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वैक्सीनेशन में चीन सबसे आगे:हेल्थ कमीशन का दावा- कोरोना वैक्सीन के 1 अरब डोज लगाए; ये भारत से करीब 4 गुना ज्यादा

बीजिंग3 महीने पहले
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चीन ने रविवार को वैक्सीनेशन के मामले में बड़ा दावा किया। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन (NHC) का कहना है कि देश में अब तक कोरोना वैक्सीन के एक अरब से ज्यादा डोज लगाए जा चुके हैं। इस लिहाज से चीन वैक्सीनेशन के मामले में दुनिया में सबसे आगे है। दूसरे नंबर पर अमेरिका और तीसरे नंबर पर भारत हैं। अमेरिका में 31 करोड़ और भारत में 27 करोड़ से ज्यादा डोज लगाए गए हैं।

NHC ने बताया है कि मार्च के आखिर में पूरे देश के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन की गति तेज कर दी गई थी। शनिवार को एक अरब डोज का आंकड़ा पार हो गया। ये पूरी दुनिया में लगे कुल ढाई अरब डोज का 40% है। हालांकि NHC ने यह नहीं बताया कि कितने लोगों को टीका लगाया गया है।

ऐसे आगे निकला चीन
चीन ने 10 लाख डोज का आंकड़ा 27 मार्च को पार किया था। इस मामले में वह अमेरिका से दो सप्ताह पीछे था। NHC के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने 50 करोड़ से ज्यादा डोज लगाने से उसे काफी बढ़त दिला दी है। चीन की आबादी करीब 1.40 अरब है। इस कारण प्रति 100 लोगों को डोज लगाने के मामले में वह अब भी अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से पीछे है।

शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, चीन को 10 करोड़ से 20 करोड़ डोज तक पहुंचने में 25 दिन लगे। 20 से 30 करोड़ तक पहुंचने में 16 दिन और 80 से 90 करोड़ तक पहुंचने में महज 6 दिन लगे। यानी एक दिन में एक करोड़ से भी ज्यादा लोगों को टीका लगा।

21 वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल, 4 को अप्रूवल
न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में पिछले साल से अब तक कुल 21 वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल के दौर में पहुंची हैं। सरकार ने इमरजेंसी यूज के लिए चार टीकों को सशर्त मंजूरी दी है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने चीन की दो वैक्सीन सिनोफार्म और सिनोवैक को इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूव किया है। चीन ने दोनों टीके कई देशों को सप्लाई किए हैं।

वुहान की सेंट्रल चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी में 13 जून को ग्रेजुएशन सेरेमनी की गई। इसमें हजारों स्टूडेंट बिना मास्क पहने शामिल हुए। जाहिर है कि चीन में कोरोना काबू में आ चुका है।
वुहान की सेंट्रल चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी में 13 जून को ग्रेजुएशन सेरेमनी की गई। इसमें हजारों स्टूडेंट बिना मास्क पहने शामिल हुए। जाहिर है कि चीन में कोरोना काबू में आ चुका है।

पूरे चीन में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन ड्राइव चलाई जा रही है। इसके अलावा 3 से 17 साल उम्र के बच्चों के लिए भी घरेलू टीकों को मंजूरी दी है। शिन्हुआ की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस आयु वर्ग के वैक्सीनेशन के लिए कोरोना के हालात को देखते हुए व्यापक नीतियां तैयार की जाएंगी।

NHC के डिप्टी हेड ज़ेंग यिक्सिन का कहना है कि इस साल के आखिर तक चीन में टारगेट पॉपुलेशन के कम से कम 70% हिस्से के वैक्सीनेशन की उम्मीद है।

चीन के दावे हमेशा से संदिग्ध
कोरोना वायरस का ओरिजिन प्लेस माने जाने वाले चीन में सिर्फ 91 हजार मामले मिले हैं। इसके मुकाबले अमेरिका में यह संख्या साढ़े 3 करोड़ के करीब पहुंच चुकी है। चीन की ओर से बताया गया कोरोना से जुड़ा डेटा हमेशा संदिग्ध माना गया है। बीते 24 घंटों में पूरे देश में सिर्फ 23 केस मिले हैं। यहां के ज्यादातर राज्यों में पाबंदियां हटा ली गई हैं।