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12वीं बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट फॉर्मूला:CBSE ने कहा- स्टूडेंट्स का मूल्यांकन किस आधार पर हो, इसके फ्रेमवर्क में लगेगा 2 हफ्ते का समय

नई दिल्ली18 दिन पहले

कोरोना महामारी के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को देशभर में 12वीं बोर्ड के एग्जाम कैंसल कर दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा के साथ कहा कि 12वीं का रिजल्ट तय समयसीमा के भीतर और तार्किक आधार पर तैयार किया जाएगा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर स्टूडेंट्स का असेसमेंट किस आधार पर होगा।

CBSE के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बुधवार को बताया कि स्टूडेंट्स के मुल्यांकन के लिए स्ट्रक्चरिंग क्राइटेरिया पर काम चल रहा है, इसे पूरा करने में करीब 2 हफ्ते का समय लगेगा। फिर इस पर फैसला होगा। प्रक्रिया पूरी होते ही इसे पब्लिक डोमेन में लाया जाएगा।

त्रिपाठी ने आगे बताया कि पैरेंट्स, टीचर्स, प्रिंसिपल और स्टूडेंट्स को इसके लिए थोड़ा इंतजार करने की जरूरत है। साथ ही सभी से अनुरोध है कि घबराएं नहीं।

इस बीच, सूत्रों ने भास्कर को बताया कि CBSE की 12वीं बोर्ड के रिजल्ट का फॉर्मूला इसी हफ्ते सामने आने की संभावना है। नतीजों के लिए CBSE का फोकस अभी इंटरनल असेसमेंट पर भी है। इसके अलावा अगर स्टूडेंट्स एग्जाम देना चाहते हैं, तो उन्हें ये विकल्प भी दिया जाएगा।

अभी इन 4 फॉर्मूला पर विचार

  1. छात्रों के रिजल्ट का मूल्यांकन उनके पिछले 3 साल के परफॉर्मेंस के आधार पर होगा। यानी 9वीं, 10वीं और 11वीं के रिजल्ट को आधार बनाया जा सकता है।
  2. 10 वीं बोर्ड के रिजल्ट और 12वीं के इंटरनल असेसमेंट के आधार पर छात्रों का रिजल्ट तैयार हो सकता है।
  3. 11वीं और 12वीं के इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जा सकता है।
  4. 10वीं की तरह ही 12वीं के लिए भी ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया तैयार किया जाएगा। कोई स्टूडेंट इंटरनल असेसमेंट के बेस पर रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है तो उसे एग्जाम देने का मौका दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए कोरोना बने हालात संभलने का इंतजार किया जाएगा।

इंटरनल एसेसमेंट के चांस ज्यादा
प्रधानमंत्री की मंगलवार को आयोजित बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ये बयान दिया था कि रिजल्ट के लिए इंटरनल एग्जाम को भी आधार बनाया जा सकता है। ऐसे में इस फॉर्मूला के चांस ज्यादा हैं। हालांकि, CBSE ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी किसी तरह के कयास न लगाए जाएं।

10वीं के लिए भी है इंटरनल असेसमेंट
10वीं की परीक्षाएं पहले ही रद्द कर दी गई है। इसका रिजल्ट तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय शिक्षकों की टीम का गठन हर स्कूल में किया गया है। ये टीम भी इंटरनल असेसमेंट के आधार पर 10वीं का रिजल्ट तैयार करेगी।

पिछली बार का फॉर्मूला नहीं हो सकता लागू
पिछले साल पूरी परीक्षा रद्द नहीं हुई थी। कोरोना के चलते बीच में परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। कुछ छात्रों के 1, कुछ के 2 तो कुछ के 3 पेपर रह गए थे। इसके बाद CBSE ने छात्रों द्वारा दिए गए पेपर के मार्क्स को आधार बनाकर बाकी पेपर के लिए एवरेज मार्किंग की थी। इस बार पिछले साल के फार्मूला लागू नहीं किया जा सकता है।

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