• Hindi News
  • National
  • Chennai Water crisis tamilnadu residents facing acute water crisis tankers token water supply

जल संकट / चेन्नई में टोकन के जरिए टैंकरों से पानी मिल रहा; हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा



Chennai Water crisis tamilnadu residents facing acute water crisis tankers token water supply
Chennai Water crisis tamilnadu residents facing acute water crisis tankers token water supply
X
Chennai Water crisis tamilnadu residents facing acute water crisis tankers token water supply
Chennai Water crisis tamilnadu residents facing acute water crisis tankers token water supply

  • शहर को हर दिन 80 करोड़ लीटर पानी की जरूरत, 52 करोड़ लीटर ही सप्लाई हो रहा
  • कोर्ट ने राज्य से पूछा- जल समस्या के खिलाफ क्या कदम उठाए, कितनी राशि मंजूर की गई और अभी कितना काम हुआ

Dainik Bhaskar

Jun 19, 2019, 07:08 PM IST

चेन्नई. तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। यहां पाइप लाइन से आने वाले पानी की आपूर्ति में 40% की कटौती की गई है। सरकारी टैंकरों के द्वारा पानी की सप्लाई हो रही है। रोयापेट्टा क्षेत्र में टैंकर से पानी की आपूर्ति करने के लिए टोकन बांटे जा रहे हैं। उधर, मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पानी की समस्या के बारे में जवाब मांगा है।

 

चेन्नई मेट्रो वॉटर एजेंसी पाइप के जरिए दिन में सिर्फ 52 करोड़ लीटर की आपूर्ति करती है, जबकि शहर को हर दिन 80 करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता होती है। राजधानी के चार जलाशय सूख गए हैं।

 

टैंकर से हर दो दिन में पानी सप्लाई की जा रही है। लोगों को थोड़ा पानी ही मिल पाता है। इसके लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में नगर निगम ने टोकन सिस्टम चालू कर दिया। लोगों को टैंकर के पास लाइन लगाने के बजाए टोकन दिया जा रहा है। टोकन नंबर आने के बाद पानी दिया जा रहा। पानी के लिए लगी लंबी-लंबी लाइनों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

 

'2015 के बाद से चेन्नई में सूखा'

राष्ट्रीय जल अकादमी के पूर्व निदेशक मनोहर खुशलानी ने बताया कि चेन्नई में 2015 में बाढ़ आई थी। उसके बाद से यहां सूखा है। जलाशयों और नहरों में भी पानी सूख गया है। अब पानी संग्रहण करने की काफी जरूरत है। सरकार को शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण को भी रोकना चाहिए।

 

कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी सचिव को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया

मद्रास हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि शहर में भू-जल का व्यवसायिक तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। सरकार को इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से समस्या को जल्द सुलझाने के लिए कहा। कोर्ट ने पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) सचिव को आदेश दिया है कि वे राज्यस्तर पर एक रिपोर्ट तैयार कर पेश करें। रिपोर्ट में बताएं कि राज्य में कितने जलाशय हैं, समस्या के खिलाफ क्या-क्या कदम उठाए, कितनी राशि मंजूर की गई और अभी कितना काम हुआ।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना