• Hindi News
  • National
  • Bus Carrying Nearly 50 People Falls Into Gorge In Uttarakhand's Pauri Garhwal

500 फीट गहरी खाई में गिरी बस:18 जानें बचीं, मोबाइल की लाइट से बारातियों को ढूंढा और बचाया

नैनीताल2 महीने पहले

रात 8 बजे। 500 फीट गहरी खाई। 50 बारातियों से भरी बस गिरने की सूचना। अब चुनौती थी इनके रेस्क्यू की।

अंधेरा और मुश्किल पहाड़ी इलाका। ऊपर से गहरी खाई में खुद के गिर जाने का डर, लेकिन पौड़ी गढ़वाल के लोगों ने इस डर को मार दिया।

स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू टीम से दो कदम आगे निकलते हुए वो रोल निभाया, जिसके बिना जिंदगियों को बचाना मुश्किल था। हादसे में 32 की मौत हुई है, लेकिन 18 जानें बचाई गई हैं।

आगे इस स्पेशल रेस्क्यू मिशन की पूरी कहानी, लेकिन उससे पहले आप एक पोल के जरिए अपनी राय दे सकते हैं...

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में मंगलवार रात एक बस 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। ये बस 50 बारातियों को लेकर हरिद्वार के लालढांग से काड़ागांव जा रही थी। सिमड़ी गांव के पास ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और हादसा हो गया।

रात का वक्त था। गहरी खाई और मुश्किल पहाड़ी हालात। बारातियों के रेस्क्यू में यही बड़ी चुनौतियां थीं। लेकिन, रेस्क्यू टीम से पहले स्थानीय लोग पहले ही घटना स्थल पर पहुंचे। इन्हें इलाके की भी जानकारी थी पर गहरी खाई का डर भी। लेकिन, मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर ये बरातियों को ढूंढते रहे।

SDRF की टीम हादसे के करीब 2 घंटे बाद मौके पर पहुंच पाई। इससे पहले स्थानीय लोग और पुलिस 9 लोगों को बचा चुकी थी। एक चश्मदीद ने बताया कि जब हमने मोबाइल की लाइट में बारातियों को खोजना शुरू किया तो कुछ शव ऐसे दिखे, जो कई टुकड़ों में बंट चुके थे। कई घायल भी थे, जिन्हें वक्त पर इलाज मिल गया।

दूल्हे की कार के सामने भी आया था सांप, पर वह हादसे से बच गई

कुछ और रिपोर्ट्स में घटना के प्रत्यक्षदर्शियों की आंखोंदेखी बताई गई है। एक रिपोर्ट में दूल्हे की कार चला रहे ड्राइवर ने कहा कि जब हम लौट रहे थे, तब कार के सामने सांप आ गया। ड्राइवर ने कहा कि मैंने ब्रेक मार दिया था। इसके बाद पीछे आ रही बस ने हमें ओवर टेक किया। चंद मिनट बाद ही वह खाई में गिर गई थी।

रेस्क्यू टीम ने रस्सी के सहारे घायलों को ऊपर खींचा।
रेस्क्यू टीम ने रस्सी के सहारे घायलों को ऊपर खींचा।
यह तस्वीर बीरोंखाल इलाके की है, जहां हादसा हुआ। SDRF की टीम घायलों को खोजती हुई।
यह तस्वीर बीरोंखाल इलाके की है, जहां हादसा हुआ। SDRF की टीम घायलों को खोजती हुई।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चला। अंधेरा ज्यादा होने से बहुत दिक्कत हुई।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चला। अंधेरा ज्यादा होने से बहुत दिक्कत हुई।
मंगलवार रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था। इसके लिए पुलिस और SDRF की टीम साथ काम कर रही थी।
मंगलवार रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था। इसके लिए पुलिस और SDRF की टीम साथ काम कर रही थी।
यह लालढांग का फोटो है। बारात यहां से शाम को रवाना हुई थी।
यह लालढांग का फोटो है। बारात यहां से शाम को रवाना हुई थी।

धामी कंट्रोल रूम पहुंचे, तब तक रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची थी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऑपरेशन के दौरान खुद अधिकारियों को फोन पर निर्देश देते रहे। वो रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कंट्रोल रूम में मौजूद थे। जब धामी कंट्रोल रूम पहुंचे, तब तक रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। ऑपरेशन पूरा होने के बाद धामी ने कहा कि रेस्क्यू मिशन में पुलिस और SDRF के अलावा स्थानीय लोगों की अहम भूमिका रही है।

बड़े बस हादसों से जुड़ी अन्य खबरें....

3 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बस पलटी, एक की मौत, 67 घायल

जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार सुबह (3 अक्टूबर) एक निजी बस पलट गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 67 अन्य घायल हो गए। घायलों में ज्यादातर छात्र शामिल थे, जो सुबह स्कूल के लिए निकले थे। बस मोंगरी से उधमपुर शहर की ओर जा रही थी। जैसे ही बस क्रिमाची-मानसर पहुंची तो ड्राइवर ने मोड़ पर कंट्रोल खो दिया। इससे बस पलट गई और खाई में गिर गई। पढ़ें पूरी खबर..

14 सितंबर: जम्मू-कश्मीर पुंछ में बस हादसा, 12 लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में 14 सितंबर को एक बस गहरी खाई में गिर गई। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 लोग घायल हो गए थे। सेना के साथ स्थानीय लोगों ने बस में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकाला था और अस्पताल पहुंचाया था। पढ़ें पूरी खबर...