मोदी ने कांग्रेस से कहा- उल्टा चोर चौकीदार को डांटे, हो क्या गया है आप लोगों को?

4 वर्ष पहले
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  • राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का मोदी ने जवाब दिया
  • लोकसभा चुनाव से पहले संसद के आखिरी सत्र में मोदी ने संबोधित किया

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में संबोधित किया। आम चुनाव से पहले मौजूदा लोकसभा के इस अंतिम सत्र में उनका यह संभवत: आखिरी संबोधन था। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘उल्टा चोर चौकीदार को डांटे? हो क्या गया है आप लोगों को? मोदी और भाजपा की आलोचना करते-करते देश की बुराई करना गलत है।’’ 

 

राहुल ने मोदी के बारे में तल्ख टिप्पणियां की थीं
प्रधानमंत्री के लोकसभा में संबोधन से पहले राहुल ने कांग्रेस अल्पसंख्यक सम्मेलन में मोदी के बारे में तल्ख टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा था, ‘‘मोदी डरपोक व्यक्ति है। मेरे साथ नरेंद्र मोदी का नेशनल सिक्युरिटी और राफेल के मुद्दे पर डिबेट करा दो। भाग जाएगा... भाग जाएगा।’’

 

मोदी ने कहा- उल्टा चोर चौकीदार को डांटे?
मोदी ने कहा, ‘‘आपने कहा कि मोदी संस्थाओं को खत्म कर रहा है, बर्बाद कर रहा है। हमारे यहां कहावत है। उल्टा चोर चौकीदार को डांटे। मुझे लगता है कि इस पर विचार करने की आवश्यकता है। आपातकाल देश में कांग्रेस ने थोपा, लेकिन कहते हैं मोदी बर्बाद कर रहा है। सेना को अपमानित किया। सेनाध्यक्ष को गुंडा कहा और कहते हैं कि मोदी इंस्टीट्यूट बर्बाद कर रहा है। तख्तापलट की कहानियां गढ़ी जाती हैं। सेना की इज्जत पर इतना बड़ा बट्टा लगाया। ये जो आपने पाप किया है, भारत की सेना के सीने पर घाव लग रहा है। आज तक किसी ने ऐसा पाप नहीं किया केवल राजनीति के लिए। यह बुरा किया।’’


\'कांग्रेस मुक्त भारत मेरा नहीं गांधीजी का विचार\'

प्रधानमंत्री ने कहा, \'\'55 साल के सत्ताभोग ने कुछ लोगों की आदत खराब कर दी है कि वे खुद को शहंशाह मानते हैं और दूसरों को निकृष्ट मानते हैं। हर किसी का अपमान करना उनके स्वभाव में है। मुख्य न्यायाधीश को विवाद में खींचना, न्यायतंत्र, रिजर्वबैंक, सेनाध्यक्ष, चुनाव आयोग, देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी, लोकतंत्र का अपमान करना सत्ताभोग के कारण आपके अंदर आई हुई विकृति है। गांधीजी पहले ही समझ गए थे कि बीमारियों की रिसीविंग कैपेसिटी कांग्रेस की है। उन्होंने इसीलिए कांग्रेस को बिखेरने की बात कही। कांग्रेस मुक्त भारत मेरा नहीं, गांधीजी का विचार है। गांधीजी की बात को मैं पूरा करके ही रहूंगा। आप बच नहीं सकते।\'\'

 

महागठबंधन के लिए कहा- अब तो महा-मिलावट आने वाली है
मोदी ने कहा, ‘‘2014 में 30 साल के बाद देश की जनता ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनी। देश अनुभव करता है कि जब मिलावटी सरकार होती है तो क्या हाल होता है। अब तो महा-मिलावट आने वाली है। महा-मिलावट आप कलकत्ते में इकट्ठा करो, लेकिन केरल में आप एक-दूसरे का मुंह नहीं देख पाते। उत्तर प्रदेश में तो आपको बाहर कर दिया गया है। हमारी अच्छी और अकल्पनीय सरकार के चलते यह महा-मिलावट (महागठबंधन) हुई है। देश ने 30 साल देखा है। जो हेल्थ कॉन्शियस सोसायटी महा-मिलावट से दूर रहती है, हेल्दी डेमोक्रेसी वाले भी महा-मिलावट से दूर रहेंगे।’’

 

मोदी ने कहा- आप अपनी विफलता का ठीकरा ईवीएम पर थोप देते हैं
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा चुनाव आयोग विश्व के लिए गौरव का केंद्र बनता जा रहा है। छोटी-मोटी शिकायतों के बावजूद सभी राजनीतिक दल उसकी बातें मानकर चल रहे हैं। लेकिन आप अपनी विफलता का ठीकरा ईवीएम पर थोप देते हैं। इतने डरे हुए हैं। क्या हो गया है आप लोगों को? न्यायपालिका को कांग्रेस धमकाती है। कांग्रेस के लोग अदालत के फैसलों पर जिस तरह से बयानबाजी कर रहे हैं उससे साफ हो जाता है। हमें पसंद ना हो कुछ भी बोल दें, कुछ भी लिखवा दें। आप ज्यूडीशियरी को डराने के लिए महाभियोग के नाम पर पूरी व्यवस्था को हिलाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।’’

