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चीन को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब:गलवान जैसी झड़प हुई तो त्रिशूल और वज्र से मुकाबला करेंगे जवान, क्लोज फाइट में दुश्मन को झटका देगा सैपर

नई दिल्ली2 महीने पहले

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों और भारतीय सेना के जवानों के बीच अब झड़प होती है तो हमारे सैनिक उन पर भारी पड़ेंगे। नोएडा की एक कंपनी ने LAC पर चीनी सैनिकों से निपटने के लिए कम जानलेवा, लेकिन खतरनाक हथियार बनाए हैं। ये हथियार चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।

पिछले साल चीन की सेना ने भारत के सैनिकों पर टीजर गन, कंटीले डंडों से हमला किया था। भारतीय जवानों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था। इसके बाद से चीन और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।

नोएडा की कंपनी ने बनाए हथियार
नोएडा की एपेस्टेरॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सुरक्षाबलों ने इन हथियारों का ऑर्डर दिया था। इसके बाद उन्होंने भगवान शिव के त्रिशूल की तरह ही एक हथियार बनाया है। कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर मोहित कुमार ने ANI को बताया कि गलवान स्टैंड ऑफ के बाद हल्के और कम जानलेवा हथियार बनाने के लिए कह गया था।

सेना के बहुत काम आएंगा 'वज्र'
कुमार ने बताया कि हमने पारंपरिक हथियारों से प्रेरणा लेकर कम जानलेवा हथियार बनाए हैं। एक हथियार का नाम 'वज्र' रखा गया है। इस डंडेनुमा हथियार में लोहे के कांटे लगाए गए हैं। इससे बुलेट प्रूफ गाड़ियों को पंचर भी किया जा सकता है। यह मुठभेड़ के समय सेना के काम आएगा। 'वज्र' से दुश्मन को बिजली का झटका भी दिया जा सकता है। एक बटन दबाने पर इसके कांटों में करंट दौड़ने लगता है। इससे दुश्मन सैनिक कुछ ही सेकेंड में बेहोश हो जाएंगे।

कंपनी ने बनाया 'सैपर'
वज्र के अलावा कंपनी ने जवानों के लिए एक खास दस्ताना भी बनाया गया है। इसे 'सैपर' नाम दिया गया है। इसमें एक पंच है, जिसे किसी को मारने पर करंट पैदा होता है, जो विरोधी को बेहोश करने में सक्षम है। ठंड में इसे दस्ताने की तरह भी उपयोग किया जा सकता है।

इन हथियारों से नहीं होगी किसी की मौत
मोहित कुमार ने बताया कि इन हथियारों का इस्तेमाल करने पर किसी की मौत नहीं होगी। इससे दुश्मन गंभीर रूप से घायल भी नहीं होगा, लेकिन झड़प होने पर दुश्मन कुछ ही देर में बेहोश हो जाएंगे। हथियार सिर्फ सुरक्षाबलों और लॉ इन्फोर्समेंट एजेंसियों को ही मिलेंगे।

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