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CDS हेलिकॉप्टर क्रैश क्यों हुआ:खराब मौसम, कम विजिबिलिटी बनी हादसे की वजह, घने जंगल से क्रैश लैंडिंग भी फेल रही

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: हेमंत अत्री

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के हेलिकॉप्टर हादसे की वजह खराब मौसम को माना जा रहा है। अभी तक सामने आए संकेत और दिल्ली में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक घने जंगल, पहाड़ी इलाका और लो विजिबिलिटी की वजह से ही हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ।

वेलिंगटन का हेलिपैड जंगल और पहाड़ी इलाके के तुरंत बाद पड़ता है इसलिए पायलट के लिए इसे दूर से देख पाना मुश्किल होता है। ऐसे में खराब मौसम में हेलिकॉप्टर की लैंडिंग यहां हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहती है।

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रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए चॉपर के आसपास से पेड़ की टहनियों को हटाते रेस्क्यू दल के लोग और पुलिस के जवान।
रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए चॉपर के आसपास से पेड़ की टहनियों को हटाते रेस्क्यू दल के लोग और पुलिस के जवान।

मानवीय भूल की आशंका न के बराबर

शुरुआती संकेतों के मुताबिक खराब मौसम के दौरान बादलों में विजिबिलिटी कम होने की वजह से हेलिकॉप्टर को कम ऊंचाई पर उड़ान भरनी पड़ी। लैंडिंग पॉइंट से दूरी कम होने की वजह से भी हेलिकॉप्टर काफी नीचे था। नीचे घने जंगल थे, इसलिए क्रैश लैंडिंग भी फेल हो गई।

इस हेलिकॉप्टर के पायलट ग्रुप कैप्टन रैंक के अधिकारी थे। ऐसे में मानवीय भूल की आशंका न के बराबर है। हेलिकॉप्टर ट्विन इंजन वाला था। ऐसे में अगर एक इंजन फेल हो जाता तो भी बाकी बचे दूसरे इंजन से लैंडिंग की जा सकती थी।

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हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के लिए फौरन स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई और उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के लिए फौरन स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई और उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

एक्सपर्ट बोले- वेलिंगटन का हेलिपैड लैंडिंग के लिए मुश्किल स्पॉट

एक्सपर्ट ने बताया कि वेलिंगटन का हेलिपैड लैंडिंग के लिए आसान नहीं है। जगंल हैं और फिर पहाड़ है। इनकी वजह से पायलट को हेलिपैड दूर से दिखाई नहीं देता। काफी नजदीक आने पर ही हेलिपैड नजर आता है। ऐसे में जब खराब मौसम के दौरान पायलट ने लैंडिग की कोशिश की होगी तो बादलों की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई होगी। उसे हेलिपैड सही तरह नजर नहीं आया होगा और हादसा हो गया।