 

मोदी का सवाल- राफेल को लेकर झूठ भी कॉन्फिडेंस से कैसे बोलते हैं?
‘‘एक-एक आरोप का जवाब निर्मलाजी ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हर पहलू को देखा है। कांग्रेस नहीं चाहती है कि देश की वायुसेना मजबूत हो। मैं गंभीर आरोप लगा रहा हूं कि राफेल का सौदा रद्द हो, ये किस कंपनी की भलाई के लिए आप कर रहे हो। आप देश की सेना के साथ यह व्यवहार करते हो। 30 साल तक सेना को निहत्था बनाकर रखा था। इतिहास गवाह है कांग्रेस और यूपीए की सरकार का सत्ताभोग का कालखंड रक्षा सौदों में दलाली के बिना काम कर नहीं रह सकता था। मैं सोच रहा था कि राफेल को लेकर ये झूठ भी इतने कॉन्फिडेंस से क्यों बोलते हैं। वे ये मानकर चले हैं कि सत्ता भोग के काल में बिना दलाली हुआ ही नहीं। कोई चाचा, कोई मामा आ जाता था। जब पारदर्शिता और ईमानदारी से देश की वायुसेना को मजबूत करने का काम हो रहा है तो कांग्रेस के लोग बौखला जाते हैं। सच सुनने की आदत नहीं है। चेहरे उतरे हुए हैं, कारण यही है कि राजदार को पकड़कर लाए हैं।’’

 

मोदी ने कहा- कांग्रेस ने 100 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया

‘‘यह कांग्रेस ही है, जिसने योजना आयोग को जोकरों का समूह कहा था। आपने अनुच्छेद 356 का दुरूपयोग किया। करीब-करीब 100 बार किया। चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त कर दिया। श्रीमती इंदिरा गांधी ने 50 बार सरकारों को गिराया। मैं केरल के मित्रों को कहना चाहता हूं। 1959 में जब नेहरूजी प्रधानमंत्री थे, तब केरल में सरकार को बर्खास्त कर दिया। आपने देश के साथ क्या किया। आपने मंत्रिमंडल के निर्णय को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाकर फाड़ दिया। आपने कौन सी संस्था का सम्मान किया, कौन सी संवेदना दिखाई। मोदी पर उंगली उठाने से पहले आपको पता होना चाहिए कि आपकी चार उंगलियां आपकी तरफ होंगी।’’

 

बीसी यानी बिफोर कांग्रेस, एडी यानी आफ्टर डायनेस्टी : मोदी
‘‘आज कांग्रेस के नेता कह रहे थे कि मोदीजी जो बाहर पब्लिक में बोलते हैं, राष्ट्रपतिजी ने वही बात सदन में कही। मतलब ये सिद्ध हो गया कि सच अंदर-बाहर एक जैसा ही होता है। अब आपकी मुसीबत है कि सच सुनने की आदत भी चली गई है। जब हम इतिहास की बात करते हैं तो बीसी और एडी की चर्चा करते हैं। आज के भाषण में 1947 से 2014 तक का जिक्र आ रहा था। बीसी और एडी की उनकी अपनी व्याख्या है। बीसी का मतलब बिफोर कांग्रेस, यानी इससे पहले कुछ नहीं था। एडी का मतलब है आफ्टर डायनेस्टी यानी जो कुछ हुआ उन्हीं के काल में हुआ।\'\' 

 

\'दो-तीन महीने गरीबों के लिए काम कर लो\'
प्रधानमंत्री ने कहा, \"आयुष्मान योजना के लिए मैंने चिट्ठी लिखी, तो यह उनके (विपक्ष) लिए मुद्दा बन गया। देश का प्रधानमंत्री चिट्ठी लिखता है, बहुत बड़ा वचन लेता है। इस देश के गरीब जो इलाज की बजाय मौत की राह देखते थे, आयुष्मान योजना के तहत 11 लाख लोगों ने इसका फायदा उठाया है। चुनाव तो आएंगे-जाएंगे अभी दो-तीन महीने हैं कुछ काम करो। सभी सांसद आयुष्मान योजना से गरीबों को लाभ दिलाएं। मैं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आपको आमंत्रित करता हूं।\'\'

 

