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ऑस्ट्रेलिया / भारतीय मूल के दीपक राज ने 'भगवद् गीता' पर हाथ रखकर विधायक पद की शपथ ली



ऑस्ट्रेलिया की असेंबली में दीपक। ऑस्ट्रेलिया की असेंबली में दीपक।
Chandigarh's Deepak Raj Gupta becomes first Indian to take oath as MLA in Australian Capitol Territory Assembly.
Chandigarh's Deepak Raj Gupta becomes first Indian to take oath as MLA in Australian Capitol Territory Assembly.
Chandigarh's Deepak Raj Gupta becomes first Indian to take oath as MLA in Australian Capitol Territory Assembly.
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ऑस्ट्रेलिया की असेंबली में दीपक।ऑस्ट्रेलिया की असेंबली में दीपक।
Chandigarh's Deepak Raj Gupta becomes first Indian to take oath as MLA in Australian Capitol Territory Assembly.
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  • दीपक राज गुप्ता कैपिटल टेरेटरी असेंबली में विधायक बनने वाले पहले भारतीय
  • उन्होंने बताया- मैंने भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ लेने का फैसला पहले ही लिया था, मंजूरी से पहले नियम देखे गए

Dainik Bhaskar

Jul 31, 2019, 03:41 PM IST

चंडीगढ़ (गौरव भाटिया). ऑस्ट्रेलिया कैपिटल टेरेटरी (एसीटी) असेंबली में पहले भारतीय-ऑस्ट्रेलियन मेंबर दीपक राज गुप्ता ने मंगलवार को भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ ली। 30 साल के दीपक 1989 में ऑस्ट्रेलिया गए थे।

 

दीपक ने बताया, "मैंने भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ लेने का फैसला पहले ही ले लिया था। ऑस्ट्रेलिया के सदन में बाइबल के जरिए शपथ ली जाती थी। मैंने अपनी इच्छा बताई तो असेंबली के अफसरों ने नियम चेक किए कि कोई सदस्य अन्य धर्म के ग्रंथ के साथ शपथ ले सकता है। किसी तरह की बंदिश नहीं होने के बाद मुझे अनुमति दी गई। मैं अपने साथ भगवद् गीता की एक प्रति लेकर गया था।" उन्होंने बाद में भगवद् गीता को असेंबली को बतौर सोविनियर के तौर पर गिफ्ट कर दिया।

 

भाई ने बताया- काफी संघर्ष करना पड़ा 
भाई कर्नल अनिल राज ने बताया, "दीपक ने ऑस्ट्रेलिया में काफी संघर्ष किया। उन्होंने कार धोने से लेकर रेस्टारेंट में में भी काम किया। इस दौरान वे साथ में पढ़ाई भी करते रहे। दीपक को साल 1991 में पब्लिक रिलेशन ऑफिसर की जॉब मिली। इसके बाद उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस में एग्जीक्यूटिव अफसर की सरकारी नौकरी मिली।"

 

भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया 

 

  • अनिल ने बताया कि वे ऑस्ट्रेलिया में रहकर भी भारतीय संस्कृति को नहीं भूले। उन्होंने भारतीय संस्कृति को प्रमोट करने के लिए कई कार्यक्रम किए। कैनबरा में भारत के विभिन्न त्योहार मनाए गए जिसमें मंत्रियों को बुलाया गया ताकि भारत की संस्कृति के बारे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा पता लग सके। मंदिर और गुरुद्वारा बनाने मेंं योगदान दिया। इसके बाद दीपक को मल्टी कल्चर एडवोकेट और एक्सीलेंस कम्युनिटी सर्विस का अवॉर्ड मिला।
  • दीपक 2006 से 2016 तक ऑस्ट्रेलिया-इंडिया बिजनेस काउंसिल के प्रेसिडेंट रहे। यह ऑस्ट्रेलिया की नेशनल ऑर्गेनाइजेशन है, जिसका मकसद दोनों देशों में व्यापार को बढ़ाना रहा। 

 

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