चंद्रयान-2 / लैंडर विक्रम के ऊपर से 17 सितंबर को गुजरेगा नासा का ऑर्बिटर, तस्वीरें भी भेज सकता है



Chandrayaan-2: US space agency NASA will also help in locating Vikram Lander
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Chandrayaan-2: US space agency NASA will also help in locating Vikram Lander

  • चंद्रमा पर गए विक्रम लैंडर का पता लगाने में अब नासा तस्वीरें शेयर कर मदद कर सकती है
  • तस्वीरों से विक्रम लैंडर की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी, उससे संपर्क करने में सफलता भी मिल सकती है

Dainik Bhaskar

Sep 14, 2019, 09:17 AM IST

वॉशिंगटन/नई दिल्ली. भारत के चंद्रयान-2 मिशन के तहत चंद्रमा पर गए लैंडर विक्रम का पता लगाने में अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी मदद कर सकती है। दरअसल, नासा का ऑर्बिटर 17 सितंबर को लैंडर विक्रम के ऊपर से गुजरेगा। ऑर्बिटर विक्रम की तस्वीरें भी भेज सकता है। इससे लैंडर विक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। साथ ही उससे संपर्क करने में सफलता भी मिल सकती है।

 

हालांकि, लैंडर विक्रम के बारे में इसरो भी पता लगा चुका है और उससे संपर्क की कोशिशें जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि लैंडर विक्रम के चंद्रमा की सतह पर पहुंचने से करीब 2.1 किमी पहले ही उससे संपर्क टूट गया था। स्पेस फ्लाइट नाउ ने नासा के ऑर्बिटर के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट नोआह पेत्रो के हवाले से लिखा है- ऑर्बिटर द्वारा जारी की जाने वाली तस्वीरों से इसरो को लैंडर विक्रम की स्थिति का विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।

 

विक्रम लैंडर के असफल होने के कारणों की जांच करेगा इसरो
इसरो विक्रम लैंडर के असफल होने के कारणों की जांच करेगा। स्पेस एजेंसी इस बात का पता लगाने की कोशिश करेगी कि मिशन में क्या गलत हुआ। इसरो के एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी ने यह जानकारी दी। उधर, लगभग एक हफ्ते का समय बीत जाने के बाद मिशन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से फिर से संपर्क स्थापित करने की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।

 

इसराे विक्रम से संपर्क करने की आखिरी कोशिश में लगा हुआ है। रोवर का जीवनकाल एक चंद्र दिवस यानी कि धरती के 14 दिन के बराबर है। सात सितंबर की घटना के बाद से लगभग एक सप्ताह निकल चुका है, अब इसरो के पास मात्र एक सप्ताह शेष बचा है।

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