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लद्दाख में तनाव खत्म होने का दावा:चीन ने कहा- LAC पर चीन-भारत के सैनिकों ने पीछे हटना शुरू किया, 9वें दौर की बातचीत में सहमति बनी थी

बीजिंग6 महीने पहले
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चीनी मीडिया के मुताबिक, मिलिट्री कमांडर लेवल की 9वें दौर की बातचीत में डिसइंगेजमेंट पर सहमति बनी थी। बुधवार से इस पर अमल शुरू हो गया। - Dainik Bhaskar
चीनी मीडिया के मुताबिक, मिलिट्री कमांडर लेवल की 9वें दौर की बातचीत में डिसइंगेजमेंट पर सहमति बनी थी। बुधवार से इस पर अमल शुरू हो गया।

चीन की सरकार ने बुधवार को दावा किया कि लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत के साथ 9 महीने से चल रहा टकराव खत्म हो गया है। चीन के मुताबिक, बुधवार को दोनों ओर से फ्रंटलाइन पर तैनात सैनिकों की एक साथ वापसी शुरू हो गई। इससे पहले, चीनी मीडिया ने भी दावा किया था कि पैगॉन्ग लेक के दक्षिणी और उत्तरी इलाके से भारत-चीन की सेना ने डिसइंगेजमेंट की प्रोसेस शुरू कर दी है।

हालांकि, भारत की ओर से इस मसले पर कोई बयान नहीं आया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को ईस्टर्न लद्दाख में अभी के हालात पर बयान देंगे। माना जा रहा है कि इसमें वे चीन के बयान पर भी जानकारी दे सकते हैं।

10वें दौर की मीटिंग जल्द होने की उम्मीद
चीन की मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के स्पोक्सपर्सन वू कियान ने बताया कि चीन और भारत के बीच हुई कमांडर लेवल की 9वें दौर की बातचीत में डिसइंगेजमेंट पर सहमति बनी थी। इसके तहत ही दोनों देशों ने अपने सैनिकों को पैंगॉन्ग हुनान और नॉर्थ कोस्ट से पीछे हटाना शुरू कर दिया है। इसके बाद चीनी विदेश मंत्रालय का बयान आया। स्पोक्सपर्सन वांग वेनबिन ने कहा कि रूस में हुई बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्री इस मसले का हल निकालने पर राजी हुए थे।

भारत और चीन के बीच 24 जनवरी को 9वें राउंड की बातचीत 15 घंटे चली थी। इसमें भारत ने कहा था कि विवाद वाले इलाकों से सैनिक हटाने और तनाव कम करने के प्रोसेस को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब चीन पर है। इस दौरान दोनों पक्ष कोर कमांडरों की 10वें दौर की बातचीत जल्द करने पर भी सहमत हुए थे, ताकि सैनिकों की वापसी का काम तेज हो सके। (पढ़ें पूरी खबर)

अप्रैल से आमने-सामने हैं सेनाएं
चीन और भारत की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में पिछले साल अप्रैल-मई से आमने-सामने हैं। जून 2020 में गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। चीन के भी 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे, हालांकि उसने कभी कबूल नहीं किया।

दोनों देशों के विदेश मंत्री और रक्षामंत्री भी इस मसले को सुलझाने के लिए बात कर चुके हैं। दोनों देशों ने लद्दाख के कुछ इलाकों से सेना हटाने पर सहमति जताई थी। इसके बावजूद सीमा विवाद का कोई हल नहीं निकल पाया।

20 जनवरी को हुई थी झड़प
20 जनवरी को दोनों देशों के सैनिकों में झड़प हुई थी। भारतीय सेना ने बताया था कि सिक्किम के नाकु ला में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हुए थे। दोनों सेना के कमांडर्स ने तय प्रोटोकॉल के तहत विवाद सुलझा लिया।

सूत्रों के मुताबिक चीन ने LAC पर घुसपैठ की कोशिश की थी। भारतीय जवानों ने रोका तो चीनी सैनिकों ने हाथापाई शुरू कर दी। भारतीय सेना ने इसका जवाब देते हुए चीन के सैनिकों को खदेड़ दिया। झड़प में चीन के 20 सैनिक घायल हो गए। भारत के भी 4 जवान जख्मी हुए थे। हालांकि, सेना ने किसी के घायल होने की जानकारी नहीं दी।

8 जनवरी को चीनी सैनिक पकड़ा गया था
8 जनवरी को चीन के एक सैनिक को भारतीय सीमा में घुसने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। घटना पूर्वी लद्दाख के पैगॉन्ग त्सो लेक के दक्षिणी हिस्से की थी। भारत ने 2 दिन बाद चीनी सैनिक को लौटा दिया था। चीन ने सफाई दी थी कि उसका सैनिक गलती से भारतीय इलाके में चला गया। इससे पहले अक्टूबर में भी चीन के सैनिक ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी।

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