्यक्ति के जेनेटिक स्ट्रक्चर पर निर्भर करता है। जैसे- थैलेसीमिया से पीड़ित व्यक्ति को शायद ही कभी मलेरिया होता हो। कई उदाहरण ऐसे भी हैं, जिनमें पूरे परिवार को संक्रमण हुआ, पर उसी परिवार का एक व्यक्ति इससे बचा रहा। इसकी वजह जेनेटिक स्ट्रक्चर है।
  2. डॉ. शर्मा कहा कि हो सकता है कि O ब्लड ग्रुप का इम्यून सिस्टम इस वायरस के खिलाफ व AB और B ग्रुप वालों से ज्यादा मजबूत हो। हालांकि अभी इस रिसर्च पर और स्टडी किए जाने की जरूरत है, लेकिन इस रिसर्च के मायने ये नहीं हैं कि O ब्लड ग्रुप वालों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन छोड़ देना चाहिए। वो पूरी तरह इस वायरस से इम्यून नहीं हैं और उन्हें भी दिक्कत हो सकती है।
  3. सीनियर फिजीशियन डॉ. एसके कालरा ने कहा कि ये केवल सैंपल सर्वे है। ये एक्सपर्ट द्वारा रिव्यू किए गए रिसर्च पेपर नहीं हैं। इसमें ये बात वैज्ञानिक आधार पर साफ नहीं हो रही है कि अलग ब्लडग्रुप वालों की संक्रमण दर क्यों अलग है। अभी O ब्लड ग्रुप और बेहतर इम्युनिटी को कनेक्ट करना जल्दबाजी होगी।

भारतीय वैक्सीन का ट्रायल अब बच्चों पर
सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही कनाडा और अमेरिका के बाद भारत में भी 2 से 18 साल के एज ग्रुप के लिए भी कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन तैयार हो जाएगी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स कमेटी (SEC) ने मंगलवार को 2 से 18 साल उम्र वालों पर भारत बायोटेक की कोवैक्सिन के सेकेंड और थर्ड ट्रायल की मंजूरी दे दी। यह ट्रायल AIIMS दिल्ली, AIIMS पटना और मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नागपुर में 525 विषयों पर किया जाएगा। सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स कमेटी ने मंगलवार को हैदराबाद में भारत बायोटेक के प्रस्ताव पर विचार किया।

देश में कोरोना महामारी आंकड़ों में

  • बीते 24 घंटे में कुल नए केस आए: 3.48 लाख
  • बीते 24 घंटे में कुल मौतें: 4,198
  • बीते 24 घंटे में कुल ठीक हुए: 3.55 लाख
  • अब तक कुल संक्रमित हो चुके: 2.33 करोड़
  • अब तक ठीक हुए: 1.93 करोड़
  • अब तक कुल मौतें: 2.54 लाख
  • अभी इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या: 36.99 लाख
खबरें और भी हैं...