आज कहां-कहां प्रॉपर्टियां निकल रहीं: मोदी
मोदी ने कहा, \'\'बेनामी संपत्ति का कानून बना हुआ था, बहस कर ली, वोट बटोर लिए लेकिन कानून ही नहीं बनाया। यह हमने किया और इसीलिए लोग परेशान हैं, क्योंकि प्रॉपर्टी निकल रही है। कैसे-कैसे, कौन-कौन, किसके लिए, कब-कब, कहां-कहां इसीलिए बेचैनी होना स्वाभाविक है। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम अपने संकल्प पत्र से पीछे हटने वाले नहीं हैं। चुनौतियां और रुकावटें है, लेकिन उससे भी ज्यादा मजबूत हमारे इरादे हैं।\'\'

 

अहंकार की वजह से कांग्रेस 44 पर आ गई
उन्होंने कहा, \'\'अविश्वास प्रस्ताव के वक्त भी मेरा गला घोंटने की कोशिश की गई थी। ये ईश्वर की कृपा थी कि मैं डेढ़-दो घंटे की नारेबाजी के बीच भी अपनी बात कह पाया। मैं कामना करता हूं कि 2023 में भी आप अविश्वास प्रस्ताव लाएं। ये अहंकार का भाव है कि 400 से 44 पर आ गए और सेवाभाव का परिणाम है कि हम 2 से यहां पर आकर बैठ गए। आपके पास गति, नीति, दिशा नहीं थी। हमने 55 महीने में करके दिखाया।\'\'

 

\'जिन्होंने देश को लूटा है उन्हें डरना होगा\'
मोदी ने कहा, \"आप चिंता मत करिए देश को लूटने वालों को मोदी डराकर रहेगा। देश ने मुझे इसी काम के लिए बैठाया है। देश को जिन्होंने लूटा है, उन्हें डरना ही होगा। ऐसे लोगों के खिलाफ लड़ने के लिए ही मैंने जिंदगी खपाई है। इस देश में चोर-लुटेरों-बदमाशों का डर खत्म हो गया था, उनके मन में डर पैदा करने के लिए मुझे यहां बैठाया गया है।\'\'

 

उनके 55 साल, मेरे 55 महीने : मोदी

 

  • ‘‘इस सारी मुसीबत के मूल में सबसे बड़ा कारण यह है कि गरीबी से उठा हुआ इंसान, जिसने दिल्ली की गलियां नहीं देखीं, उसने इतनी बड़ी सल्तनत को चुनौती दे दी। वह ये पचा नहीं पा रहे हैं। वह नशा है, वह यह सब करवा रहा है। उनके 55 साल और मेरे 55 महीने। स्वच्छता का दायरा 55 साल में 2014 तक 40 फीसदी था। 55 महीने के भीतर 98 फीसदी क्रॉस कर रहा है। गैस कनेक्शन 55 साल में 12 करोड़ थे और 55 महीने में 13 करोड़ गैस कनेक्शन और उसमें भी 6 करोड़ उज्ज्वला।’’
  • ‘‘55 साल में 50 फीसदी लोगों के खाते थे, 55 महीने में शत-प्रतिशत तक पहुंच गए। 1947 से पहले किसी गांव में बिजली नहीं थी। लेकिन, अगर सचमुच में जिस गति से 55 महीने से सरकार चली है। अगर उस समय में आप काम करना चाहते तो पहले दो दशकों में हर जगह बिजली पहुंच जाती। यह काम जो 20 साल में होना चाहिए था, उसे मुझे आकर पूरा करना पड़ा है।’’
  • ‘‘2004, 2009 और 2014 के घोषणा पत्रों में आपने कहा है कि हम 3 साल के भीतर हर घर में बिजली पहुंचाएंगे। मैं हैरान हूं कि गरीबी हटाओ-गरीबी हटाओ कहते गए हैं। लेकिन, 3-3 साल बिजली नहीं पहुंची। हमने ढाई करोड़ परिवारों में बिजली का काम पूरा कर दिया। आने वाले समय में शत-प्रतिशत बिजली पहुंचाने का काम हम पूरा करेंगे। आंकड़े नहीं झुठला सकते हैं आप।’’
  • ‘‘देशवासियों के लिए समर्पित सरकार होती है तो काम कैसे होता है? 1947 में हर सरकार ने स्वीकार किया कि गरीबों को घर मिलना चाहिए। 2014 के पहले आपकी सरकार ने 25 लाख घर बनाए, हमने साढ़े चार साल में एक करोड़ तीस लाख घर बनाकर चाभियां भी दे दीं। आपके लोग भी कहते हैं कि मेरे इलाके में भी आवास का अलॉटमेंट करवा दीजिए। पैसे सीधे गरीबों के खाते में जाते हैं, बिचौलिए नहीं हैं अब।’’
  • ‘‘आपने अपने घोषणा पत्र में कहा हर पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ेंगे। जब हम आए तब 59 गांवों में ऑप्टिकल फाइबर पहुंचा था। 2004 से काम शुरू किया था, 2014 तक केवल 59 गांवों में ब्रॉडबैंड पहुंचा। 55 महीने में 1.16 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंच गई। आप वादे करते रहे।’’
  • ‘‘आज हमारे खड़गे साहब का मिजाज शेर-ओ-शायरी का था। मुझे समझ में नहीं आया कि उन्हें हुस्न वाली पंक्ति क्यों पसंद आई। आप जिस परिवेश से आए हैं, मैं आपके जीवन पर गर्व करता हूं। लेकिन, अगर आपको उसकी याद होती तो हुस्न वाली पंक्ति पर नजर नहीं जाती। उस कविता में लिखा है- जब कभी झूठ की बस्ती में सच को तड़पते देखा है, तब मैंने अपने भीतर किसी बच्चे को सिसकते देखा है।’’
  • ‘‘अगर संवेदना नाम की चीज बची होती तो आपके आगे की पंक्ति याद होती। लिखा है- अपने घर की चार दिवारी में अब लिहाफ में भी सिहरन होती है, जिस दिन से किसी को गुरबत में सड़कों पे ठिठुरते देखा है। संवेदना होती है, तब जाकर बात बनती है। कांग्रेस के 55 साल सत्ता भोग के, हमारे 55 महीने सेवाभाव के हैं। नीति स्पष्ट और नीयत साफ हों, इरादें नेक और निष्ठा अटल होें तो हम चौबीसों घंटे देश के निर्माण-विकास और गरीबों की सेवा के लिए ऊर्जा पाते रहते हैं।’’

