• Hindi News
  • National
  • Bouncers to be appointed at Railway crossings in Delhi due to heavy traffic problem

दिल्ली / रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैफिक से लेट होती हैं ट्रेनें, इन्हें निकालने के लिए अब बाउंसर तैनात होंगे

Dainik Bhaskar

May 18, 2019, 10:10 AM IST



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
X
प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • दिल्ली में कई संवेदनशील रेलवे क्रॉसिंग हैं, जहां ट्रैफिक के दबाव में ट्रेनों को आउटर में ही खड़ा करना पड़ता है
  • एक शिफ्ट में 4 मार्शल काम करेंगे, इन्हें ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ ट्रेन के आने-जाने पर फाटक बंद करना भी होगा

नई दिल्ली. राजधानी में कई ऐसी रेलवे क्रॉसिंग हैं, जहां ट्रैफिक और भीड़भाड़ के दबाव में कई बार ट्रेनों को आउटर में ही खड़ा करना पड़ जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए अब दिल्ली रेलवे मंडल ने कुछ क्रॉसिंग पर बाकायदा बाउंसर (मार्शल) नियुक्त करने का फैसला लिया है। ये बाउंसर न सिर्फ ट्रैफिक कंट्रोल करेंगे, बल्कि रेलवे फाटक के बंद होने में बाधा पैदा करने वालों से भी निपटेंगे।

 

दिल्ली मंडल के सभी संवेदनशील 5 रेलवे क्रॉसिंग पर आरपीएफ को हटाकर उनके जगह मार्शलों को तैनात करने जा रही है। इन क्रॉसिंग पर एक शिफ्ट में चार मार्शल काम करेंगे। इनका काम दोनों तरफ के ट्रैफिक मैनेजमेंट करने के साथ-साथ ट्रेन के आने-जाने पर फाटक बंद करना भी होगा। दिल्ली मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, रेलवे क्रॉसिंगों पर वाहनों की संख्या अधिक होने के चलते ट्रेन को चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है। 

 

दिल्ली-हरियाणा के बीच 3 क्रॉसिंग संवेदनशील : दिल्ली रोहतक रोड पर घेवरा और नांगलोई दिल्ली सोनीपत रूट पर नरेला बादली के बीच तीन रेलवे क्रॉसिंग काफी संवेदनशील हैं। इस रोड पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है। एक बार अगर रेलवे क्रॉसिंग खुल जाए, तो उसे बंद करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस वजह से ट्रेनों को बीच में ही रोकना पड़ता है, कई बार तो ट्रेनों को आधा घंटा तक ट्रैफिक कम होने का इंतजार करना पड़ता है। 

 

रेलवे स्टेशन पर बनेगी वीडियो वॉल : रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद ट्रेन की जानकारी के लिए छोटे डिस्प्ले बोर्ड परेशानी का कारण बनते हैं। असुविधा से निपटने को रेलवे ने बड़े डिस्प्ले लगाने का फैसला लिया है। योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर मेट्रो स्टेशनों के तर्ज पर वीडियो वॉल लगाई जाएगी। वीडियो वॉल से एक तरफ यात्रियों को जानकारी मिलेगी। साथ ही रेलवे इस पर विज्ञापन दिखा कर हर माह 20 लाख रुपए की आमदनी कर लेगी। वीडियो वॉल पर पैसेंजर ट्रेनों से जुड़ी ट्रेनों के आने-जाने वाली ट्रेनों के नाम, प्लेटफॉर्म नंबर से देख सकेंगे।

 

वॉल पर 70 प्रतिशत ट्रेनों की जानकारी, 30% विज्ञापन : दिल्ली डिवीजन के अधिकारी के अनुसार, हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर वीडियो वॉल लगाने का काम शुरू हो गया है। बाद में इसे नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप योजना के तहत वीडियो वॉल को लगाया जाएगा। वीडियो वॉल पर 70% ट्रेनों की जानकारी और 30% कमर्शियल विज्ञापन दिखाए जाएंगे। ऐसे वीडियो वाॅल राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों पर लगी हैं।

 

23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर 
 

COMMENT