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तमिलनाडु / अन्नाद्रमुक का बैनर गिरने से महिला इंजीनियर की मौत, हाईकोर्ट ने कहा- सड़कें रंगने के लिए कितना खून चाहिए



दुर्घटना की शिकार महिला इंजीनियर सुबाश्री।(फाइल) दुर्घटना की शिकार महिला इंजीनियर सुबाश्री।(फाइल)
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दुर्घटना की शिकार महिला इंजीनियर सुबाश्री।(फाइल)दुर्घटना की शिकार महिला इंजीनियर सुबाश्री।(फाइल)

  • पार्टियों ने कार्यकर्ताओं से कहा- इस तरह बैनर नहीं लगाएं जिससे जनता को परेशानी हो
  • बैनर गिरने से महिला का संतुलन बिगड़ा और वह पीछे से आ रहे टैंकर की चपेट में आ गई

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 07:01 PM IST

चेन्नई. एक 23 साल की महिला इंजीनियर आर. सुबाश्री की सत्तारुढ़ अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) का बैनर गिरने के कारण मौत हो गई। बैनर गिरने से महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह पीछे से आ रहे पानी के टैंकर की चपेट में आ गई। मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस घटना का संदर्भ देते हुए दायर की गई एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार को सड़कों को रंगने के लिए कितने लीटर खून चाहिए‌? इस देश में नौकरशाहों के दयनीय रवैये के कारण जीवन के प्रति सम्मान शून्य है। हम इस सरकार में विश्वास खो चुके हैं।

 

कोर्ट ने कहा कि क्या अब मुख्यमंत्री इस प्रकार के अनाधिकृत बैनरों के प्रति कुछ बयान जारी करने के इच्छुक हैं। मद्रास हाईकोर्ट कई बार अवैध ढंग से लगाए जाने वाले बैनरों पर प्रतिबंध लगाने और अधिकारियों को इस आदेश को कड़ाई से लागू करवाने को निर्देश जारी कर चुका है। हाईकोर्ट ने कहा कि जरा सोचिए यदि महिला इंजीनियर जीवित होती तो वह देश की जीडीपी में कितना योगदान करती।

 

बेटे के शादी के लिए स्थानीय नेता ने लगाया था बैनर
महिला इंजीनियर आर. सुबाश्री की मौत अन्नाद्रमुक के स्थानीय कार्यकर्ता द्वारा अपने बेटे के शादी के लिए लगाए गए बैनर के कारण हुई। कोर्ट ने इस पर तीखी प्रतिक्रया देते हुए कहा कि क्या वह नेता बिना बैनर के अपने बेटे की शादी नहीं कर सकता था‌? या फिर इस शहर में मंत्री इस प्रकार के बैनरों के अभाव में विवाह स्थल तक पहुंचने का रास्ता भूल जाते हैं।

 

बैनर छापने वाले प्रिंटर को सील कर दिया गया है
अन्नाद्रमुक और राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम(द्रमुक) एवं अन्य विपक्षी पार्टियों ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह इस प्रकार के बैनर पोस्टर नहीं लगाएं, जिससे नागरिकों को असुविधा हो। इसी क्रम में पुलिस ने कहा है कि बैनर लगाने वाले कार्यकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जिस प्रिंटर में बैनर छापा गया था, उसे भी सील कर दिया गया है।

 

बैनर लगाने के लिए अनुमति लेना जरूरी है
नियमों के अनुसार बैनर-पोस्टर या होर्डिंग लगाने के लिए अनुमति लेना आवश्यक है। बैनरों पर अनुमति संख्या,प्रदर्शित करने की अवधि, लगाने वाले का नाम और छापने वाले प्रिंटर का नाम का उल्लेख होना जरूरी है। राज्य के मौजूदा नियमों के अनुसार यदि बिना अनुमति के बैनर पोस्टर लगाए जाते हैं तो इसे छापने वाले प्रिंटर को सील किया जा सकता है।

 

 

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