 

 

2जी स्पेक्ट्रम में जो हुआ, वह सत्ता भोग का परिणाम था

 

  • ‘‘एक तरफ खिलाड़ी पदक के लिए मेहनत कर रहे थे और ये कॉमनवेल्थ में अपनी वेल्थ जुटाने में लगे थे। 2जी स्पेक्ट्रम में जो हुआ वह सत्ता भोग का परिणाम था। इनका मकसद अपना और अपने लोगों का फायदा था। स्पेक्ट्रम की नीलामी की व्यवस्था हमने विकसित की, ताकि लोगों को फोन कॉल सस्ती पड़े। नामदार को पता चला कि किसे जरूरत है तो बैंकों को फोन कर देते थे लोन के लिए।’’ 
  • ‘‘2008 तक बैंकों ने 18 लाख करोड़ का कर्ज दिया। लेकिन, सत्ता भोग की राजनीति के चलते 2008 से 2014 तक ये 18 लाख करोड़ बढ़कर 52 लाख करोड़ हो गया। ये फोन बैंकिंग का परिणाम था। लोगों के पैसे लूटे जा रहे थे कोई पूछने वाला था। यह आपका तरीका था। 21वीं सदी के मतदाताओं को पता होना चाहिए कि देश को कैसे लूटा। जो भाग गए हैं, वह रो रहे हैं कि मैं तो 9 हजार करोड़ लेकर निकला था, लेकिन मोदी ने 14 हजार करोड़ रुपया जब्त कर लिया। लूटने वालों को आपने लूटने दिया, हमने कानून बनाकर उसे वापस लाने की कोशिश की।’’

 

\'महंगाई को लेकर बने दो गाने प्रसिद्ध हुए\'
मोदी ने कहा, \'\'एक बार आंबेडकरजी ने कहा था- कांग्रेस में शामिल होना आत्महत्या के समान होगा। ये महामिलावट वालों के लिए काम का हो सकता है। आज यहां सदन में महंगाई को लेकर भी बातें हुईं। सच्चाई से परे थीं यह बातें। हमारे देश में दो गाने प्रसिद्ध हुए थे। एक था बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गई। दूसरा था महंगाई डायन खाए जात है। ये दोनों गीत किस कार्यकाल के हैं? पहला गाना श्रीमति इंदिरा गांधी के वक्त था था 30% से ज्यादा इन्फ्लेशन था। दूसरा गाना रिमोट कंट्रोल वाली सरकार का था, तब 10% इन्फ्लेशन रेट था। आपका और महंगाई का अटूट नाता है। बीते साढ़े चार साल में 4% महंगाई दर रही है। मध्यमवर्गीय समाज के लिए मदद करने का काम हमारी सरकार लगातार कर रही है। देश में जिस प्रकार से आर्थिक गतिविधियां हुई हैं, उनकी आशाएं बढ़ाना स्वाभाविक है।\'\'

 

प्रधानमंत्री ने इन पंक्तियों के साथ अपना भाषण किया खत्म
सूरज आएगा भी तो कहां, उसे यहीं रहना होगा, यहीं हमारी सांसों में, हमारी रगों में, हमारे संकल्पों में तुम उदास मत हो, अब मैं किसी भी सूरज को नहीं डूबने दूंगा।